CM हो तो विजय थलपति जैसा 👏
अगर विजय ये सब कर सकते तो दूसरे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री मोदी क्यों नही कर सकते?
वीडियो पूरे देश को देखना चाहिए और अपने नेता से सवाल करना चाहिए।
कांग्रेस लीडर रहे महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के छोटे बेटे अभिनेता रितेश देशमुख..।
विलासराव देशमुख जी 1972 में सरपंच बनने के पहली बार 1985 में लातूर सीट से विधायक बने...।
विलासराव देशमुख जी 5 बार विधायक और 2 राज्यसभा सांसद और महाराष्ट्र के 2 बार मुख्यमंत्री रहे...।
विलासराव देशमुख जी केंद्र की यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे, 2012 में विलासराव देशमुख जी निधन हुआ..।
रितेश देशमुख के बड़े भाई अमित देशमुख लगातार 2009 से 4 बार के लातूर से विधायक चुने गए...।
रितेश देशमुख के मँझले भाई धीरज देशमुख भी 2019 में लातूर ग्रामीण से कांग्रेस विधायक चुने गए थे....।
नसीरुद्दीन शाह ने अनुपम खेर के बारे में कहा था 👇
“उन्हें गंभीरता से लेने की ज़रूरत नहीं। वो एक जोकर हैं। चाटुकारिता उनके खून में है…”
वक़्त ने नसीर साहब को गलत नहीं, बल्कि और ज़्यादा सही साबित किया। 🙂
वो हमारे ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर नितिन गडकरी बताते हैं कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलना चाहिए उसके बाद बतायेंगे की गाड़ी कैसे चलेगी।
अरे इस पर पेट्रोलियम मंत्री को बोलना चाहिए ना जबकि पेट्रोलियम मंत्री चूँ भी नहीं कर रहे इस मामले पर
लेकिन ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर इस पर प्रबचन दे रहे हैं।
इसका दाम क्या चल रहा देश में इसको लेकर किसी को कुछ भी अता पता नहीं है।
— राज ठाकरे , मनसे प्रमुख
@SaralVyangya तुम सब पीते होनुस्की ज़िन्दगी ही वो भी पीता होगा , पर तुम लोग उसकी गांड के पीछे पड़े रहते हो वो ग़लत हे, तुम्हारा ख़ुद का बेटा पिता होगा अपने आप पे जाको
आज की बैठक में चन्नी गुट की तरफ से सुखजिंदर सिंह रंधावा ने दो शर्ते रखीं।
1. प्रदेश अध्यक्ष पद से राजा अमरिंदर सिंह वडिंग को बदला जाए.
2. यदि ये संभव नहीं है तो चरण जीत सिंह चन्नी को पंजाब मे कांग्रेस का मुख्यमंत्री घोषित किया जाए.
न रंधावा प्रदेश अध्यक्ष बन रहे है और न ही मुख्यमंत्री के चेहरा फिर रंधवा ने ये पॉलिटिकल सुसाइड क्यों की क्यूँकि लड़ाई तो चन्नी और वडिंग की थी।।
रंधावा को प्रताप सिंह बाजवा की तरह सेफ गेम खेलना चाहिए था क्योंकि दोनों ही सूरत में फायदा तो सिर्फ चन्नी का ही होना है।