पटना के दो मास्टरों की लड़ाई में अब एक तीसरे मास्टर ने भी पोल खोल अभियान शुरू कर दिया है। अब लड़ाई पढ़ाई की कम और खुलासों की ज्यादा लग रही है।
सबसे दिलचस्प बात यह होगी कि वहां पढ़ने वाले छात्र आखिर किस माहौल में तैयारी कर रहे हैं क्लासरूम में या अखाड़े में ?
वो भी UPSC BPSC की !!
कलंक हैं बिहार के नाम पर ये शिक्षक।
प्रियांक खरगे द्वारा उठाए गए सवालों पर संघ की ओर से जवाब दिया जा रहा है और आगे भी दिए जाने की बात कही जा रही है। इस पूरे विवाद को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग व्याख्याएं सामने आ रही हैं।
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा केवल वैचारिक बहस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके राजनीतिक आयाम भी हैं। इसी संदर्भ में यह चर्चा भी हो रही है कि कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और भविष्य की राजनीति को लेकर विभिन्न नेताओं की सक्रियता बढ़ी है।
राजनीति में हर बयान और हर मुद्दे के पीछे कई स्तरों पर रणनीतियां काम करती हैं। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह बहस केवल वैचारिक विमर्श तक रहती है या इसके राजनीतिक परिणाम भी सामने आते हैं।
पंजाब की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। अकाल तख्त साहिब द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर की गई टिप्पणी और हालिया निर्णय ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है।
विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब में धार्मिक और पंथिक मुद्दों का राजनीतिक प्रभाव हमेशा महत्वपूर्ण रहा है। अतीत में भी धार्मिक भावनाओं से जुड़े विवादों का असर विभिन्न राजनीतिक दलों के जनाधार पर देखने को मिला है।
हालांकि, इस घटनाक्रम का वास्तविक राजनीतिक प्रभाव कितना होगा, यह आने वाले समय और जनता की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा। फिलहाल इस मुद्दे ने पंजाब की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है।
महेश बाबू साउथ के सुपरस्टार हैं..बड़ी बड़ी सुपरस्टार एक्ट्रेसेस के साथ काम करते हैं लेकिन बीवी के रूप में उन्हें हाउस वाइफ चाहिए थी...
सोच कर अजीब लगता है की नम्रता शिरोडकर जो खुद मिस इंडिया थीं। बॉलीवुड में पैर जमा रही थीं, बड़े स्टार्स के साथ फिल्में साइन कर रही थीं।
महेश बाबू से उनको प्यार हुआ, दोनों ने शादी का फैसला कर लिया लेकिन महेश ने शादी की शर्त रखी कि नम्रता काम छोड़ दें.
नम्रता ने बात मान भी लिया,वरना वर्किंग वुमन्स के लिए काम छोड़ना किसी चैलेंज से कम नहीं होता.
दोनों ही कलाकार अभिनय जगत के आइडियल कपल माने जाते हैं और कभी भी दोनों के बीच किसी तरह के लड़ाई झगड़ा या विवाद की खबर भी सामने नहीं आई..
TMC के भीतर चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम पर सांसद कीर्ति आजाद ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिन बागी सांसदों के एक अन्य दल में विलय की चर्चा है, उस पार्टी की मान्यता और कानूनी स्थिति को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े होते हैं।
कीर्ति आजाद का तर्क है कि किसी गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल में सांसदों के विलय को स्वीकार करने की प्रक्रिया पर स्पष्टता होनी चाहिए। वहीं दूसरी ओर, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ऐसा कोई कदम उठाया गया है, तो संबंधित पक्षों ने कानूनी पहलुओं पर विचार किया होगा।
यदि इस मामले को अदालत में चुनौती दी जाती है, तो अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक और कानूनी बहस जारी है, जबकि सभी पक्षों की आधिकारिक स्थिति पर नजर बनी हुई है।
लखनऊ के महानगर इलाके में सोमवार रात एक फर्जी IPS पकड़ा गया। आरोपी का नाम मिथलेश शुक्ला (40) है।
महानगर के गोल चौराहे पर एक लाल कार रुकी। उसमें से सफेद टीशर्ट और चश्मा लगाए एक शख्स उतरा। उसने दुकान से 40 रुपए का बन खाया। पैसे मांगने पर दुकानदार से उसका नाम पूछा और रौब झाड़ने लगा। बोला, "रुको अभी बताता हूं, इस तरह दुकान चला रहे हो।" फिर कार में बैठ गया।
दुकानदार ने डायल-112 पर कॉल कर दिया। 5 मिनट में पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने कार से चारों लोगों को उतारा। तभी सफेद टीशर्ट वाला शख्स बोला, "मैं IPS हूं। मुझे सैल्यूट करो। नोएडा से यहां इंस्पेक्शन के लिए आया हूं।"
एक सिपाही ने कहा, "वर्दी में होते तो सैल्यूट करते।" इस पर वो और भड़क गया। पुलिस को आईडी कार्ड दिखाने को कहा तो सबके नेमप्लेट पढ़कर धमकाने लगा, "अच्छा, तुम्हारा नाम ये है। रुको बताता हूं।"
उसके हाव-भाव से पुलिस का शक गहरा गया। तुरन्त ही हिरासत में ले लिया गया है। पूछताछ जारी है।
कोई टीवी चैनल तक यह सोर्स बेस्ड न्यूज़ भेज दे की अयोध्या में राम मंदिर में चंदा चोरी में कुछ मुस्लिमों का हाथ भी हो सकता है!
ततकाल प्रभाव से नॉन स्टॉप कवरेज/डिबेट शुरू हो जाएगा! इसके बाद सोर्स का मोबाइल बंद करवा दीजियेगा! 🤣🤣
“पिछले कुछ महीनों से तमिलनाडु के अलग-अलग इलाकों में हो रहे अपराधों में उत्तर भारतीय राज्यों से आए लोगों की संलिप्तता बढ़ी है। तमिलनाडु सरकार को राज्य में उत्तर भारतीय मजदूरों से जुड़ी जानकारी की निगरानी करनी चाहिए।”
ये K अन्नामलाई का बयान है। मामला तिरुवल्लूर जिले के गुम्मिडिपूंडी के पास 3 वर्ष की बच्ची के यौन उत्पीड़न का है। इलाज के दौरान बच्ची की मृत्यु हो गई। इसे अन्नामलाई ने नॉर्थ बनाम साउथ बना दिया।
उनकी ये भी माँग है कि तमिलनाडु में जितने भी उत्तर-भारतीय मजदूर हैं, राज्य सरकार को उन सभी की निगरानी करनी चाहिए।
बड़ी राजनीतिक हलचल के संकेत!
सूत्रों के मुताबिक, आज राजधानी लखनऊ में एक अहम राजनीतिक मुलाकात होने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि यह बैठक शाम के दौरान हो सकती है और इसके राजनीतिक मायने दूरगामी माने जा रहे हैं।
चर्चा है कि इस मुलाकात का संबंध पुराने गोरखपुर राजनीतिक समीकरणों से भी जुड़ा हो सकता है। राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
जानकारों का मानना है कि यदि यह बैठक होती है, तो इसके प्रभाव उत्तर प्रदेश की भविष्य की राजनीति पर देखने को मिल सकते हैं।
फिलहाल आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन सत्ता और विपक्ष दोनों खेमों में इस संभावित घटनाक्रम को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। 👀🔥
अयोध्या से जुड़ा एक नया विवाद चर्चा में है। धर्मसेना के संस्थापक संतोष दुबे ने दावा किया है कि 1989 में देश-विदेश से आई सोने-चांदी, हीरे-माणिक्य और अष्टधातु से जुड़ी लगभग 1250 शिलाओं का वर्तमान रिकॉर्ड स्पष्ट नहीं है। उन्होंने इस मामले में पारदर्शी जांच और सार्वजनिक जानकारी की मांग की है।
इस मुद्दे को लेकर विभिन्न धार्मिक और सामाजिक हस्तियों की ओर से भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।
ऐसे मामलों में तथ्यों की पुष्टि और निष्पक्ष जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा।
राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हैं कि आने वाले हफ्तों में TMC के नेतृत्व को लेकर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के भीतर संगठनात्मक पुनर्गठन और नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं पर चर्चा चल रही है।
विश्लेषकों के अनुसार, मौजूदा राजनीतिक गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र संभावित डिलिमिटेशन (परिसीमन) से जुड़ा मुद्दा भी हो सकता है। उनका कहना है कि इस विषय पर विभिन्न क्षेत्रीय दलों और केंद्र के बीच राजनीतिक स्तर पर संवाद और रणनीतिक मंथन जारी है।
साथ ही, यह भी माना जा रहा है कि BJP आगामी चुनावी और संसदीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अपना राजनीतिक आधार और संख्या बल बढ़ाने की कोशिश कर रही है। इसी संदर्भ में विभिन्न दलों के नेताओं और सांसदों की गतिविधियों पर राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर बनी हुई है।
हालांकि, इन सभी दावों और संभावनाओं की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आने वाले समय में राजनीतिक घटनाक्रम किस दिशा में जाते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी।
अस्पताल के इस दृश्य ने लोगों को झकझोर दिया... 😢
कुछ लाइक्स और व्यूज़ के लिए एक छोटे बच्चे की सुरक्षा को दांव पर लगाकर रील बनाना बेहद गैर-जिम्मेदाराना हरकत है।
सोशल मीडिया की चमक किसी मासूम की जान से बढ़कर नहीं हो सकती।
जो भी इस वीडियो के लिए जिम्मेदार है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसी लापरवाही दोहराने की हिम्मत न करे। 🚨⚖️
जैकी यादव खुद को पत्रकार के रूप में प्रस्तुत करते हैं, लेकिन उनके कई पोस्ट और ट्वीट्स में निष्पक्ष रिपोर्टिंग की बजाय जातीय और पहचान-आधारित विमर्श अधिक प्रमुख दिखाई देता है। कई बार ऐसा प्रतीत होता है कि वे लगभग हर मुद्दे को जाति के नजरिए से देखने की कोशिश करते हैं।
खान सर, रौशन सर और प्रिंस यादव से जुड़े विवाद में भी उन्होंने खुलकर एक पक्ष का समर्थन किया और बार-बार खान सर को उनके नाम "फैसल खान" से संबोधित करते हुए चर्चा का केंद्र शिक्षा से हटाकर धर्म और पहचान की ओर मोड़ दिया।
शिक्षा जैसे गंभीर विषयों को जाति और धर्म के चश्मे से देखने के बजाय तथ्यों और मुद्दों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए। सार्वजनिक विमर्श में संतुलन और जिम्मेदारी समाज तथा छात्रों, दोनों के हित में है।
💐सिल्वर स्क्रीन पर चमकने से पहले कितने अंधेरे रास्तों से गुजरना पड़ता है, यह कैमरा नहीं दिखाता।
दर्शकों को सिर्फ़ पर्दे की चमक दिखाई देती है, लेकिन चमक-दमक के पीछे कई संघर्ष, समझौते और अनकही कहानियाँ छुपी होती हैं। यह बहुत कम लोग जानते हैं।👍
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