यह महिला कभी शर्मिला टैगोर थी लव जिहाद में पड़कर इसका नाम बेगम आयशा सुल्तान हो गया
और आपको विश्वास भी नहीं होगा कि यह महिला रविंद्र नाथ टैगोर के सगे छोटे भाई की पोती है
अब देखिए लव जिहाद में पड़ने के बाद लड़कियों का किस कदर ब्रेनवॉश कर दिया जाता है कि अब इस महिला को वंदे मातरम से दिक्कत हो गई
यह वंदे मातरम को नफरती बता रही है और कह रही है कि हम वंदे मातरम नहीं जाएंगे
अभी कुछ दिन पहले इसकी बेटी ने बताया था कि मेरी मां घर से सभी देवी देवताओं की मूर्तियां मंदिर हटा दिए थे और हम लोग भगवान का नाम ना लें इसका विशेष ध्यान देती थी
Ahmedabad Municipal Corporation has directed 11,123 restaurants and food establishments to install CCTV cameras in their kitchens and display live footage on screens accessible to customers.
Dirty kitchens can no longer stay hidden!
Every city should imitate such steps.
@SupriyaShrinate Will Rahul Gandhi ever stage a protest for the 1200 cops who got injured by those CJP stone-pelting thugs in Delhi?
Why does he always crawl into bed with Kashmiri & Delhi stone-pelting criminals instead of standing with the men in uniform who actually protect the country?
कांग्रेस द्वारा वंदे मातरम का सम्मान करने से औपचारिक रूप से न केवल इंकार करना, बल्कि सीधे सीधे विरोध करना, अत्यंत दुर्भाग्य जनक और संवैधानिक दृष्टि से बहुत गंभीर विषय है। भारत के संविधान के अनुसार, संसद देश का सर्वोच्च संस्था है और संसद से पारित कोई भी क़ानून हर व्यक्ति के लिये बाध्यकारी है।
यदि कोई इसे मानने से मना करता है तो निश्चित रूप से संविधान के प्रति उनकी निष्ठा संदेह के घेरे में आ जाती है और यदि राष्ट्र गीत का सम्मान करने से कोई मना करता है, तो उसकी देशभक्ति पर भी सवालिया निशान लग जाता है।
कांग्रेस 1937 के जिस प्रस्ताव की बात करती है, वह कांग्रेस ने मुस्लिम लीग की कट्टरपंथी मांगो के आगे नतमस्तक होकर पारित किया था और उसका ख़ामियाज़ा भविष्य में देश को विभाजन के रूप में देखना पड़ा।
कट्टरपंथी तत्वों के आगे समझौता करना, हमेशा देश के लिए घातक साबित हुआ है, और आज कांग्रेस जब कट्टरपंथी तत्वों के आगे उसी प्रकार समर्पण कर रही है, तो यह देश के भविष्य के लिए एक गंभीर खतरे के संकेत हैं।
मैं मानता हूँ कि कांग्रेस का यह निर्णय सवर्था असंवैधानिक और निंदनीय है साथ ही राजनैतिक दृष्टि से भविष्य में एक गंभीर संकट को पैदा करने वाला है। वंदे मातरम का विरोध करके कांग्रेस ने अपने नासमझी भरे खतरनाक इरादों को देश के सामने बता दिया है।
ये अधूरी कहानी है राजू भाई ,
कहानी की शुरुवात सुबह 8 बजे हुई थी, जब 6-7 कॉकरोच वहाँ गये थे!
तब गाँव वालों ने प्रेमपूर्वक समझा दिया था कि 2024-25 में सरकार ने स्कूल की बिल्डिंग को डेमेज घोषित करके दूसरी स्कूल में शिफ्ट कर दिया था!
लेकिन हमारे बच्चो को दूरी की वजह से हमने खुद वैकल्पिक व्यवस्था करके स्कूल को यही रखा है!
अब सरकार ने स्कूल रिपेयर के लिए फण्ड दे दिया है कुछ हम लोग सहयोग करके मानसून के बाद पूरी बिल्डिंग दोबारा बनाएंगे !
इसलिए यहाँ राजनीति मत करो, यहाँ से चले जाओ!
इस पर कॉकरोच ग्रामीणों को धमकी देने लगे, अभी हमारे आदमी आ रहे है देखते है हमे कौन रोकता है!
थोड़ी देर बाद आशुतोष रांका बीसियों गाड़ियों में गुंडे भरकर वहाँ पँहुचा, ग्रामीणों के मुताबिक उनके पास हथियार भी थे!
गाँव वाले भी रास्ते पर इक्कठा हो गए कि देखते है कौन बाहर से आकर हमारे बच्चो को राजनीति का हथियार बनाता है?
उसके आगे की कहानी वीडियो में दिख रही है, किस तरह ग्रामीणों के विरोध के बावजूद कॉकरोच दादागिरी कर रहे है!
ग्रामीण युवा किसानों को गुंडा कहने में तुम्हें शर्म आनी चाहिए। गुंडे तो वे लोग हैं जो, गांव में घुसकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने चाहते है। गुंडों से ग्राम सुरक्षा का अधिकार और परंपरा वर्षों पुरानी है।
Total rubbish. How are you justifying mob of outsiders coming to a school where the children of villagers study? Are the children’s safety and security not important? Can an outside mob be allowed to break into any school? Stop make a fool of yourself like this and creating fake narratives.
Total rubbish. You had no business talking a mob to go to a school with young children. The villagers were right in coming together to protect their children. The safety and security of students is paramount not an outside mob.
If you folks were true, 2 or 3 will visit, talk politely and do a full study not lead a mob to do anarchist publicity. The villagers have a right to defend their children. @republic@CNNnews18@TimesNow@RShivshankar@navikakumar
श्रीमान @AshutoshRanka जी
आप जिस कांग्रेस पार्टी के टूल हो , उस कांग्रेस सरकार की तुलना में भाजपा की सरकार ने केवल दो वर्षों में राजस्थान में शिक्षा पर 500 करोड़ से ज़्यादा खर्च किया है
और एक ओर बात भी है , आपके प्रिय नेताओं श्रीमान गहलोत जी , जूली जी , डोटासरा जी ने अपने विधायक कार्यकाल में अपने विधायक फंड से 5 प्रतिशत राशि भी शिक्षा भवनों या संसाधनों पर खर्च नहीं की है , इसका शर्मनाक विवरण भी आंकड़ों के साथ बता रहा हूँ
अब आप उनकी B टीम बन गए हो , तो अपने एजेंडा से , कम से कम राजस्थान को बख्शिये
“तू कौन-सा कद्दू पर तीर है, जो तुझे इंस्पेक्शन के लिए बुलाया गया, तेरा नेता ख़ुद अपनी degree तक दिखा नहीं पा रहा है”
कॉकरोचों को क्यों कूटा ?
Abhijeet Iyer Mitra ने बताया।
Podcast Premiere 7PM
TAP YT Channel
25 दिन से रांची में आंदोलनरत छात्रों ने अपने साथ हुई वादा खिलाफी और धोखे के विरोध में आज झारखंड के सभी जिलों में हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने का आह्वान किया था। लेकिन रांची, हजारीबाग, गिरिडीह समेत कई जिलों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर झामुमो-कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस प्रशासन द्वारा मारपीट की खबरें सामने आई हैं।
क्या यही है हेमंत सोरेन की ‘लोकतांत्रिक’ सरकार?
जिस सरकार से न्याय की उम्मीद थी, वही छात्रों की आवाज़ दबाने के लिए बल प्रयोग कर रही है।
और सबसे बड़ा सवाल परीक्षा रद्द करने के फैसलों पर है। सरकार द्वारा रद्द की गई परीक्षाओं के खिलाफ मामलों में हाई कोर्ट लगातार रोक लगा रहा है। आरोप है कि सरकार अदालत में अपने फैसलों का ठोस बचाव तक नहीं कर पा रही, सरकार के वकील दलील देने के बजाय मौन बैठे हैं।
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद कीजिए। दमन नहीं, जवाब दीजिए।
जंतर मंतर तो खाली करा लिया जाएगा लेकिन बिना किसी रिव्यू के अंधाधुंध दिए जा रहे आरक्षण को लेकर जो विरोध लोगों के मन में भर चुका है वो मन से ख़ाली कैसे होगा?
लेकिन पता है कि कोई पार्टी इसपर चर्चा तक को तैयार नहीं होगी। लिख के ले लीजिए।
Rajasthan’s schools are not launching pads for political careers. Locals reject the harassment of children for CJP’s political agenda. These people have zero authority to inspect any school and brought 250 outside goons to heckle resisting villagers.
When 23 papers leaked every year in Rajasthan, the same CJP activists stood with the Congress that caused those leaks. Congress bequeathed this broken system, yet they refuse to admit it. In India, every movement becomes Congress’s B team—first AAP, now CJP.
That person has pictures with BJP leaders, so he’s a BJP member.
Ranka wore AAP cap, was official AAP Rajsthan spokesperson, and proudly flaunts pictures with Kejriwal, yet somehow, he’s just a “student leader,” not an AAP leader.🤡🤡