सीकर के करीब 40% सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील का राशन खत्म हो गया है। जुलाई के बाद न खाद्यान्न मिला, न राशि, और बच्चों का दूध भी सितंबर के बाद बंद है। शिक्षक और भामाशाह अपनी जेब से बच्चों का पेट भर रहे हैं।
रसोइयों को 8 महीने से मानदेय नहीं मिला, और उनमें कई विधवा और तलाकशुदा महिलाएं हैं।
भाजपा सरकार को बच्चों की थाली और रसोइयों के घर चलाने की कोई परवाह नहीं है, उसे सिर्फ अपनी सरकार का थोथा प्रचार करना है।
मुख्यमंत्री जी जवाब दें: विज्ञापनों के लिए पैसा है, पर बच्चों के निवाले और रसोइयों के मानदेय के लिए क्यों नहीं?
सभी जीसी भाइयों से अपील है 10 अक्टूबर को विपक्ष के धरने से बिल्कुल दूर रहें। ये बीजेपी और विपक्ष के बीच का मामला है उन्हीं को निपटने दे। अगर आप किसी मामले में फंस गए तो कोई नहीं आएगा बचाने
आप पॉपकॉर्न खरीदो और आराम से दूर से एंजॉय करो क्यों कि पक्ष और विपक्ष दोनों आपके अस्तित्व को मिटाने में लगे हैं।
सोचिए जरा
इतना बड़ा आदमी पूछ रहा है कि क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं?
दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलॉन मस्क ने ट्विटर पर यह सवाल पूछा है। उनकी Starlink को भारत में लाइसेंस नहीं मिल पा रहा है।
मोदी जी की गारंटी को भजनलाल सरकार ने पंचर कर दिया है।
पेट्रोल-डीजल के नाम पर भाजपा ने राजस्थान की जनता को विधानसभा चुनाव में खूब भ्रमित किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने खुद पड़ोसी भाजपा शासित राज्यों से राजस्थान में महंगे पेट्रोल का मुद्दा उठाया और गारंटी दी थी कि भाजपा सरकार बनते ही दामों की समीक्षा होगी। भाजपा सरकार को लगभग तीन साल हो गए, पर स्थिति सबके सामने है। भरतपुर में भाजपा शासित उत्तर प्रदेश की तुलना में पेट्रोल करीब 10 रुपए और डीजल करीब 3 रुपए प्रति लीटर महंगा है।
नतीजा यह है कि वाहन चालक और व्यावसायिक वाहन उत्तर प्रदेश में ईंधन भरवा रहे हैं, सीमावर्ती पेट्रोल पंप बंद होने की कगार पर हैं, और ढाबों, दुकानों, ड्राइवरों और मैकेनिकों की रोजी-रोटी पर चोट पड़ रही है।
मुख्यमंत्री के अपने गृह जिले में ऐसे हालात हैं। अभी तक राजस्थान में पेट्रोल के दाम न हरियाणा, न उत्तर प्रदेश, न गुजरात के बराबर हो पाए हैं।
अनुरोध 🙏
सवर्ण समाज के लोग 10 अक्टूबर को CJP के विरोध में जंतर-मंतर न जाएं, भाजपा का आईटी सेल बजरंग दल, हिंदू रक्षा दल फलाना फलाना को आमंत्रित कर रहा ध्यान रहे हमें भाजपा के समर्थन में कतई नहीं उतरना है।
भाजपा हमारा इस्तेमाल करती है हमारे चेहरों पर लड़ती है, स्वतंत्र भारद्वाज की तरह बाद में पहचानने से इंकार कर देती है।
हमारा प्रदर्शन आरक्षण के विरोध और जातिगत क़ानूनों के विरोध में 11 अक्टूबर को है उसमें शामिल हों 10 को जाने से बचें, भाजपा हमारे कांधे पर रखकर चलाना चाहती है।
ये सरासर अन्याय है 😡
राहुल गांधी को जिस तरह से पकड़ा गया है 4 से 5 पुलिसकर्मियों द्वारा मानो वही सबसे बड़े चोर हों।
नेता LoP राहुल गांधी जी को जिस तरीके से पकड़ा गया है वैसे किसी अपराधी को भी नहीं पकड़ा जाता है उन्हें जिस तरह से बसों में धकेला गया है वो निंदनीय है।
आज का ये दृश्य देश के लोकतंत्र के लिए एक काला दिन है और कुछ नहीं। अब लोकतंत्र बचाने के लिए भी लोगों को क्रांति करनी पड़ेगी।
हमारी कांग्रेस सरकार ने RGHS इसलिए शुरू की थी कि कर्मचारी, पेंशनर और उनके परिवार को इलाज के लिए कभी जेब न टटोलनी पड़े। आज उसी RGHS के 52 लाख लाभार्थी भाजपा सरकार में अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। भुगतान अटका है, निजी अस्पताल योजना से हाथ खींच रहे हैं और कहीं-कहीं कैशलेस के नाम पर मरीजों से एक लाख रुपए से ज्यादा नकद वसूल लिए गए।
सबसे ज्यादा मार उन पेंशनर्स पर पड़ी है जिन्हें उम्र की परेशानियों के कारण बार-बार दवाएं और इलाज लेना पड़ता है। जिन बुजुर्गों ने पूरी जिंदगी सरकारी सेवा में लगा दी, उन्हें बुढ़ापे में इलाज के लिए अस्पताल दर अस्पताल ठोकरें खानी पड़ रही हैं। हालत यह है कि सरकारी कर्मचारी नौकरी में परेशानी के डर से शिकायत तक दर्ज नहीं करा पा रहे।
राइट टू हेल्थ, चिरंजीवी और निशुल्क दवा एवं जांच योजना की तरह RGHS भी इसी सोच से बनी थी कि हर किसी को इलाज मिले। भजनलाल जी, बुजुर्गों और आम लोगों को इलाज के लिए तरसाना बंद कीजिए, भुगतान का संकट तुरंत सुलझाइए।
मैं अभी रीतिका चौपड़ा की एक बातचीत सुन रहा हूँ। रीतिक चौपड़ा कितना विनम्र रिपोर्टर हैं। अभी उन्हें यह एहसास ही नहीं कि उन्होंने क्या कर दिया है। वे अपनी इस इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट को बाकी इन्वेसटिगेटिव रिपाेर्ट की तरह ही मान रही हैं। यह उनकी विनम्रता और विशाल हृदयता है। यह उनके व्यक्तित्व को बहुत अलग बनाता है। इंडियन एक्सप्रेस की यह स्टोरी भारतीय पत्रकारिता की माइल स्टोन स्टोरी है। यह बिना किसी शक़ पुलित्ज़र अवार्ड स्तर की स्टेारी है। क्येांकि यह स्टोरी भारतीय लोकतंत्र के भीतर की उस सड़न को बाहर लाती है, जिसने संविधान को निरर्थक कर दिया है।
@RitikaChopra__
UPI ट्रांजेक्शन पर चार्ज लगने से…
आम आदमीं को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा…
ये कहने वाला या तो खुद मूर्ख है…
या तुम्हें मूर्ख बनाने की कोशिश कर रहा है…
बाज़ार में आने वाला हर टैक्स…
अंततः जाकर आम आदमीं की जेब से ही निकलेगा…
जिस हिसाब से पहले इथेनॉल थोपा गया…
फिर UPI चार्ज थोपा जा रहा है…
उस हिसाब से तो लगता है लोग सही कहते थे…
अगर भाजपा को 400 सीटें आ गई…
तो ये संविधान बदल देंगे…
तब मज़ाक़ लगता था…
अब लगता है लोग सही कहते थे…!!!