पहली बार ऐसा दिखाई पड़ रहा है कि एक ���दमी के चलते पूरी शिक्षा व्यवस्था खोखली होती दिख रही है।
Education system से लेकर Exam System तक, सब तमाम सवालों के घेरे में हैं। Special Protest सिर्फ एक आदमी के इस्तीफे को लेकर हो रहे हैं।
मगर ऐसा क्या है कि धर्मेंद्र प्रधान को नहीं हटाया जा सकता, चाहे देश का भविष्य दांव पर हो ,युवाओं के भविष्य के चलते!
ये बात एकदम समझ से परे है। हर अति का अंत है और जल्दी ही सरकार को इन्हे हटाना होगा। कोई शिक्षित आदमी ही अब देश की शिक्षा की जिम्मेदारी लेगा।
अगला नंबर रेल मंत्री और वित्तमंत्री का आना है |
विकसित भारत क़ि दिशा देश का युवा तय करेगा |
सुप्रीम कोर्ट ने तीन पुलिसकर्मियों की अग्रिम जमानत रद्द करते हुए सख्त टिप्पणी की है. कोर्ट ने जौहरी से पैसे वसूलने के मामले में ये जमानत रद्द किया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब कानून लागू करने वाले ही जबरन वसूली करने वाले बन जाते हैं, तो नागरिक दुविधा में पड़ जाते हैं, क्योंकि जिनकी रक्षा करना उनका कर्तव्य है, वही उनके खिलाफ सुरक्षा मांगने लगते हैं. तीनों पुलिसकर्मी एक जौहरी से जबरन वसू��ी करने के आरोपी हैं. ऐसे में पुलिस का सामना करना तत्काल प्रतिशोध को न्योता देना है. नागरिक के पास एकमात्र विकल्प वर्दीधारी अधिकारियों के सामने चुपचाप आत्मसमर्पण करना ही रह जाता है, भले ही वो स्पष्ट दुर्व्यवहार हो रहा हो.
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ट्रांसफर कब से बड़ा एक्शन हो गया ?
देश का हर परीक्षा तंत्र किसी न किसी खामी से जूझ रहा है।
कहीं पेपर लीक,
कहीं पोर्टल डाउन,
कहीं परिणाम में देरी।
अधिकारियों का स्थानांतरण नहीं,
पूरी व्यवस्था का उपचार चाहिए।
पता नहीं CJI साहब ने किस संदर्भ में बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉक्रोच से की है।
बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि सिस्टम के इतने ऊंचे पायदान पर बैठे इंसान ने देश के युवाओं के लिए इस तरह के शब्द का प्रयोग किया।
मध्यप्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की दिशा में समिति का गठन किया जा चुका है।
राज्य सरकार सभी वर्गों और संबंधित पक्षों से सुझाव प्राप्त करेगी। इसके लिए संभाग और जिला स्तर पर दल भेजे जाएंगे।