@sonuniga_M हमारे बापू जी ने धर्मांतरण रोका है वैलेंटाइन डे का विरोध करके मातृ पितृ पूजन दिवस शुरुआत की एक्स मस ट्री को रोककर पूजन दिवस के रुप में मनाया ताकि हमारे देश में धर्मांतरण रुक सके लाखों लोगों का व्यसन मुक्त करवाया अच्छे समाज का निर्माण हो इसीलिए षड्यंत्र कार्यों ने बापूजी को फसाया
Vrat Mahima of #DevshayaniEkadashi is great.
Sant Shri Asharamji Bapu
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Do's & Don'ts:
*Don't use Datun or toothpaste, instead gargle 12 times to clean throat & mouth
*Rise early morning & take resolution to observe fast
*Do Jap, Dhyan & keep Maun
*Night vigil is recommended
Sant Shri Asharamji Bapu सत्संग में बताते हैं कि #DevshayaniEkadashi से देवउठी एकादशी तक भगवान क्षीरसागर में योगनिद्रा में शयन करते हैं, समाधि में, अपने शांत ब्रह्मानंद स्वभाव में रहते हैं।
इस काल की Vrat Mahima - संयम व ब्रह्मचर्य का पालन सुख-शांति व भगवत्प्रीति देनेवाला है।
#RishiPrasadJayanti celebrates anniversary of Monthly Spiritual Magazine that offers complete holistic growth through Vedic knowledge. Based on teachings of Sant Shri Asharamji Bapu, this magazine is a knowledge powerhouse guiding people of all age groups.
Just One Day To Go !
Happy #गुरुपूर्णिमा to all!
This festival holds special place in every seeker's life. It is a day to celebrate Eternal Bond of Satguru like Swami Leela Shah Ji Maharaj & Satshishya like Sant Shri Asharamji Bapu, who enlightened world with their wisdom & paved path to excellence.
#गुरुपूर्णिमा महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएं 🪔
Sant Shri Asharamji Bapu कहते हैं कि व्यासपूर्णिमा का पर्व वर्षभर की पूर्णिमाएँ मनाने का पुण्य तो देता ही है, साथ ही मनुष्य को ऊँची समझ देता है कि हम वासना-निवृत्त करके आत्मा में विश्रांति पाएं।
It's Celebration of Eternal Bond ‼️
देवशयनी एकादशी के विषय में भगवान कृष्ण कहते हैं,कि ये एकादशी श्री हरि को संतुष्ट करने वाली, पापों का क्षय करने वाली, आरोग्य वर्धक, दोषों की हरने वाली, गुणों को भरने वाली और पुण्य पुंज देने वाली ये एकादशी व्रत महान तप माना जाता है। #AsharamjiBapu#DevshayaniEkadashi
वे लोग सचमुच में भाग्यशाली हैं जो अपने इस पंचभौतिक शरीर में होते हुए भी अपने आत्मा परमात्मा की सत्यता मानते हैं। शरीर की सत्यता नही मानते। जब आत्मा को नहीं मानेंगे नश्वर देह को मानेंगे तो अपने में जातीयता का, देह का, वर्ण विशेष का अहंकार होगा और इसी से सारे कर्म तुच्छ होने लगते हैं। विकारों से प्रेरित होकर कर्ता जब कर्म करता है तो कर्म बंधनवाला हो जाता है और निर्विकार नारायण स्वरूप आत्मा में स्थिति करके अथवा आत्मा परमात्मा में अपनी प्रीति लगाकर कर्म करता है तो कर्म दिव्य हो जाते हैं।
#AsharamjiBapuQuotes
वो मंत्र अगर 108 बार जप करें श्रद्धा रख के, तो जो भी पढ़ता है या argument करता है उसका प्रभाव बढ़ जाएगा या और judge का परीक्षा दोगे ये वो तो उसमें बहुत मदद मिलेगी।
जिसकी एक माला करोगे और फिर जिह्वा पर 'ह्रीं' लिखोगे तो विद्वता तुम्हारे घर की चीज हो जाएगी। "ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं वाग्वादिनी सरस्वती मम जिह्वाग्रे वद वद । ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं नमः स्वाहा।"
#AsharamjiBapu
भगवान अपने प्रिय अर्जुन से कहते हैं कि हे परंतप अर्जुन ! मेरे और तेरे बहुत से जन्म हो चुके हैं। उन सबको मैं जानता हूँ पर तू नहीं जानता है। जीव नश्वर वस्तुओं से सुख लेने के लिए जो चिंतन करता है इससे उसकी मति और वृति मोटी हो गई है इसलिए वो अपने जन्मों को नहीं जानता है और ईश्वर अपने अवतारों को जानते हैं क्योंकि ईश्वर को विषय - विलास से सुख लेने की मति नही है, वृति नही है। #AsharamjiBapuQuotes
किसी को बुरा मत मानो, किसी का बुरा मत सोचो, किसी का बुरा मत चाहो। चाहे वो आपका बुरा सोचे, बुरा माने, लेकिन आप मन ही मन उसमें मेरा प्रभु है। कितना भी आपका दुश्मन हो, आप सुबह उठकर उस दुश्मन का ध्यान करो कि दुश्मन की तो आकृति है, उसमें बैठे हुए मेरे सज्जन प्रभु हैं।
वो दुश्मन वास्तविक में मेरा दुश्मन नहीं, मेरे अहंकार का दुश्मन है, मेरी नासमझी का दुश्मन है। वास्तव में तो उसकी गहराई में मेरा परमात्मा ही है। वो तो मेरे हितैषी हैं। ऐसा सोचके मन ही मन उसको प्रदक्षिणा करो। दुश्मन की ताकत नहीं तुम्हारा कुछ बिगाड़ ले। दुश्मन की गहराई में बैठा हुआ प्रभु तुम्हारे हृदय का साक्षी है। दुश्मन का दिल परिवर्तित हो जाएगा।
#AsharamjiBapu
कर्क-संक्रांति
16 जुलाई 2026 गुरुवार को संक्रांति (पुण्यकाल : दोपहर 12:33 से सूर्यास्त तक)
इसमें किया गया जप, ध्यान, दान व पुण्यकर्म अक्षय होता है । #NarayanSaiji#RathYatraFestival
🌷 व्यतिपात योग 🌷
16 जुलाई 2026 गुरुवार को मध्यरात्रि 01:22 से 17 जुलाई रात्रि 10:46 तक व्यतिपात योग है।
व्यतिपात योग के समय जप पाठ प्राणायाम, जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है
#NarayanSaiji#thursdaymotivation#thursdaythoughts
परमात्मा और तुम एक ही थे। तत्वमसि। तत् … तत् मना वह, त्वम् माना तू , असि माना है। उसको पहचान ले। डरो मत। डर तब होता है जब मरने वाले शरीर को और मिटने वाली वस्तुओं को पाकर सुखी होने की बेवकूफी होती है। और कितना भी मिटने वाली वस्तु को थाम रखो, मरने वाले शरीर को थाम रखो, वो तो समय आते ही छूट जाएगा। चाहे बेटा जी हो, चाहे बापू जी हो, चाहे कृष्ण जी हो, चाहे राम जी हो। शरीर तो शरीर है, लेकिन शरीर के बाद भी जो रहता है वो अभी भी है, बाद में भी रहेगा। तो उसी से बना के रखो ना।
#AsharamjiBapu