#TeacherNotMachine@officecmbihar
शिक्षक सड़क पर रहेगा तो शिक्षा कैसे बचेगी?
दिनभर विद्यालय, फिर गैर-शैक्षणिक कार्यों का अंतहीन बोझ — आखिर कब तक?
अब शिक्षक चुप नहीं रहेगा।
हम सम्मान चाहते हैं, शोषण नहीं।
हर शिक्षक एकजुट हो, अपनी आवाज बुलंद करे।
✊ शिक्षक मशीन नहीं, इंसान है!
शिक्षक को मजबूर मत समझिए।
जिसने पूरे समाज को शिक्षित किया है,
वह अपने सम्मान और अधिकार की लड़ाई लड़ना भी जानता है।
✊ अब आवाज दबेगी नहीं।
#TeacherNotMachine
जब तापमान 44-45°C हो, तब लगातार फील्ड ड्यूटी किसी के भी स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है।
फिर भी शिक्षक बिना शिकायत व्यवस्था का हर बोझ उठा रहे हैं।
शिक्षक का सम्मान सिर्फ “गुरु” कह देने से नहीं होगा,
बल्कि अनावश्यक बोझ कम करने से होगा।
@BiharEducation_#TeacherNotMachine
@samrat4bjp@officecmbihar#TeacherNotMachine
शिक्षक सड़क पर रहेगा तो शिक्षा कैसे बचेगी?
दिनभर विद्यालय, फिर गैर-शैक्षणिक कार्यों का अंतहीन बोझ — आखिर कब तक?
शिक्षक मशीन नहीं, इंसान है!
#TeacherNotMachine
सरकार शिक्षकों पर अत्याचार करना बंद करें। शिक्षक भी इंसान है वह मशीन नहीं है इस बात को समझाना पड़ेगा। नहीं तो इतना ही काम लेना है तो सरकार के पास बहुत सारे विभाग हैं वहां से कर्मचारी की प्रति नियुक्ति करके जनगणना कार्य करवाए शिक्षकों को विद्यालय में ही रहने दे।
#TeacherNotMachine
सुबह 6:30 से 12:30 विद्यालय में अध्यापन कार्य करने के बाद जनगणना कार्य शाम तक करेगा तो शिक्षक फिर अगले दिन पढ़ाएगा क्या उसे थकान नहीं होती।
#TeacherNotMachine
विद्यालय अवधि के बाद जनगणना का कार्य थोपना अमानवीयता की पराकाष्ठा है!
हमारी कड़वी सच्चाई:
नींद और थकान: सुबह 6 बजे की ड्यूटी के लिए शिक्षक भोर में 4 बजे जागता है। 7-8 घंटे विद्यालय में मानसिक ऊर्जा खपाने के बाद क्या शरीर में इतनी शक्ति बचती है कि घर-घर जाकर