'घर की छत और आंख के आंसू हमने एक साथ टपकते देखा'
प्रतापगढ़ रामपुर विधानसभा क्षेत्र के ननौती ग्राम सभा के संतोष कुमार मिश्रा, अपने कुल 10 परिवार के सदस्यों के साथ मुश्किल भरी जिंदगी जी रहा हैँ ।
Congress के प्रमोद तिवारी का पूरा खान दान यही से विधायक है 40-50 सालों से..
आंदोलन के पहले ही दिन इतनी भीड़ 🔥
यूजीसी के काले क़ानूनों और जातिगत आरक्षण के ख़िलाफ़ जनता में व्यापक आक्रोश है, ये आंदोलन इतिहास लिखेगा !
#ReservationReformSatyagarh
#इंडोनेशिया कल भी था। इंडोनेशिया आज भी है।
इंडोनेशिया कल भी रहेगा।
#भारत कल भी था, आज भी है और कल भी रहेगा!
पर यह इंडोनेशिया हमें आज तक ना दिखा। क्यों? क्योंकि हम भारतवासियों के पास #नेतृत्व नहीं था। स्वतंत्रता के बाद से अनाथ हो रखे भारत को पहली बार #नेतृत्व मिला।
इंडोनेशिया ने भारत को खोजा। भारत ने इंडोनेशिया को खोजा।
आभार प्रधानमंत्री @narendramodi जी!
ये है David Navel
एक German नागरिक
गुजरात में घूमते हुए David को एक कुत्ता काट लेता हैं
David को बहुत चिंता हुई कि पता नहीं इलाज का कितना खर्च आएगा
जब इनको सूरत के Govt. Hospital में Titanus और Rabies के इंजेक्शन लगे तो इन्होंने Doctor से बिल मांगा
तब डॉक्टर ने बताया कि भारत में Rabies का इलाज मुफ़्त में होता है तो ये हैरान हो गए
क्योंकि Germany में रेबीज के इलाज का खर्च $11,500 (यानि लगभग ₹11 लाख) रुपये आता हैं
फिर इन्होंने Vlog बनाकर भारत की चिकित्सा व्यवस्था की खूब तारीफ की
आपको ये सुनकर गर्व तो हुआ ही होगा ना❓
बिहार के भरत तिवारी हत्याकांड मामले में सभी समाज के लोग आवाज़ उठा रहे है। एक दलित महिला भरत को भगवान बोल रही थी। अब यह पासवान चाचा रो रहे हैं
इससे इतना समझ आ रहा कि समाजसेवी भरत तिवारी ने ग्रामीणों के लिए बहुत कार्य किए है। यह किसी एक समाज का नहीं बल्कि सर्व समाज का मामला है।
अगर जरा भी शर्म बची हो तो चुल्लुभर पानी लेकर उसमें डूब मरो @samrat4bjp
अंतिम यात्रा देख लीजिए एक मानसिक विक्षिप्त और खूंखार अपराधी की..ऐसा खूंखार अपराधी जैसा भारत के इतिहास में अभी तक कोई नहीं हुआ था..जिसको तुरंत न मारा जाता तो न जाने कितने बड़े बड़े अपराध इस धरती पर हो जाते, ऐसे अपराध जो आज तक किसी ने देखे और सोचे तक नहीं होंगे..इसलिए उसका तुरंत मर जाना बहुत जरूरी था..
है न!
ओ तिवारी प्लेट उठा देना….होटल मालिक ने जब वेटर का काम करने वाले तिवारी जी को बुलाया तो गले में माला, हाथ में कलावा और कड़ा पहने, शिखा धारण किए तिवारी जी शालीनता से आए और अपना काम करने लगे।
चेहरे पर कोई शिकन नहीं, शोषण का कोई रोना नहीं, किसी के प्रति कोई पूर्वाग्रह नहीं, बस “कर्म ही पूजा है” की भाँति अपना काम करने लगे। पूछने पर बताया कि बच्चे को पढ़ाते हैं, इसलिए डबल ड्यूटी काम करके घर चलाना और बच्चे को पढ़ाना पड़ता है। होटल मालिक की भी तारीफ किए कि वो मदद करते हैं।
कोई भी काम, कोई भी करे, वो छोटा नहीं होता। इंसान मेहनत परिश्रम करेगा तभी विकसित होगा। लेकिन दुख और अफसोस इस बात का कि ऐसे गरीब परिवार भी क्या सरकार की नजरों में करोड़पति हैं? इनके बच्चों को पढ़ाई में स्कालरशिप क्यों नहीं मिलती?
सवाल उनसे भी जो एक समाज पर अभद्र टिप्पणी कर ऐसे कामगारों का अपमान करते हैं।
असम के लखीमपुर में बोहाग बिहू के पहले दिन मनाया गया गोरू बिहू, जहां लोगों ने पूरे उत्साह और परंपरा के साथ अपने पशुओं का सम्मान किया।
इस खास अवसर पर, जिसे किसानों के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक माना जाता है, ग्रामीणों ने अपने हल जोतने वाले बैलों और दुग्ध देने वाली गायों विशेष रूप से पूजनीय "खिराती" गायों को स्नान कराकर, साफ-सफाई कर, उनकी सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।
यह परंपरा मानव और पशुओं के बीच गहरे संबंध, कृतज्ञता और प्रकृति के प्रति सम्मान को दर्शाती है।
#BohagBihu #GoruBihu #Assam #IndianCulture #FestivalOfIndia
1. आर्यभट्ट का जन्म 14 अप्रैल 476 ईस्वी में हुआ था।
2. वे भारत के महान गणितज्ञ और खगोलशास्त्री थे।
3. उन्होंने पाई (π) का मान निकाला और शून्य (0) तथा दशमलव प्रणाली के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
4. उनकी प्रसिद्ध पुस्तक का नाम आर्यभटीय है।
#आर्यभट्ट_जयंती