@ChandraLowkesh@suryapsingh_IAS चौथी पास तो राजा बन गया.. पढ़ा लिखा पप्पुओं कि गुलामी में ट्वीट कर रहा है, क्या फायदा ऐसी पढ़ाई का जो गुलामी करनी पड़ रही है
@suryapsingh_IAS पढ़ लिखकर भी रोज ट्वीटर पर फालतू बकवास ही करनी पड़े तो ऐसी पढ़ाई औऱ पद का क्या फायदा... एक फर्जी ias है जो रोज अपने आका की गुलामी में ट्वीट करता है।
अब उसे पढ़ा लिखा माने या गधा जो बस मालिक का बोझ ढो रहा है।
गुजरात के मोरबी में सस्पेंशन ब्रिज टूटा, 400 लोग नदी में गिरे, 60 लोगों की मौत:
छः महीने से बंद पुल रेनोवेशन के बाद दिवाली के एक दिन बाद खुला था।
"सभी दिवंगतों को श्रद्धांजलि" 💐💐
#CableBridge#Gujarat
एक तरफ हम "गरीबों" से दीप-कलश व मिट्टी के सामान खरीद उनकी दिवाली खुशियों वाली दीवाली बनाना चाहते है वही लखनऊ के गोमतीनगर में पत्रकारपुरम में एक महिला ने वहां लगी गरीबों की दुकानों में रखे मिट्टी के सामान को डंडों से तोड़ दिया। 😠
"स्वस्तिक बनाने का सही तरीका व अर्थ"
स्वस्तिक अत्यन्त प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति में मंगल-प्रतीक माना जाता रहा है। इसीलिए किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले स्वस्तिक चिह्न अंकित करके उसका पूजन किया जाता है।
"स्वस्तिक बनाने का सही तरीका व अर्थ"
स्वस्तिक अत्यन्त प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति में मंगल-प्रतीक माना जाता रहा है। इसीलिए किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले स्वस्तिक चिह्न अंकित करके उसका पूजन किया जाता है।
"स्वस्तिक बनाने का सही तरीका व अर्थ"
स्वस्तिक अत्यन्त प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति में मंगल-प्रतीक माना जाता रहा है। इसीलिए किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले स्वस्तिक चिह्न अंकित करके उसका पूजन किया जाता है।
"स्वस्तिक बनाने का सही तरीका व अर्थ"
स्वस्तिक अत्यन्त प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति में मंगल-प्रतीक माना जाता रहा है। इसीलिए किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले स्वस्तिक चिह्न अंकित करके उसका पूजन किया जाता है।
"स्वस्तिक बनाने का सही तरीका व अर्थ"
स्वस्तिक अत्यन्त प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति में मंगल-प्रतीक माना जाता रहा है। इसीलिए किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले स्वस्तिक चिह्न अंकित करके उसका पूजन किया जाता है।
"स्वस्तिक बनाने का सही तरीका व अर्थ"
स्वस्तिक अत्यन्त प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति में मंगल-प्रतीक माना जाता रहा है। इसीलिए किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले स्वस्तिक चिह्न अंकित करके उसका पूजन किया जाता है।
"स्वस्तिक बनाने का सही तरीका व अर्थ"
स्वस्तिक अत्यन्त प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति में मंगल-प्रतीक माना जाता रहा है। इसीलिए किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले स्वस्तिक चिह्न अंकित करके उसका पूजन किया जाता है।
"स्वस्तिक बनाने का सही तरीका व अर्थ"
स्वस्तिक अत्यन्त प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति में मंगल-प्रतीक माना जाता रहा है। इसीलिए किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले स्वस्तिक चिह्न अंकित करके उसका पूजन किया जाता है।