जो लोग रमजान के रोजे नहीं रखते सबसे पहले वही लोग अलविदा जुमे की मुबारकबाद देते नजर आएंगे
अल्लाह के बंदों कयामत के दिन अल्लाह यह नहीं पूछेगा कि मुबारकबाद दिया था कि नहीं वहां से यह पूछा जाएगा रोजा क्यों नहीं रखा था
इस देश के एक विशेष समुदाय पर जितने भी लोग जुल्म ढा रहे हो, बुलडोजर चला रहे हो.. याद रखना जब अल्लाह - ईश्वर का बुलडोजर चलेगा तो कफ़न भी नसीब नहीं होगा...
उदाहरण covid 19
दिल्ली के मुख्यमंत्री की बुज़दिली है कि वो दोषी का नाम नहीं ले सकते, जुलूस में बन्दूक और तमंचे लेकर घूमने वालों के ख़िलाफ़ इनका मुंह नहीं खुलता। मस्जिदों को नापाक करने की कोशिश करने वाली भीड़ की निंदा भी नहीं होती। 3/n https://t.co/uBmENkplu9
जब से @amitshah गृह मंत्री बने हैं, दिल्ली में तशद्दुद के वाक़िआत आम हो गए हैं। क्या इन तमंचा-धारियों पर 'आर्म्स एक्ट' नहीं लगेगा? आपकी पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार किया है, सब के सब मुसलमान हैं। 1/n
कट्टर हिंदू भाइयों से गुजारिश है, कि फजर के वक्त जब हनुमान चालीसा पढ़ें तो भोंपू का मुंह मुस्लिम मोहल्लों की तरफ कर दें, 2 मिनट की अज़ान से नहीं उठने वाले 20 मिनट के भजन से कम से कम नमाज़ के लिए तो उठ जाएंगे,,
राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक और गोवा की सरकारें, जुलूसों के दौरान हिंसा को रोकने और भीड़ को काबू करने में नाकाम रहीं। https://t.co/nio0CcHnML