Gen-Z तो हाथ धोकर राहुल गांधी जी के पीछे पड़ गया है! 😄
Instagram हो, X हो या बाकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म — हर जगह "Jhoot Ki Goonj" ट्रेंड करती दिख रही है।
मीम्स, रील्स और कमेंट्स की बौछार ने ऑनलाइन माहौल पूरी तरह बदल दिया है। लगता है इस बार Gen-Z ने राहुल गांधी जी को अपना फुल-टाइम कंटेंट बना लिया है! 🤘🔥
#RahulGandhi #GenZ #SocialMedia #JhootKiGoonj
इस देश में बेरोजगारी की हालत देखनी हो तो कल का KBC एपिसोड जरूर देखिए। यह आपको सोचने पर मजबूर कर देगा।
हॉट सीट पर पहुंचा विवेक दिहाड़ी मजदूरी करता है। उसके पिता और मां भी मजदूरी करते हैं। विवेक के ₹1 लाख जीतने पर अमिताभ बच्चन ने उसके पिता से पूछा—“अब तो खुश हैं?”
पिता ने हाथ जोड़कर कहा—“अगर यहां बैठे किसी व्यक्ति के पास मेरे बेटे के लिए छोटी-सी भी नौकरी हो, तो दे दीजिए। जिंदगी भर दुआ करेंगे।”
यह अपील सुनकर अमिताभ बच्चन ने भी दर्शकों से विवेक को नौकरी देने की अपील की।
पूरे संवाद के दौरान विवेक सिर झुकाए बैठा रहा।
सोचिए, जो युवा अपने ज्ञान के दम पर KBC की हॉट सीट तक पहुंच सकता है, उसे इस देश में एक छोटी-सी नौकरी के लिए भी अपील करनी पड़ रही है। यही तस्वीर हमारी बेरोजगारी की हकीकत दिखाती है।
@Rajesh_yadav_91 Nehru was supervisor at this construction site or an engineer who designed it??? The failures or success is mainly because of people working on the project. Take people with ZERO marks and try to build a Nation, you can witness the outcome.
हेलो कृति सेनन… ये होता है रक्षाबंधन का एड
समस्या @kritisanon के कपड़ों से नहीं है, जो चाहो पहनो
समस्या हिंदू त्यौहारों को चंद पैसों के लिए बदनाम करने के एजेंडे से थी
भाई बहन के प्यार का एड बिना कुत्ते और फूहड़ता के भी बनाया जा सकता है
Thanx @amazonIN
यह आईआईटी मद्रास की वह निगोड़ी Gen-Z बिटिया है, जिसने वर्तमान भारत के #लोकतांत्रिक_नबी प्रातः स्मरणीय Rahul Gandhi के अंतिम पैगाम को #बे_सिरपैर का बताते हुए https://t.co/dlubWMhqdd वेबसाइट शुरू की है।
जाकर राहुल गांधी की एक सभा में शामिल हो गई। सभा का नाम था 'छात्रों की गूँज'
सभा से लौट कर उसने जो सुना, उन विषयों पर खोज शुरू की। फिर जो भी पाया, उस को उसने एक वेबसाइट का रूप दे दिया।
इस कमबख्त काफिर बिटिया का कहना है..
■ राहुल गांधी के छात्रों की गूँज के चार कार्यक्रम में किए गए 40 Claims का फैक्ट चैक इस वेबसाइट ने किया।
■ पाया के 40 में से 29 Claim Fake हैं और 11 Misleading। यानि के एक भी बात सत्य नहीं।
कैसे संभव है, काफिरों के #नबी की एक भी बात गलत हो? आप बताओ मुमकिन है?
आदरणीय राहुल जी जो भी कहते हैं, वो परवरदिगार के लफ्ज होते हैं। राहुल जो के अपने नहीं। राहुल जी को तमाम जानकारी, इल्म #खुफिया_गुफा में खुद #सातवें_आसमान में रहनी वाली ताकत ने दिया। वो ताकत, जो इस कायनात को बनाने वाली शक्ति है। जो सिंहासन पर बैठती है, तलवार से चांद के टुकड़े करने की हैसियत है उसके पास।
हमारे लोकतंत्र के नबी को झूठा बोलने की एक ही सजा है, इस बिटिया का आई फोन छीन लिया जाए। यह जरूर #संघी है। यदि यह नहीं तो पक्का जानिए, इसके पिता संघी होंगे।
लिंक: https://t.co/GmqoeU8N3l
@RealpushprajX Make Education totally free for everyone with good facilities and Faculty who are employed on merit and not on reservation. It should be be free for full Education with a cut off at appropriate age. No need of reservation at all.
B S F के डिप्टी कमाण्डेन्ट और राष्ट्रपति द्वारा गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित रहे कोटा राजस्थान के सुभाष शर्मा जी जब कारगिल युद्ध मे देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए थे,
तब उनके पीछे छूट गए थे उनकी पत्नी बबीता शर्मा और 9 महीने का बेटा क्षितिज।
उनके लिए ये एक त्रासदी से कम नही था। बच्चे को तो अभी पिता का मतलब भी नही पता था।
सामान्यतः एक दुधमुँहे बच्चे के साथ अकेली औरत जीवन के संघर्षों में दम तोड़ दे। पर बबीता शर्मा की अदम्य इक्षाशक्ति और समर्पण के आगे नियति ही उनकी मार्गदर्शक और सहायक बन गयी।
तब से लेकर अब तक 22 वर्ष बीत गए, बबीता जी की आंखों में उनका कमिटमेंट हर पल जीवित रहा।
पति के शहीद होने पर किया गया उनका प्रण कुछ दिनों पहले तब साकार हो गया जब उनका 22 वर्षीय बेटा क्षितिज IMA देहरादून से आर्मी ऑफिसर बन के निकला।
क्षितिज उन्ही वादियों में देश की रक्षा में तैनात होंगे जहां कभी उनके वीर पिता की बंदूकें गरजती थीं।
बबीता शर्मा जी को उनके समर्पण और इस देश के लिए किए गए बलिदानों के लिए शत शत नमन है। ऐसी वीरांगनाओं और वीर माताओं की वजह से ही-
"•••••हस्ती मिटती नही हमारी, सदियों रहा है दुश्मन दौरे जहां हमारा "
🇮🇳 ((जय हिंद जय भारत)) 🇮🇳