होली कहाँ खेली जाती है? सड़क पर।
कांवर यात्रा कहाँ निकलती है? सड़क पर।
माता की चौकी कहाँ लगती है? सड़क पर।
अधिकतर जागरण कहाँ होता है? सड़क पर।
पहले CO संभल का बयान और अब अविनाश जी का बयान की रोड पर नमाज़ पढ़ी तो लीगल एक्शन लिए जायेंगे। @Uppolice@dgpup
याद रखिए यह वही SSP अविनाश पांडे महोदय हैं जो होली वाले दिन अपने लोगों के साथ सड़क पर होली खेलने में व्यस्त है मगर कानूनी कार्रवाई पासपोर्ट जब्त की धमकी केवल नमाज पर दी जायेगी
और ये दरोगा जी तब कहाँ थे, जब दूसरे देश बांग्लादेश के लफड़े में लोग यहाँ नंगा नाच कर रहे थे.. तब उनको क्यों नहीं बोला कि बांग्लादेश जा के लड़ो.. तब तो सब यहीं ग़दर काटे थे...दूसरे देश से कोई लेना देना नहीं है तो उन्हें क्यों नहीं उठाते है जो ट्रम्प और नेतन्याहु के लिए हवन कर रहे है, मानवता को तार तार करके मासूमों की मौत पे जश्न मना रहे है.. करना ही है तो सब बराबर करो.. खामखा की दरोगाई क्यों करना..
"ईरान के लिए छाती पीटने वालों का बढ़िया इलाज करूंगा, सड़क पर नमाज़ पढ़ी तो जेल में डाल दूंगा, जंग दो देशों में हो रही लेकिन खुजली यहां हो रही कुछ लोगों को, ईरान की रील बनाई तो रेल बना दूंगा!" CO संभल कुलदीप कुमार
ये कोई साधारण सा व्यक्ति नहीं बल्कि संभल का CO कुलदीप कुमार है, इसने अलविदा जुमे के लिए थाने में एक पीस मीटिंग रखी जिसमें मुस्लिमों को बुलाया गया, CO ने मीटिंग में शांति की बात तो नहीं लेकिन ख़ुद हिंसात्मक बातें करने लगा, कभी सड़क पर नमाज़ पढ़ने पर उठाकर जेल भेजने की धमकी दी तो कभी ईरान के लिए प्रदर्शन करने पर बढ़िया इलाज करने की बात कही, कभी रील बनाने वालों की रेल बनाने की बात कर रहा, कभी कह रहा है कुछ लोग जंग दो देशों में हो रही हैं लेकिन उनको खुजली मची हैं इसलिए अपनी टंगड़ी घुसा रहे हैं।
ये व्यक्ति मुझे किसी भी सूरत एक आला अधिकारी नहीं लग रहा है, ये तो मुस्लिमों को खुलेआम धमकी दे रहा है डरा रहा है, इसे भी मालूम है कि संभल का मुसलमान पहले ही डरा सहमा रहता है, इसलिए एक पुलिसकर्मी भी मुसलमानों को आसानी से डरा देता है, आज CO भी वीडियो में देखें कि यह ख़ुद शांति की बात कर रहा है या हिंसा की?
देश में क्या हो रहा हे ये तो जान ही रहे होंगे लगातार किंतु हमें क्या करना है ये हमें भी सोचना पड़ेगा
आतंकवाद का धर्म नहीं मजहब होता हे
मीनाक्षी सेहरावत 🔥🔥
आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, आपराधिक प्रवृत्ति धर्म से या पहचान से नहीं इंसान के आंतरिक संरचना से आती है।
इसलिए अपराधी दुनियाँ के हर कोने हर धर्म में पाये गये हैं।
@Uppolice