गोदी सेठ की ग़लती। ग्लोबल चैनल से पहले ग्लोबल रिसर्च संस्थाओं को ख़रीद लेते। तब कोई नहीं पूछता कि गोदी सेठ के ग्लोबल चैनल पर ग्लोबल ख़बरें क्यों नहीं हैं? वैसे इस बात की चर्चा शहर में कहीं नहीं है क्योंकि शहर के लोगों का तन ट्रैफ़िक जाम में फँसा है और दिमाग़ धर्म की राजनीति में।
गोदी सेठ की ग़लती। ग्लोबल चैनल से पहले ग्लोबल रिसर्च संस्थाओं को ख़रीद लेते। तब कोई नहीं पूछता कि गोदी सेठ के ग्लोबल चैनल पर ग्लोबल ख़बरें क्यों नहीं हैं? वैसे इस बात की चर्चा शहर में कहीं नहीं है क्योंकि शहर के लोगों का तन ट्रैफ़िक जाम में फँसा है और दिमाग़ धर्म की राजनीति में।
" जब राज्य या उसके एजेंट लोगों से डरते हैं, तो इसका अर्थ है कि वहां स्वतंत्रता है; और जब लोग राज्य या उसके एजेंटों से डरते हैं, तो समझो उन पर अत्याचार होता है"
- न्यायमूर्ति नागप्रसन्ना , कर्नाटक उच्च न्यायालय
https://t.co/LKs7tLesqw
" जब राज्य या उसके एजेंट लोगों से डरते हैं, तो इसका अर्थ है कि वहां स्वतंत्रता है; और जब लोग राज्य या उसके एजेंटों से डरते हैं, तो समझो उन पर अत्याचार होता है"
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सुना है शीतकालीन अवकाश जो 15 दिन का हुआ उसमें शिक्षामित्रों का मानदेय नही देगी भाजपा सरकार अगर ये बात सच है तो शर्मनाक है कि गरीब शिक्षामित्र फिर 15 दिन किस्से मांग कर खायेगा?ये भी बता दे भाजपा सरकार? @narendramodi@Aamitabh2@RahulGandhi@brajeshpathakup@thisissanjubjp