उत्तर प्रदेश की राज्यपाल महोदया ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ बिष्ट ठाकुर के कथित सुशासन की पोल पट्टी खोल दी है, धज्जियां उड़ा दी है
राज्यपाल महोदया ने गोरखपुर में व्याप्त भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए कहा जब सीएम सिटी में इतना अधिक भ्रष्टाचार है, तो बाकी राज्य में और जगह पर भ्रष्टाचार कितना असीमित होगा इसकी कल्पना की जा सकती है
माननीया राज्यपाल महोदया ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ बिष्ट ठाकुर के भ्रष्टाचार को सरेआम उजागर कर दिया है, 9 साल से कथित ईमानदारी का कंबल ओढ़ कर असल में भ्रष्टाचार का घी पीने वाले आदित्यनाथ बिष्ट ठाकुर जवाब दें
यूपी के सीतापुर में प्राइमरी स्कूल बच्चों की midday meal
लानत है उनपर जो हमारे बच्चों को यह पनिहल सब्ज़ी और जली रोटी खिला रहे हैं
डूब मरो डबल इंजन वालों
"नीट में यह लोग फेलियर हुए, यह अपना गुस्सा निकाल रहे हैं छात्रों पर। हमारी सरकार से मांग है कि छात्रों की मांग को स्वीकार करें और जो मंत्री है वह इस्तीफा दें।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
लालू प्रसाद यादव हमेशा उस वर्ग की आँखों में खटकते रहे, जिसके वर्चस्व को उन्होंने चुनौती दी। उन्होंने आख़िरी पायदान पर खड़े लोगों को राजनीति और सत्ता की मुख्यधारा में ला दिया। यही उनके नज़र में सबसे बड़ा "अपराध" था। इसलिए उन्होंने इसे “जंगलराज” कहकर बदनाम किया।
‘हम उत्तर प्रदेश की मौजूदा सरकार के आभारी हैं,’ जो UR और EWS के बराबर SC और OBC का कटऑफ रखते हैं. मौजूदा भाजपा सरकार ने बाबा साहब डॉ. आंबेडकर के संवैधानिक आरक्षण की अवधारणा की धज्जियां उड़ाना जारी रखा है. एक भी वैकेंसी में बहुजनों का आरक्षण संवैधानिक नियमों के मुताबिक़ नहीं लागू किया जाता है.
शायद सपा प्रमुख अखिलेश यादव जी की गलती होगी! मगर पूरे प्रदेश का PDA ऐसी हक़मारियों को क़ायदे से देख रहा है. सत्ता की हर एक साज़िश को समझ रहा है. बस उचित समय का इंतज़ार कर रहा है. माकूल जवाब देगा. समाज से बड़ा और समय से निर्णायक कुछ नहीं. समाज जागरूक है. और PDA एकजुट है. हिसाब ज़रूर करेगा.
न्याय की इमारत के सामने से गुज़रता न्याय योद्धा. सहज, सौम्य, संघर्षशील, संवेदनशील और ईमानदार योद्धा. आज का दिन इस शख़्स के नाम. उस उम्मीद के नाम, जो इस शख़्स ने हम जैसे करोड़ों के मन में पैदा कर दी. आज की उम्मीदों की तस्वीर.
@_YogendraYadav
OP राजभर के बाद पेश हैं बृजेश पाठक।
इनका कहना कि
सपा के कार्यकाल में 1करोड़ 12 लाख बच्चे थे
भाजपा में 1करोड़ 90 लाख हो गए
अर्थात 78 लाख ज्यादा
फिर 78लाख छात्रों को पढ़ा कौन रहा❓
इनको पढ़ाने के लिए 2लाख 60हजार अतिरिक्त शिक्षकों की भर्ती हुई क्या?
#मधुशाला_नहीं_पाठशाला_दो