लगता है भाजपा ने ED को राजनीतिक प्रतिशोध लेने के लिए अपना मनमाना हथियार बनाकर रख दिया है। ED न उनकी जाँच करती है जो विदेशों में अरबों-खरबों लेकर भाग गये और न ही उनकी जाँच-पड़ताल करती है जिन्होंने हज़ारों करोड़ का चूना बैंकों को लगाया। उल्टे भाजपा सरकार द्वारा फरेबियों के लाखों करोड़ों के बैंक लोन मा��़ कर दिये जाते हैं। तो फिर क्या ED विपक्ष के राजनीतिज्ञों के साथ केवल अमानवीय व्यवहार करने के लिए ही है। ये न भूलें कि इन ऊपरवालों के ऊपर भी कोई ऊपरवाला है जो इन अमानवीय व्यवहार करनेवालों के पाप का हिसाब-किताब लिख रहा है।
जज लोग अपनी जान पहचान वालों को जज बनाने का जो सिस्टम चला रहे हैं, उसकी जगह जब महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी ने परीक्षा और ऑल इंडिया ज्यूडीशियल सर्विस यानी अखिल भारतीय न्यायिक सेवा के ज़रिए जज बनाने की बात कह दी है तो कौन बदमाश हैं जो राष्ट्रपति महोदया की बात की अनदेखी कर रहे हैं।
सांसद न होने के बाद भी सरकारी बंगले में रह रहे नेताओं की लिस्ट..
- भाजपा लालकृष्ण आडवाणी (2019के बाद से किसी सदन के सदस्य नहीं ��ैं)
- भाजपा डॉ. मुरली मनोहर जोशी (2019 के बाद से किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं.
- बसपा सुप्रीमो मायावती (2017 के बाद से किसी सदन की सदस्य नहीं हैं)
- कांग्रेस के पूर्व दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद (किसी सदन के सदस्य नहीं हैं)
- कांग्रेस नेता आनंद शर्मा (अप्रैल 2022 में ही इनका राज्यसभा का कार्यकाल खत्म हो चुका है.)
-बीजेपी वाईएस चौधरी (अप्रैल 2022 के बाद से किसी सदन के सदस्य नहीं हैं)
और राहुल गांधी सदस्यता रद्द किए जाने के एक म���ीने के अंदर ही उनसे सरकारी आवास खाली करा दिया गया..!
#BSSC द्वारा नवनियुक्त पंचायत सचिव और राजस्व कर्मचारी को गृह जिला देने की माँग विधानसभा में शून्यकाल के दौरान उठाई गई!
जिला कैडर और अल्पवेतन भोगी पद होने के बावजूद इनकी पोस्टिंग घर ��े 200 से 500 किमी की दूरी पर की गई है! महिलाओं और विकलांगों तक को प्राथमिकता नहीं दी गई!
@Sandeep_Saurav_ संदीप सौरभ सर हम सभी स्टूडेंट के लिए बहुत मेहनत किए है लेकिन रामसूरत राय के एक अहंकारी निर्णय राजस्व कर्मचारी का जीवन अधर में धकेल दिया है हम सभी बहुत परेशान है गृह जिला जल्द से जल्द दिया जाए
बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ (गोप गुट) ने राज्य सरकार के समक्ष मांग रखा है कि राजस्व कर्मचारी संवर्ग नियमावली में आवश्यक संशोधन करते हुये उनके गृह जिला में पदस्थापन को अनिवार्य रूप से अंकित किया जाय और सभी नव नियुक्त राजस्व कर्मचारियों को उनको गृह जिला दिया जाय।
@Sandeep_Saurav_ अत्यंत ही कष्टकारी हो गया है जीवन
राजस्व कर्मचारी कि इस दुख भरी
समस्या को समझने के लिए आपका कोटि कोटि
आभार🙏❤️
एक ही दिल है कितनी बार जीतेगे सर 🌹
निवेदन है सर ...पंचायत सचिव और राजस्व कर्मचारी
दोनो के लिए सामूहिक प्रयास क��जिए🙏🙏🙏🙏
दोनो की समस्या एक है