यही चूतियापा मेरी समझ से बाहर है! यह वही बात हुई कि मैंने एक मिनट में 50 थप्पड़ खा लिए, हिला भी नहीं, रिकॉर्ड बन गया है!
तुम्हारे सबसे बड़े नेता को तीन नल्लों ने रात के बारह बजे वीडियो बनाने पर विवश कर दिया और तुम उसके व्यू गिन रहे हो? यह कोई उपलब्धि नहीं है! यह एक संख्या है जिसका कोई विशेष अर्थ नहीं है।
ईश्वर इन मूर्खों को सद्बुद्धि दे! Genius has its limits, idiocy has none.
थोड़ा थोड़ा हंसना ज़रूर चाहिए... 😂😂
किस्से हो या कहानियाँ, सब घटनाओं से आते हैं। मौज-मस्ती के जुमले और गालियाँ तक सब यहीं से उपजते हैं।
जंतर-मंतर के धरने पर युवा पीढ़ी ने मौज कर दी है।
किसी ने कोसने में निचोड़ दिया, किसी ने मेलोनी को मोदी के पीछे छोड़ दिया है।
सरकार और प्रधानमंत्री की शान में गुस्ताखी भी खूब है। मोदीजी के नए-पुराने मीम्स में खुशबू भर के मस्ती का इत्र भी छिड़का जा रहा है।
आंदोलन एक नई बहार लाया है। तानों से लेकर व्यंग्य की बारिश हो रही है।
सरोबार होना है तो जाइए जंतर-मंतर, दिमाग का खुशी का तंत्र एक्टिव हो जाएगा।
#JantarMantar #Delhi
सजग होकर सुनोगे तो समझ पाना सरल होगा,
तुम्हारी आँख नम होगी, तुम्हारा मन तरल होगा।
why indian health,education and science sectors need reforms bcz they all linked to education and deserving students #neet#reservation
तो इन लोगों के दबाव में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया है मोदी ने । वीडियो देखिए मजा लीजिए । इसीलिए कहते है कुसंस्कारी नीच अपनी नीचता कभी नहीं छोड़ते
जब तक बंगाल में TMC या CPI(M) का शासन था, तब तक कोई "जय भीम" के नारे लगाता हुआ नहीं दिखता था। दलितों की हत्याएँ भी होती थीं, लेकिन कोई "जय भीम" बोलता हुआ नज़र नहीं आता था। जैसे ही BJP बंगाल में सत्ता में आई, भीम आर्मी वहाँ भी पहुँच गई।
क्या BJP ही भीम आर्मी की जन्मदाता है?
दिल्ली जंतर-मंतर📍
भरत तिवारी जी को न्याय दो। परशुराम दल के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन किया जा रहा हैं
RAW एजेंट लकी बिष्ट समेत कई लोग उपस्थित है।
नितिन नबीन और नितिन नवीन मुकेश... confusion तो है;
ये राजनीतिक मुकाबला है या नामकरण संस्कार का रीमिक्स?
#PointBlank#AjeetBhartiRoast
देखें पूरी विडियो👇लिंक कमेंट में
झाड़ू मटकी का या 5000 साल से पानी नहीं पीने दिया का कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं!
प्रमाण है तो वो ये कि गुरुकुलों में 70% शूद्र पढ़ते थे!
प्रमाण है तो वो ये कि 75 साल में एक भी आरक्षित जाति अगड़ी नहीं बनी!
-अजीत भारती🔥
सवर्णों याद रखना -: बिहार में भरत तिवारी के खिलाफ आयोजित होने वाला बहुजन पंचायत असल में भाजपा पंचायत है, भाजपा ने क्षेत्र में भारी तनाव के बीच इसके लिए अनुमति दिया है। और इस आयोजन में भाजपा के ही दिग्गज नेता हिस्सा बन रहें हैं जैसे -
1- जीतनराम मांझी (भाजपा नेता)
2- नागमणि कुशवाहा (भाजपा नेता)
3- शकलदेव बिंद (भाजपा नेता)
अब भाजपा बिहार में जातिवादी हवा देकर सामान्य वर्ग को अलग थलग करने का कुत्सित प्रयास कर रहा है और आप लोग अभी भी भाजपा का पोतांजलि कर रहे हैं कितने शर्म की बात है।