कहानी ब्राह्मण की ... #मंतव्य
मैँ अपनी गाडीयों की पुजा कराने पास के मंदिर पहूँची और पंडीत जी से कहा मेरी दोनों मोटरसाइकल की अच्छे से पुजा कर दीजिए ! पंडीतजी ने खुब अच्छे से मंत्रोच्चार कर विधीवत् पुजा करा दी | पुजा समाप्त होने के बाद दक्षिणा की बारी आई तो मैने पंडीतजी की हथेली पर पैसे रखे और धन्यवाद कहा | पंडीत जी ने मुझे ऐसे देखा मानो कुछ गडबड़ ह��� गई | मै असहज हो गई मैने पुछ लिया कम है ! और कितने दूँ आप ही बताईए !
पंडीतजी ने हंसते हुवे कहा बिटीया कम नही ज्यादा है | यहाँ लोग सौ दौ सौ रुपए देते है और अपना काम चला लेते हैं l तुमने 1551 दे दिये ! कार वाले भी यहाँ 501 से ज्यादा नही देते !
चलो फिर तो ठीक है मैने आपको निराश नही किया l
बा��ों बातों मे पंडीतजी ने बताया कि वे युपी से हैं और Anthropology से ग्रेजुएट हैंl नौकरी नही मिली l पुजा पाठ से ही घर चल रहा है| मैने उन्हें बताया कि Anthropologist की तो बिदेशों मे बहुत मांग है आपको बिदेश चला जाना चाहीए था | वहाँ होते तो पुजा पाठ और जॉब दोनो के डॉलर मिलते ! खैर पुजा पाठ कर घर चल जा रहा है यह तो अच्छी बात है वरना लोग जिन्हें नौकरी नही मिलती वे गलत तरीके से पैसे कमाने लगते है|
मेरे बारे मे पुछा तो मैने बता���ा कि झारखंड की आदिवासी लड़की हूँ दिल्ली मे जॉब करती हूँ | मोटरसाइकल का बहुत शौक है |
पंडीतजी ने कहा कि दलितों और आदिवासियों के लिए सरकार बहुत कुछ करती है| हम लोगों के लिए कुछ नही करती | जिस नेता को देखो वह दलितो आदिवासीयों की बात करता है | ब्राह्मणों की कोई बात नही करता !
पंडीतजी कि बात मे सच्चाई थी | चाहे नेता सवर्ण हो या पिछड़ी जाति का जिसको देखो वह अपन�� भाषण मे पिछडे दलितो और आदिवासीयों की बात करता है सवर्ण की बात कोई नही करता !
पिछडे, दलित और आदिवासीयों के नेता अपनी जात बिरादरी के लोगों के लिए आवाज उठाते है, यहाँ तक की सवर्ण नेता , विधायक, सांसद भी अपनी बिरादरी को छोड़ दलित आदिवासी करते रहते हैं l
मेरा कहना है कि जब सवर्ण नेता दलितो और आदिवासीयों के हक के लिए आवाज उठा सकते हैं तो फिर दलित और आदिवासी नेता एक्टिविस्ट सवर्ण भाईयों के लिए आवाज क��यों नही उठा सकते ?
पंडीतजी की बात सही थी आखिर सवर्ण की बात कौन करेगा ?
( *उपरोक्त अत्यंत निजी विचार हैं l सहमती असहमती आपके विवेक पर निर्भर है! )
Jo bhagwan ko na smjha , wo vigyan ko bhi nhi smjh skta..inhe vigyan k khoj smjhni hai to Ajanta Ellora dekhe,Jagannath puri jaye aur bhi bhot se pairanik khoj ko hmare purvajo ne...ye mansik rogi h gurudev , kripya aise logo par dhyan dekar apni kripa na de inhe..