जो मान-अपमान, मित्र-वैरी को समान समझता है तथा सर्व प्रथम अभिमान का त्याग करता है। वह (भक्त) गुणातीत कहा जाता है।
आध्यात्मिक जानकारी के लिए आप संत रामपाल जी महाराज जी के मंगलमय प्रवचन सुनिए। Sant Rampal Ji Maharaj YOUTUBE चैनल पर प्रतिदिन 7:30-8.30 बजे।
सन्त मिले सुख उपजै, दुष्ट मिले दुख होय।
सेवा कीजै सन्त की, जनम कृतारथ होय।।
संतों के दर्शन-मिलने से सुख प्राप्त होता है
और दुष्टों (दुर्जनों) के मिलने से दुःख मिलता है, अतः सदा संतों की सेवा करनी चाहिए, इससे जन्म कृतार्थ (सफल) हो जाएगा।
#सत_भक्ति_संदेश
गुरु की महिमा अनंत है और उसे पूरी तरह
शब्दो मे लिखना अस्म्भव है यदि पूरी प्रकृति
को भी लेखन सामग्री बना दिया जाये तब भी
गुरु की पूर्ण महिमा का वर्णन नहीं कर सकते।
अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखें साधना चैनल प्रतिदिन शाम 07:30 बजे
🌺 _ दान-धर्म का फल _ 🌺
तालाब, कुँए तथा बगीची बनवाने से एक अश्वमेघ यज्ञ के समान पुण्य मिलता है!
उससे यदि स्वर्ग जाने की इच्छा करें तो स्वर्ग में कुछ समय देव पद मिलता है! फिर अपनी करनी भोगकर पृथ्वी पर पशु-पक्षियों के जन्म प्राप्त करता है!
#SantRampajiQuotes
#भारत_ऐसेबनेगा_सोने_की_चिड़िया
मेहरड़ा गाँव का 30 साल का जल संकट
आखिर संत रामपाल जी महाराज ने 3 दिनों
में कैसे खत्म किया?
गहरे बोरवेल और पाइपलाइन द्वारा शुद्ध जल
की व्यवस्था।
गाँव के हर घर तक पहुंचा स्वच्छ और पर्याप्त पानी।
Factful Debates Youtube Channel
गीता अध्याय 15 श्लोक 1-4 में गीता ज्ञान
देने वाले प्रभु ने कहा है कि जिस मूल रूपी
आदि पुरुष परमात्मा ने सर्व सृष्टि की रचना
की है, मैं भी उसी की शरण में हूँ।
आइए जानें भगवान को।
वह आदि पुरुष परमात्मा यानी भगवान कौन है?
पढ़ें पुस्तक ज्ञान गंगा
#MondayMotivation
परमात्मा का विधान
हम अपने हर कर्म के लिए स्वयं उत्तरदायी हैं। यदि हम गलत करेंगे, तो हमें दंड मिलेगा और यदि हम भगवान के संविधान का पालन करेंगे, तो हमें सुख, शांति और मोक्ष प्राप्त होगा।
अवश्य देखें साधना चैनल प्रतिदिन शाम 07:30 बजे
चार वेद ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद को सभी जानते हैं लेकिन पाँचवाँ वेद "सूक्ष्मवेद" कौन सा है?
जानने के लिए पढ़िए पुस्तक "हिन्दू साहेबान नहीं समझे गीता, वेद, पुराण"
#अनसुना_पाँचवाँ_वेद
सूक्ष्म वेद
बेद मेरा भेद है, मैं ना बेदों माहीं।
जौन बेद से मैं मिलु, ये बेद जानते नाहीं ।।।
कबीर परमेश्वर कहते हैं कि चारों वेदों में मेरा सत्य ज्ञान छिपा हुआ है, लेकिन
सत्य ज्ञान का भेद कबीर परमेश्वर ही जानते हैं।
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज
#भारत_ऐसेबनेगा_सोने_की_चिड़िया
असम के जिस गाँव में सरकार ने 800 फीट बोरिंग कराया लेकिन पानी नहीं निकला और Sant Rampal Ji Maharaj द्वारा कराए गए बोरिंग से पानी कैसे निकला?
असम वासियों की जुबानी सच जानने के लिए देखिए "कलयुग में सतयुग की शुरुआत भाग 7" Factful Debates Yt Channel पर।
तत्वज्ञान शास्त्रों अनुकुल साधना ही तत्व ज्ञान
समाज सुधार और आत्म उद्धार, तत्वज्ञान से होय। दूसरे के धन पर जो रहे आश्रित, दुगुना निर्धन होय ।।
संत रामपाल जी ने अपने तत्त्वज्ञान से समाज में व्याप्त अनेकों बुराई जैसे नशा, दहेज , रिश्वतखोरी को खत्म किया है।
सत्य की राह
जो मनुष्य सत्य का अनुसंधान करता है,
वही अंत में पूर्ण परमात्मा को प्राप्त करता है सत्य की राह ही ईश्वरीय शक्ति का बोध कराती है..!
अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखें,
Saint RampalJi Maharaj YouTube Channel पर।
#सत_भक्ति_संदेश
तप यदि शास्त्रानुकूल और सतगुरु के
मार्गदर्शन में किया जाए तो जीवन सफलबनता है। अहंकारयुक्त तप और पद-प्रतिष्ठा मनुष्य को पतन की ओर ले जाते हैं। इसलिए सच्ची भक्ति कर मोक्ष प्राप्त करना ही मानव जीवन का उद्देश्य है।
अवश्य पढ़ें पुस्तक ज्ञान गंगा
मालिका के अनुसार,
श्रीकृष्ण तो केवल एक महाकला से युक्त थे।
फिर सारी सृष्टि के रचयिता 16 महाकला युक्त जगन्नाथ महाप्रभु ? का वर्तमान अवतार कौन है
कलयुग में सतयुग की शुरुआत
जहाँ शास्त्रों, भविष्यवाणियों और तत्वज्ञान के आधार पर किया गया है अद्भुत खुलासा।
🧾यह दम टूटै पिण्डा फूटै, हो लेखा दरगाह मांही।
उस दरगाह में मार पड़ैगी, जम पकड़ेंगे बांही।।
भक्ति न करने वाले या शास्त्रविरुद्ध भक्ति करने वाले को यम के दूत भुजा पकड़कर ले जाएंगे।उसकी पिटाई की जाएगी।
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#सत_भक्ति_संदेश
गरीब, धना भगति की धुनि लगि, बीज
दिया जिन दान।
सूका खेत हरा हुवा, कांकर बोइ जान॥
धन्ना भक्त की परमात्मा में तथा धर्म-कर्म में ऐसी धुन (लगन) लगी कि ज्वार का बीज ही दान कर दिया इसी कारण से परमात्मा जी ने सूखा खेत हरा कर दिया जिसमें कंकर बोई थी।
#GodKabir_Prakat_Diwas
कबीर साहेब माता के गर्भ से जन्म नहीं लेते। वे सन् 1398, विक्रमी संवत् 1455 में, काशी के पवित्र लहरतारा तालाब में खिले कमल के पुष्प पर शिशु रूप में सशरीर प्रकट हुए थे। यह कोई सामान्य जन्म नहीं, बल्कि साक्षात् परमात्मा का प्राकट्य था।
Sant Rampal Ji Maharaj
#GodKabir_Prakat_Diwas
लगभग 600 वर्ष पूर्व कबीर साहेब काशी के लहरतारा तालाब में कमल पुष्प पर सशरीर प्रकट हुए। वे जन्म लेने वाले नहीं, बल्कि अविनाशी पूर्ण परमात्मा हैं। उनके प्राकट्य के साक्ष्य आज भी काशी में विद्यमान हैं।
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