@ShivaniV2901 भारतीय इंसान ही सस्ता हुआ है कि बड़ी पढ़ाई के बाद भी बेरोज़गार है, जरूरत की सब चीजें महंगी होती जा रही है पर उसकी आमदनी या तो घट रही है य आंख बढ़ नहीं रही।
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@JaikyYadav16 वैक्सीन बनाने वाली कंपनी से चंदा लेकर 80 करोड़ लोगों को जबरदस्ती वैक्सीन लगाकर मौत के मुंह में धकेल दिया
पैरासिटामॉल जैसी दवा बनाने वाली कंपनियों से चंदा लेकर मनमाने तरीके से खराब दवाएं बनाने का परमिशन दे दिया
@budhwardee डॉक्टर–जब तुम तनाव में होते हो क्या करते हो?
दीपक भाई–जी, मंदिर चला जाता हूं!
डॉक्टर–बहुत बढ़िया, ध्यान व्यान लगाते हो वहां?
दीपक भाई–जी नहीं, लोगों के जूते चप्पल मिक्स कर देता हूं! फिर उन लोगो को देखता रहता हूं, उनको तनाव में देख कर मेरा तनाव दुर हो जाता है।
एक अंधेरी रात में एक काफिला एक रेगिस्तानी सराय में जाकर ठहरा। उस काफिले में 200 ऊंट थे। उन्होंने खूंटियां गाड़कर ऊंट बांधे, किंतु अंत में पाया कि एक ऊंट अनबंधा रह गया है। उनकी एक खूंटी और रस्सी कहीं खो गई थी। अब आधी रात वे कहां खूंटी-रस्सी लेने जाएं?*
काफिले के सरदार ने, वृद्ध सराय मालिक को उठाया - "बड़ी कृपा हो यदि एक खूंटी और रस्सी हमें मिल जाए। 199 ऊंट बंध गए, एक रह गया - अंधेरी रात है, वह कहीं भटक सकता है।"*
वृद्ध बोले - मेरे पास न तो रस्सी है, और न खूंटी, किंतु एक युक्ति है। जाओ, और खूंटी गाड़ने का नाटक करो, और ऊंट से कह दो, सो जाए।*
काफिले का सरदार बोला - अरे, ये क्या पागलपन है..?
वृद्ध बोले - बड़े नासमझ हो, ऐसी खूंटियां भी गाड़ी जा सकती हैं जो न हों, और ऐसी रस्सियां भी बांधी जा सकती हैं जिनका कोई अस्तित्व न हो!*
अंधेरी रात है, आदमी धोखा खा जाता है, ये तो एक ऊंट है!*
विश्वास तो नहीं था किंतु विवशता थी!
उन्होंने गड्ढा खोदा, खूंटी ठोकी–जो नहीं थी। केवल आवाज हुई ठोकने की, ऊंट बैठ गया। उसके गले में उन्होंने हाथ डाला, रस्सी बांधी। रस्सी खूंटी से बांध दी गई–रस्सी, जो नहीं थी। ऊंट सो गया!*
*वे बड़े हैरान हुए,*
एक अदभुत बात उनके हाथ लग गई!*
सो गए! सुबह उठकर उन्होंने 199ऊंटों की रस्सियां निकालीं, खूंटियां निकालीं–वे ऊंट खड़े हो गए! किंतु 200 वा ऊंट बैठा रहा। उसको धक्के दिए, पर वह नहीं उठा!*
फिर वृद्ध से पूछा गया. वृद्ध बोले, "ऊंट, अंधभक्तों की भांति बड़ा ढीट है! जाओ, पहले खूंटी निकालो! रस्सी खोलो!" सरदार बोले, "लेकिन रस्सी हो तब ना खोलूँ!*
*वृद्ध बोले - जैसा बांधने का नाटक किया था, वैसे ही खोलने का कर लो!"*
ऐसा ही किया गया, और ऊंट खड़ा हो गया !
सरदार ने उस वृद्ध का धन्यवाद किया - "बड़े अदभुत हैं आप, ऊंटों के बाबत आपकी जानकारी बहुत गहरी है!"*
वृद्ध बोले, "यह सूत्र, ऊंटों की जानकारी से नहीं, अंधभक्तों की जानकारी से निकला है!"*
वह अंधभक्त, जिसको WhatsApp University के खूंटे से बांध दिया था, आज भी वहीं बंधा है! 😎
😀
यदि आप पति हो और कभी एकदम सुबह 4.00 बजे जाग जाओ, और चाय पीने की इच्छा हो जाए, जो कि......स्वाभाविक है,
तो आप सोचेंगे कि.....चाय खुद ही बनाऊं या प्रिय अर्धांगिनी को जगाने का दुःसाहस करूँ.....? दोनो ही स्थितियों में आपको निम्नलिखित भयंकर परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है... और आप कुछ भी करो, आपको...चार बात तो सुननी ही है, जो कि वास्तव में 40-50 कम नहीं होती हैं...!!
...
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● पहली परिस्थिति:---
आपने खुद ही चाय बनाई...!!
आपने यदि खुद चाय बना ली, तो सुबह-सुबह ब्रह्म- मुहूर्त में आठ बजे जब भार्या जागेगी तब, आपको सुनना ही है:----
क्या ज़रूरत थी खुद बनाने की, मुझे जगा देते, पूरी पतीली "जला कर", रख दी, और वह "दूध की पतीली" थी, "चाय वाली" नीचे रखी है "दाल भरकर"....!!
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विश्लेषण:---- चाय खुद बनाने से पत्नी दुखी हुई / शर्मिंदा हुई / अपने अधिकार क्षेत्र में घुसपैठ से भयाक्रांत हुई / या कुछ और, आप कभी भी समझ नहीं पाएंगे, दूसरा ये कि......"दूध की पतीली" में "चाय" बनाना तो गुनाह है, लेकिन "चाय की पतीली" में "दाल" भरकर रखी जा सकती है....??
दूसरी परिस्थिति🌼
आपने पत्नि चाय बनाने के लिए जगा दिया...
यदि आपने गलती से भी पत्नी को जगा दिया तो, आप सुनने के लिए तैयार रहिये मेरी तो किस्मत ही ख़राब है, एक काम नहीं आता इस आदमी को, पिताजी ने जाने क्या देखा था, आधी रात को चाय चाहिए इन्हे....अभी अभी तो, पीठ सीधी की थी और इनकी फरमाइशें हैं कि, ख़त्म ही नहीं हो रही हैं, दिन देखते हैं, न रात....?? चाय बनकर, पी कर ख़त्म भी हो जाएगी पर श्लोक-सरिता' का प्रवाह अनवरत, अविरल चालता ही रहेगा...
🌼तीसरी परिस्थिति:---
एक अन्य विचित्र परिस्थिति....
यदि आप चाय खुद बना रहे हैं..और शक्कर के डिब्बे में शक्कर आधा चम्मच बची है, तो आपके दिमाग में विचार आएगा ही कि बड़े डिब्बे से निकालकर इसमें टॉप-अप कर देता हूँ, यदि आपने ऐसा किया तो पता है क्या सुनोगे....?? शायद आप सोच रहे होंगे कि, आपने बहुत शाबाशी वाला काम कीया,
नहीं बल्कि आपको....शर्तिया ये सुनना पड़ेगा -- किसने कहा था शक्कर निकालने को ? मुझे वह डिब्बा, आज मँजवाना था
निष्कर्ष: संसार में पत्नी की नजरों में पति नाम का जो जीव होता है, उसमे अकल का बिल्कुल ही अभाव होता है...सर्व-गुण-संपन्न.....तो उसके "पापा" होते हैं.🌼
इसलिए सभी पतिओं को, मेरी सलाह है कि, कभी सुबह-सुबह नींद खुल जाए, तो वापस मुंह ढांक कर सो जाएं, उसी में भलाई है...😀😀
@rohanrgupta सोचो उपरोक्त कारण से मुसलमान आबादी हिन्दू आबादी से ज्यादा तेज बढ़ती है। इसके आलावा मुस्लिम में अशिक्षा व गरीबी हिन्दूओ से ज्यादा है। इसलिए हिन्दूओ में productive स्त्री % व productivity मुसलमानो से कम होती है। इन सब के रहते सामान्य हो कर विचार करो, पाओगे कि यह आरोप सही नहीं है
@rohanrgupta १९५१ जनगणना, मुसलमान कुल आबादी का ९.९३% थे २०२१ में १४.२%, ७० साल में बढ़े ४.२७%. रासस भाजपा पार्टी का आरोप है करोड़ों बंग्लादेशी अफगानिस्तानी व रोहंगिया मुसलमान वैध अवैध तरीके से भारत आए। साथ ही साथ कि हम दो हमारे दस का भी आरोपी हैं। इनमें सती प्रथा नहीं है व विधवा विवाह है।
@ShadowSakshi@smritiirani चुनाव क्या हारे, आपने घास डालना भी बंद कर दिया? देखो मैं अभी भी वहीं डार्लिंग स्मृति ईरानी हूं। जो तुम्हारे हर झूठ फरेब मक्कारी पर जान लुटाने को तैयार हूं।
आपने तो हर वादे को दिल से निभाया है, चाहे महंगा सिलेंडर हो, चाहे सालाना दो करोड़ रोज़गार हो, 15 लाख हो, up में होली दिवाली फ्री सिलेंडर हो, काला धन वापस लाना हो या फिर ऐसे ही हज़ारों वादे जो आपने पूरे किये है, आपको साधुवाद है कि आप अपने वादों से पल्ला नहीं झाड़ते है.. धन्य है आप और आपकी सम्पूर्ण पार्टी
एक बार एक गधा पेड़ के नीचे बैठा था,अचानक उसे एक ज़ोर की आवाज़ आई,और उसने धूल उड़ती देखी।
उसे लगा कि शायद धरती फट गई और सभी कुछ ख़त्म हो जायेगा, फिर क्या था वो भागने लगा,रास्ते मे उसे हिरण मिला तो उसने कहा,धरती फट गई है, भागो और अपनी जान बचाओ।
उसकी बात सुन हिरण भी भागने लगा।
दोनों को रास्ते मे लोमड़ी मिली ,उनकी बात सुनकर वो भी भागने लगी ।
इस प्रकार खबर सुनकर जंगल के सारे जानवर गधे के साथ साथ भागने लगे। सब चिल्लाते जा रहे थे कि धरती फट गई है।
आखिर में शेर मिला ,उसने जानवरों से भागने का कारण पूछा तो सबने उसे बताया धरती फट गई है और हम सब जान बचाने के लिये भाग रहे हैं।
शेर ने डपट कर उल्लू से पूछा कि ये किसने कहा तो उसने लोमड़ी का नाम लिया,लोमड़ी ने हिरण का नाम लिया।
इस प्रकार पता चला कि ये खबर गधे ने दी है।
शेर ने जहां गधा सोया था उस जगह की जांच की तो पता चला की कुछ ही दूर पर एक झोंपड़ी थी जिससे लगा नारियल का पेड़ था, नारियल झोंपड़ी पर गिरा तो आवाज़ हुई और जब ज़मीन पर गिरा तो धूल उड़ी।
गधे को तो रेंकने की आदत थी सो उसने डंका पिट दिया।
आजकल गोदी मीडिया का यही हाल है।😎
@suryapsingh_IAS आपके इस वीडियो से भारत को होने वाला कोई एक फायदा बताएं,आपका मकसद क्या केवल हिन्दू मुस्लिम करने के लिए ही है। अरे आप तो अपने नाम के साथ IAS का ठप्पा भी लगाये हैं क्या उस पद की शपथ में यही हिंदू मुस्लिम था। क्या सच मे कभी आपको खुद पर घिन्न नहीं आती कि इस पद का व्यक्ति ऐसे वीडियो?
भाजपा नेता इंदौर अध्यक्ष कह रहे हैं कि गरबा में आना है तो गौ मूत्र पियो मैं इस शर्त से पूर्णतः सहमत हूं। गरबा में आने वालों को सिर्फ गौमूत्र ही नहीं बल्कि गौबर के समोसे भी खिलाए जाएं।
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हिमाचल मे मस्जिद तोड़ने के लिए जुलुस लेकर निकला
एक संघी वीरेंद्र परमार
मस्जिद के पास पहुंचते ही हार्ट अटैक से मौत!बेचारा हिन्दू राष्ट्र नहीं देख सका
🤦♂️🤦♂️
लमो लमो
Should we call Narander Modi a human being? Even he himself don't claim. But say is un-biological. While Rahul Gandhi is biological and human being, and also represent forces who fought for freedom of country. Modi representative of Anti India and Fascists & Nazi German Forces.