@epanchjanya भारत ने श्रीलंका को 38,000 मीट्रिक टन पेट्रोलियम दिया — यह सिर्फ मदद नहीं, एक मजबूत रणनीति है। जब पड़ोसी संकट में होता है, तब सहायता करना मानवता है।
लेकिन सही समय पर सही कदम उठाना — कूटनीति है।
भारत ने यह साबित किया है कि
वह सिर्फ ताकतवर देश नहीं, बल्��ि भरोसेमंद साथी भी है।
@ABPNews अगर नाम बदलना ही है तो केवल राजनीतिक कारणों से नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आधार पर होना चाहिए।
महाभारत काल में इस क्षेत्र को “वंग” कहा जाता था�� ऐसे में “वंगप्रभा” जैसा नाम अधिक उपयुक्त लगेगा — जो प्राचीन गौरव, सांस्कृतिक पहचान और आधुनिक सकारात्मक छवि तीनो�� को दर्शाता है।
@RahulGandhi हर अंतरराष्ट्रीय दस्तावेज़ को तोड़-मरोड़ कर पेश करना राजनीति नहीं, भ्रम फैलाना है।
अगर “Epstein files” में किसी का नाम संदर्भ में है तो उसका आधिकारिक प्रमाण दीजिए।
और याद रखिए — कानून सबके लिए समान है। चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष।
@Aloksharmaaicc इससे क्या समस्या है, आपको। उत्साहवर्धन हेतु इस तरह को क्रिया आम हैं।
प्रधानमंत्री इस ग्रुप में लीडर हैं तो वो जो कर रहे हैं वो अच्छा ही है।
@Aloksharmaaicc भारत में इस स्तर का AI आयोजन अपने आप में उपलब्धि है।
पर सवाल उठाना भी लोकतंत्र का हिस्सा है।
हमें कार्यक्रम का मज़ाक नहीं उड़ाना चाहिए, बल्कि यह जानना चाहिए कि इससे भारत को तकनीकी, आर्थिक और कौशल विकास के क्षेत्र में क्या ठोस लाभ मिला।
देश पहले — राजनीति बाद में।
@ajeetbharti आलोचना ज़रूरी है, लेकिन तथ्यों के साथ।
यह व्यवस्था नई नहीं है और कई राज्यों में लंबे समय से लागू है।
इसलिए इसे केवल “अपिज़मेंट” कहना अधूरा दृष्टिकोण हो सकता है।
जब झारखंड में
डॉक्टर बेरोज़गार हैं,
PHC–CHC खाली हैं,
ग्रामीण इलाज से वंचित
तो पहले से नौकरी कर रही डॉक्टर को
“3 लाख वेतन, फ्लैट, मनचाही पोस्टिंग” क्यों?
यह स्वास्थ्य नीति है या राजनीतिक PR?
पहले अपने राज्य के युवाओं को मौका दीजिए, मंत्री जी।
#Jharkhand#DoctorsCrisis#hijabviral
@ssrajputINC मुख्यमंत्री के समाने इस तरह मूंह छिपाकर क्यों गई थी यह बहन, क्या भारतीय संस्कृति छोड़कर भारतीय मुस्लिम पाकिस्तानी या तालिबानी विचारधारा से प्रेरित हो चुके हैं?