Important announcements from CJP spokespersons about tomorrow’s protest demanding Education Minister Dharmendra Pradhan’s resignation at Jantar Mantar.
Send it to all your friends and family members who are joining you at the protest!
अध्यापक अभिनय ने इंडिया टुडे के कोर्स में फ्रॉड भी दावा किया है।
अब पोल खुल ही रही है तो सबका नम्बर आएगा।
लगता है अंजना ने मधुमक्खी के छत्ते में हाथ दे दिया।
भाई के हिम्मत को सलाम🫡
"आप पेड़ लगाने की बात करते हैं, लेकिन ज़मीन पर हो रही अवैध पे��़ कटाई पर चुप क्यों हैं?
ये वीडियो आपको कोई भी गोदी मीडिया नहीं दिखाएगी। डिलिट होने से पहले जल��दी देखो, RT करलो।
दिल्ली के फरिश्तों से मिलिए.
अरमान
शोएब
सलाउद्दीन
इसरार
वसीम रजा
मुस्तकीम
मोहम्मद वकार
मोहम्मद अफ़ज़ल
मोहम्मद अनीश
रियाजुद्दीन
गोविंद कुमार
शिवानी
और कुछ नाम , जो मैंने आज अखबारों में पढ़े हैं .
ये सब दिल्ली के फरिश्ते हैं , जिन्होंने मालवीय नगर इलाके के होटल में आग लगने के बाद फंसे कई लोगों की जान बचाई.
इन सबको सलाम किया जाना चाहिए.
पूरा वीडियो मेरे यूट्यूब चैनल पर
मोदी जी, कुर्सी स्थायी नहीं होती है वो आती-जाती रहती है लेकिन आपने 12 वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को जिस हद तक बर्बाद किया है
उसकी कीमत भारत की एक पूरी युवा पीढ़ी चुक��� रही है : राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष
अगर बिजली चोरी रोकने के लिए सरकार स्मार्ट मीटर लगता सकती हैं तो हर बच्चे को अच्छी शिक्षा देने के लिए
स्मार्ट स्कूल और हर नागरिक को बेहतर इलाज देने के लिए स्मार्ट हॉस्पिटल क्यों नहीं ���नवा सकती?
देश सिर्फ डिजिटल ही नहीं… शिक्षित और स्वस्थ भी होना चाहिए।
आपकी क्या राय है? Comment में बताइए 👇
पहाड़ी महिलाएं जब लकड़ी - घास लेने जंगल जाती हैं, तो पुलिस उन्हें उठा कर थाने में बंद कर देती है।
और जब जंगल में आग लगती है तो वन अधिकारी आदेश देता है — “आग में कूद कर आग बुझाओ, नहीं तो एक साल की जेल होगी!” 😡
#उत्तराखंड#5thSchedule
दिल्ली, जहांगीरप��री
बकरीद के दिन 26 वर्षीय मुस्लिम युवक मोहम्मद अरबाज़ की चाकू मारकर हत्या कर दी गई!
मृतक अरबाज़ के भाई को सुने-
"ईद के दिन, मेरे भाई ने या फिर उसके दोस्त सलमान ने, एक लड़के को दुकान से सिगरेट लाने को कहा!
इस पर लड़के ने कहा, ‘मैं तेरे बाप का नौकर हूं क्या’
इसके बाद अरबाज़ ने बच्चे को कहा, ‘कोई बात नहीं बेटे, तुम बच्चे हो, हम तुमसे कुछ नहीं कह रहे, तुम जाओ’
फिर उस लड़के ने अपने भाइयों ‘चीमा, सौरभ और अन्य को ले आया’
मेरे भाई अरबाज़ ने मामले को शांत करने की कोशिश की और माफी मांगी!
पर उनका इरादा मेरे भाई को जान से मारने का था और वे सभी हाथों में चाकू लिए आए थे!
और उन लोगों ने मेरे अरबाज़ की चाकू मारकर हत्या कर दी!
सौरभ उनमें मुख्य आरोपी था, लेकिन पुलिस ने उसे छोड़ दिया है!
मेरे अस्पताल पहुंचने के 10-15 मिनट बाद मेरे भाई की मौत हो गई"
नफरत ही तो है ये!
मुस्लिम के प्रति नफरत इस सरकार ने बढ़ाई है!
देश को बर्बाद कर दिया है इस नफरती सरकार ने!
कोई मीडिया इसपर छाती नहीं पीट रही!
मुस्लिम युवक की हत्या पर कोई आक्रोश नहीं!
दुनिया के टॉप 10 मंदिरों में से 8 मंदिर और टॉप 10
मस्जिदों में से 3 मस्जिद हमारे देश भारत में है
मगर दुनिया की टॉप 300 यूनिवर्सिटियों में से एक
भी यूनिवर्सिटी हमारे भारत ���ेश में नहीं है
अनपढ़ रहेगा इंडिया,
तभी तो अंधभक्त बनेगा इंडिया
युवाओ जितना जल्दी समझोगे उतना अच्छा होगा
कॉकरोच आर्मी तुम्हारे साथ है बस तुम हक के लिए
लड़ना सीखो, आवाज़ तो उठाओ
ये लँगड़ाते हुए मुस्लिम बुज़ुर्ग ही इस लँगड़ाते लोकतंत्र की असली तस्वीर है। देश का एक क़ानून बताइये जहाँ नेता की आलोचना करने पर पुलिस को अधिकार हो कि वो थाने में ले जाकर पिटाई करे और बेशर्मी के साथ वीडियो बनाये।
A woman named Padma Shree from Mysore has uploaded a video where she filmed branding a group of people as 'illegal Bangladeshi immigrants' without producing any proof. In the video, the people being filmed repeatedly say they are Indians from Assam, yet their words are ignored while they are publicly humiliated and branded as 'Illegal Bangledeshis'.
Is this now normalised? To randomly target, record, and vilify people based on appearance and language? Such vigilantism can endanger innocent citizens and fuel hatred against people from the Northeast and Bengali speaking communities.
If someone is suspected of violating the law, authorities exist to investigate. Not social media mobs.
C.C: @SPmysuru@DgpKarnataka@KarnatakaCops@assampolice
जिस 'सेना' का काम दुश्मनों से देश की रक्षा करना है, आज उसे मोदी सरकार के अपने भ्रष्टाचार से बच्चों के पेपर बचाने भेजा जा रहा है
: राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष
ईद के रोज मस्जिद/ईदगाह में जगह कम होने की वजह से कुछ नमाज़ी सड़क तक आ जाया करते थे, लेकिन भाजपा सरकारों को यह बर्दाश्त नहीं हुआ। वही भाजपा सड़क रोक कर बीच सड़क पर मंच लगा लेती है, इससे यातायात बाधित नहीं होता। यह दोगलापन की पराकाष्ठा है। सारे नियम क़ानून सिर्फ ‘दूसरों’ के लिए हैं?