फिर जाड़ा आया फिर गर्मी आई
फिर आदमियों के पाले से लू से मरने की खबर आई :
न जाड़ा ज्यादा था न लू ज्यादा
तब कैसे मरे आदमी
वे खड़े रहते हैं तब नहीं दिखते,
मर जाते हैं तब लोग जाड़े और लू की मौत बताते हैं
-रघुवीर सहाय
जयपुर @RSSorg के स्वयंसेवकों के पथ संचलन
संघ के स्वयंसेवकों ने समाज को दिया मैसेज।।।
एक मंदिर, एक कुआं एक श्मशान से सामाजिक समरसता का दिया मैसेज।।।
समाज को एक रहना तो जातिवाद का खत्म करना होगा, सम्पूर्ण हिंदू समाज को एक रहने की जरूरत है।।
@BharatRaftarTV