लखीमपुर खीरी से भाजपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे अजय मिश्रा टेनी और उनके बेटे आशीष मिश्रा को मिली क्लीन चिट...😳
आन्दोलनरत किसानो को अपनी थार गाडी से कुचलकर मौके पर...
8 लोगो की मौत के घाट उतारने के आरोपी रहे दिनो बाप बेटे के खिलाफ यूपी पुलिस की जांच मे कोई सबूत नही मिले
जिसके कारण पुलिस कोर्ट मे चार्जशीट दाखिल नही कर सकी और कोर्ट ने इन्हे दोष मुक्त करार दिया
इंडियन एक्सप्रेस के विज्ञापन की बहुत तारीफ़ हो रही है
पर ज़रा ठहरिए !
टीवी चैनलों के ज़हर को निशाना बनाना आसान है। लेकिन कई बार दबे पाँव इंडियन एक्सप्रेस जैसा अख़बार भी जो करता है वो भूलना नहीं चाहिए।
याद है ये हेडलाइन 👇
“Opposition Stands, Women’s Bill Falls”
इसमें उसने संसद में सीटों की तादाद बढ़ाने के लिए लाए गए बिल को ‘महिलाओं का बिल’ बता कर छापा और विपक्षी दलों को ग़लत रौशनी में दिखाने की कोशिश की!
‘मानव की स्मरण शक्ति बहुत छोटी होती है’ -इंडियन एक्सप्रेस ने इस विज्ञापन के ज़रिए उसी का लाभ लेने की कोशिश की है। वह जानता है कि पाठक और दर्शक उसके उस ‘ज़हरीले हेडलाइन’ को भूल चुके हैं।
टीवी चैनलों की शर्ट से अपनी शर्ट अधिक सफ़ेद बताना आसान है। जबकि ये भी मौक़े बेमौक़े अपने तरीक़े से गंद फैलाने में पीछे नहीं रहते हैं।
Screenshot & Video : Indian Express
Cute to see people questioning random ministers and champats for various ongoing scams and deliberate anti-nation policies as if the real voldemort (who even micromanages his candid photos) is not only powerless but also clueless about these failures.
"The Treatment of Iran’s World Cup Team Exposed the West's and FIFA's Double Standards"
Iran’s captain was asked about LGBT rights. So, why then wasn’t the U.S. team captain asked about the U.S. bombing of the girls' school in Minab, asks @fbhutto ?
https://t.co/68qnQgYoTI
अमेरिका भारतीय नाविकों वाले तीन कमर्शियल जहाज़ों पर हमले कर चुका है. ये हमले ओमान की तट के क़रीब हुए हैं, जो इस अमेरिका-इज़रायल-खाड़ी देशों और ईरान के युद्ध में शामिल भी नहीं है. एक जहाज़ तो खाली भी था. जहाज़ों और सेलरों की जानकारी के बाद भी अमेरिका ने ये हमले किया है. तीन नाविकों के लापता होने की ख़बर है. अजीब हाल है कि विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में अमेरिका का नाम भी नहीं लिया है.
एक बार फिर मोईन अख़्तर की याद आयी!
मोदी सरकार के बारह साल पूरे होने पर उनकी प्रशंसा तो बनती है, भले यह आसान नहीं है. किसी ने ट्रम्प की प्रशंसा की है, तो मुझे भी हौसला मिला है.
मोदी जी ने चेताया था कि अगर आपने विपक्ष को वोट दिया, तो बेतहाशा महँगाई और बेरोज़गारी बढ़ेगी, समाज विभाजित होगा, रुपया कमज़ोर होगा, क़र्ज़ बढ़ेगा, वैश्विक स्तर पर देश की छवि ख़राब होगी.
मैंने उनकी बात को अनसुना किया और विपक्ष को वोट देने की ग़लती कर दी- वह भी दो बार.
परिणाम सामने है.