इनका नाम रियाजउद्दीन है लेकिन मेरा मन करता है कि इनका नाम फरिश्ता रख दूं।
क्योंकि इन्होंने जो काम किया है न वो सबके बस की बात भी नहीं है, बात छोड़िए ऐसी परिस्थिति में लोग अपनी दुकान बंद करके भाग लेते।
दिल्ली के जिस होटल में आग लगी थी वहीं सामने रियाजउद्दीन के गद्दे की दुकान है, जब आग लगी और लोग होटल से कूदने लगे तो
रियाजउद्दीन ने वहां अपनी दुकान के सारे गद्दे बिछा दिए जिससे 8-10 लोगों की जान बच गई, इसमें उनका लगभग 2 लाख का नुकसान भी हुआ, लेकिन
रियाजउद्दीन कहते हैं कि वो बहुत संतुष्ट हैं कि लोगों की जान बच गई।
जो रोज़ हिंदू और मुसलमान के नाम पर ज़हर घोलते हैं, नफ़रत फैलाते हैं - यह उनके लिए है
कल जब दिल्ली में आग लगी तो इन लोगों ने अपनी जान की बाज़ी लगा कर बहुत सारे लोगों को बचाया
अरमान
शोएब
सलाउद्दीन
इसरार
वसीम रजा
मुस्तकीम
मोहम्मद वकार
मोहम्मद अफ़ज़ल
मोहम्मद अनीश
रियाजुद्दीन