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यह रोज रोज हो रहा है कुछ सालों से! वर्तमान राजनैतिक भंवर औऱ एक जाने समझे दुष्चक्र में देश फंस गया है और एक खतरनाक खाई और गहरी सुरंग में धकेला जा चुका है!
समय ने इसे बनने दिया है और समय ही खत्म करेगा! लेकिन कब....??
इस बार लालकिले से संघ और भाजपा की " असली आजादी " के सपने की घोषणा होगी?
मानसून सत्र में कुछ विस्मयकारी कानूनों को पास कराया जायेगा हर हाल में?
आसार ऐसे ही हैं....!!
लकवाग्रस्त विपछ यह सब यह सब होते हुए देखता ही रह जायेगा....!
#तीसरीआंख
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1990 में ओशो पृथ्वी छोड़ चुके थे! यह बात वह उसके पहले कह चुके थे। यह राजनैतिक बात नहीं थी, एक सच्चाई थी और आज भी है और कुछ ज़्यादा ही है।
बाकी सोचना समझना करोड़ों लोगों का काम है, देश का काम है...
नृपेंद्र मिश्रा अफसरशाही के अति शक्तिशाली स्तंभ के रूप में रहे हैं, चाहे वह उत्तर प्रदेश में रहे हों या फिर केंद्र में!!
वह एक तरह से अफसरशाहों के " अति मानव " हैं। नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद वह उनके प्रधान सचिव बने।
वह उ प्रदेश के धुर विरोधी CM के प्रमुख भी रहे हैं..
......PWD के ठेकेदार द्वारा जबरिया चकमार्ग को निर्धारित जमीन से ज्यादा खोद कर लिया जा रहा है, जो सरकारी नियमो के विपरीत है। वह इसे अपने अपने फायदे के लिए ऐसा कर रहा है। इससे किसानों में दुख और गुस्सा दोनों है
कृपया इसे तत्परता से देखे- दिखवाएँ।
घनश्याम दुबे
वरिष्ठ पत्रकार लखनऊ
@CdoJaunpur महोदय मैंने एक हफ्ते पहले आपको फोन किया और जवाब न मिलने पर व्हाट्सऐप संदेश भी भेजा। लेकिन तब भी बात नहीं हो पाई!
मेरे गांव #रिकेबीपुर ब्लॉक #रामपुर के संपर्क मार्ग जो चकबंदी द्वारा निर्धारित जमीन पर वर्षो से बना हुआ है, उसको डामर युक्त करने के लिए सौ किसानों के...(1)
जिलों के प्रशासनिक अफसरों-- जिसमे DM, CDO और SP या SSP अपने CUG फोन उस पर भेजे गए व्हाट्सऐप संदेशों को न देखते हैं न बात करते हैं #जौनपुर । यह चिंतनीय और दुःखद है राजधानी के उन वरिष्ठ पत्रकारोम के लिए जिनका ताल्लुक अपने पैतृक जिलों से बना हुआ है..!
@spgoyal@CMOfficeUP
किसानों को इसका मुआवजा भी नहीं मिलता। यह उनकी मर्जी और उनके संपत्ति के अधिकार पर है। कई किसानों के पास एक ही खेत का छोटा सा टुकड़ा ही जिसका बड़ा हिस्सा उनसे छीना जा रहा है ठेकेदार और #ExnPWD जौनपुर की मिलीभगत से।
किसानों में दुख और गुस्सा दोनों है, जो किसी भी अप्रिय स्थिति..( 2 )
गांवों में निर्धारित चकमार्गों - संपर्क मार्गों को ममनमने ढंग से चौड़ा करने के लिए छोटे छोटे किसानों के खेतों से दोनों ओर जमीनें ठेकेदार द्वारा जबरिया खोदी जा रही है।
यह किस्सा ग्राम #रिकेबीपुर, ब्लॉक #रामपुर, तहसील #मड़ियाहूं जिला #जौनपुर में पिछले दिनों से जारी है...( 1 )
नरेंद्र मोदी @narendramodi संत या बुद्ध हो सकते थे! उन्होंने इस बड़ी संभावना को खुद ही नष्ट कर दिया। वह क्या से क्या हो गए...
दुखद और चिंतनीय यह भी है संघ @RSSorg भी असफल रहा और यह उसकी सबसे बड़ी असफ़लता है।
बात राजनीति सिस्टम से अलग है और मेरी यह व्यक्तिगत पीड़ा है...!!
भारतीय शेयर बाजार अर्थव्यवस्थता का आईना या पैमाना नहीं है!
यह अर्थव्यवथा का छोटा सा हिस्सा या आइसबर्ग जैसा है...
अर्थव्यवस्था का भरम या भुलावे जैसा ही है।।
जिज्ञासा: किसे चाहिए ईमानदारी? पत्रकारिता या दूसरे शब्दों में कहें, तो ईमानदार पत्रकारिता की ज़रूरत किसे है? पत्रकारों को, उनके संगठनों को, प्रेस क्लबों को, मीडिया-मालिकों को, राजनीतिक दलों को या आम जनता यानी पाठकों और दर्शकों को?https://t.co/yXxLyo3qLB
नीट पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान से विपछ और देश के लोग इस्तीफा मांग रहे हैं चिल्ला चिल्ला कर।
इनकी राजनैतिक चमड़ी बहुत मोटी है। इस पर नैतिकता का कोई पानी टिकता ही नही।
इनमें न दायित्व भाव है, न लाज और शर्म!
यह उस गिरोह के हिस्से हैं, जो सत्ता का भूखा है न कि जिम्मेदारी का!
प. बंगाल में भगवा लहराया! नामुमकिन को मुमकिन करती भाजपा!
राम से दुर्गा हारीं..!!
भाजपा घुसना जानती है, निकलना नहीं जानती।
यह नतीजा कई दच्छिन के राज्यों के लिए दहशत भरी चेतावनी या चौंका देने वाला एलर्ट है...
DM #jaunpur जिले के जिलाधिकारी एक राजा की तरह रहे! विशेष सचिव थे, फिर विशेष सचिव बना दिये गए।प्रमोटी थे!
उन्होंने प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री के तीन तीन बार कहने पर भी मेरी गांव की कठिन समस्याओं के बारे में फोन करने पर राजधानी के वरिष्ठ पत्रकार से कभी बात नहीं की!
नवागत DM का स्वागत।