@MediaHarshVT@oprajbhar हर्षवर्धन जी, अब आरक्षण जाति आधारित ना होकर आर्थिक आधार पर होना चाहिए। आरक्षण पढ़ाई में मिले नौकरी में नहीं।
पढ़ने के समान अवसर उसके बाद जिसकी जैसे मेधा उसको वैसा पद और नौकरी।
आप 2-4 नंबर पर डॉक्टर, मास्टर बनाकर इस देश के भविष्य का गर्भपात ही कर रहे हैं।