फुर्सत नहीं है
इंसान को इंसान से मिलने की *ख्वाहिशे रखता है
दूर बैठे भगवान से मिलने की
दरिया ने झरने से पूछा
तुझे समन्दर नहीं बनना है क्या?
झरने ने बड़ी नम्रता से कहा
बड़ा बनकर खारा हो जाने से अच्छा है
छोटा रह कर मीठा ही रहूँ
प्यारी-सी सुबह का प्यारा-सा प्रणाम
🙏🏻 #सुप्रभात🙏🏻
ये दुनिया जो रचे वो भगवान है
संकट जो दूर करे वो हनुमान है
जिससे रूठे ये सारा संसार है
बजरंगी करते उससे प्यार है.
🙏जय पवनसुत अन्जनी पुत्र हनुमानजी की🙏
🍀🍀😊सुप्रभात😊🍀🍀
🌹🌹आपका दिन शुभ हो🌹🌹