ओडीशा के किसी सामान्य वर्ग के NEET परीक्षार्थी को आप जानते हों जिन्हें नई आरक्षण नीति के कारण इस बार सीट न मिली हो तो कृपया हमें संपर्क करें। हम आपका केस निःशुल्क लड़ेंगे।
विद्यार्थी या उनके माता-पिता हमसे संपर्क करें।
आज गालियाँ दे रहे हो- कल जेल में बैठकर पछताओगे कि
जब SC/ST एक्ट के दुरुपयोग के खिलाफ आवाज़ उठी, तब प्रीत सिरोही के साथ क्यों नहीं खड़े हुए।
Stand against SC/ST Act misuse. RETWEET.
दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज मोदी एक्ट की धारा 18 और 18ए(2) के अंतर्गत वैधानिक रोक को देखते हुए मेरी अग्रिम जमानत याचिका को निरस्त कर दिया। हायकोर्ट का यह निर्णय अपनी जगह है, पर मैं इस से सम्मानपूर्वक असहमत हूँ।
साथ ही, यह भी स्पष्ट है कि न्यायालय ने कहा है कि इसकी टिप्पणियाँ केवल जमानत आवेदन तक सीमित हैं और मेरी आपराधिकता इससे सिद्ध नहीं हो जाती। इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष चुनौती दूँगा और आशा करता हूँ कि देश की न्यायिक व्यवस्था में सर्वोच्च विश्वास बना रहे।
मुझे एक नीच, अधम, पतित ट्रोल के विरुद्ध अपने परिवार के सम्मान की रक्षा करने के लिए, इस घटिया और दमनकारी मोदी एक्ट (जिसे SC/ST एक्ट भी कहा जाता है) के प्रावधानों के तहत एक आपराधिक मामले में झूठा फँसाया गया है।
मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा है जो किसी व्यक्ति या समुदाय का जाति के आधार पर जानबूझकर अपमान या अपमानजनक व्यवहार माना जा सके। मैं उन किसी भी निहित स्वार्थ वाली ताकतों से लड़ने के लिए तैयार हूँ जो इस देश में स्वतंत्र अभिव्यक्ति और सत्य कथन को दंडित करना चाहती हैं, भले ही इसके लिए मुझे जेल जाना पड़े।
एक नेता द्वारा अपनी राजनैतिक वोटबैंक को साधने के लिए, सामान्य जनता से बिना किसी सोच-विचार के, संशोधित किए गए इस पूरे कानून और इसके संशोधित नियमों का मैं तब तक विरोध करूँगा जब तक इसे पूरी तरह से निरस्त न किया जाए।
और हाँ, पुनः कहूँगा कि हमारी की माँ-बहनें सड़कों पर चलती-फिरती वस्तु नहीं है जिस पर कोई भी टिप्पणी करे और बच जाए। उनके सम्मान की रक्षा हेतु, सौ बार जेल जाना पड़े जाऊँगा और 101वीं बार वही करूँगा जो मैंने किया है।
PS: जो भी इस निरस्तीकरण पर स्खलित हो रहे हैं, तुम्हारी माँ-बहन पर भी हर दिन ऐसी टिप्पणी होती है। उस पर भी मैं ही स्टैंड लूँगा क्योंकि तुम अपनी कायरता में दो शब्द नहीं लिख पाओगे।
यदि आप हमारे 'आरक्षण सुधार आंदोलन' @RHAreforms से जुड़ना चाहते हैं तो ये रहा गूगल फॉर्म। आपके डेटा को हम कहीं शेयर नहीं करेंगे। यह एक स्वैच्छिक कार्य है।
https://t.co/VftxHc5Ejc
यही वह दृश्य है जहाँ योग्यता, @narendramodi के भीड़तंत्र के समक्ष झुक कर बिछ जाने के सामने, कलम निकाल कर अपनी अंतिम यात्रा का आरंभ कर रही है।
डायरेक्टर केदारे साहब शांत हैं, 18 माँगें हों या 180, वो स्वीकार कर लेंगे क्योंकि @PMOIndia से कारण बताओ नोटिस आ जाएगा कि आपसे एक छोटा सा प्रोटेस्ट नहीं सँभलता, जबकि हमने तिलचट्टों के प्रोटेस्ट में पूरे देश को बताया है कि करना क्या है।
भीड़ ही ‘लोकतंत्र’ का ‘लोक’ है, अतः वह जो भी कहे, वह जाँच से पहले ही कर दीजिए। मुझे थूकने की इच्छा हो रही है किसी के मुँह पर!
मोकामा के कसहा दियारा की समुन्दरी देवी पिछले 10 वर्षों से वृद्धा पेंशन के लिए इंतजार कर रही हैं। पति की मौत के बाद सहारे के नाम पर सरकारी योजना ही थी, लेकिन वह भी आज तक नहीं मिली। उम्र के इस पड़ाव पर दादी माँ को दफ्तरों के चक्कर नहीं, सहारे की जरूरत है।
इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें, ताकि समुन्दरी देवी की आवाज जिम्मेदार लोगों तक पहुँचे और उन्हें उनका हक मिल सके।
आचार्य श्री 108 निर्भय सागर जी महाराज द्वारा बोले गए एक-एक शब्द पर फिर से सोचिए कि जो बातें हमारे जैसे लोग बोल रहे हैं, वो अब किस-किस स्तर तक जा रही हैं और कौन-कौन लोग उन्हें उठा रहे हैं।
It is not just कि political outfits, NGOs, ब्राह्मण सभा, क्षत्रिय सभा, ये सेना, वो आर्मी ही ये बातें कर रहे हैं।
ये actual में धर्म से जुड़े लोग हैं, जिन्हें हजारों या लाखों लोग अलग-अलग माध्यमों से सुनते हैं। वही exact बातें बोल रहे हैं कि भाई, हमारे बच्चों को क्या protection है? सामने वाला यदि झूठ बोलकर फँसा दे तो वो कहाँ जाएँ? इस पर कोई प्रश्न क्यों नहीं उठा रहा?
(आप ये भी देखिए, हिंदू धर्म प्रचारकों को कोई चिंता ही नहीं है। सरकार के विरोध में काहे बोलें? वो सभी चिल हैं भाई, उनका सिस्टम एकदम बढ़िया है।)
कैमरा ऑन है, गलत काम करता पकड़ा गया @narendramodi को कोर वोटर और 2:18 पर अचानक से ‘आपने मुझे गाली दी है, इतने लोग गवाह हैं’ बोल कर ‘मोदी एक्ट’ की धमकी दे रहा है।
और दुर्भाग्य है कि केस करेगा तो यही व्यक्ति अपना काम करने के कारण कोर्ट के चक्कर लगाएगा। एक ही डैश है मोदी जी, कितनी बार…
जैन समाज के संत पुलक सागर जी ने UGC,आरक्षण और SC/ST एक्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
क्या UGC पर इसी तरह से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, पंडित प्रदीप मिश्रा जी और देवकीनंदन ठाकुर जी समेत अन्य हिंदू धर्म के संतों का भी बयान आ सकता है?
मोदी जाएगा तो राहुल आ जाएगा, योगी जाएगा तो अखिलेश आ जाएगा; इस भावनात्मक ब्लैकमेल में मत फँसाइए। मैं सामान्य वर्ग के अधिकारों के लिए लड़ता रहूँगा। कल कोई बदतर पार्टी आई तो उसे सड़कों पर निपट लेंगे।
दूसरी तरफ़ घनघोर अयोग्यता को कोचिंग से लेकर मेरिट, PG, नौकरी और प्रमोशन तक लगातार छूट, ये अनंत काल तक नहीं चल सकता।
This has to stop!
हर नेता और प्रत्याशी को ऐसे ही वीडियो पर बोलने को विवश करो चाहे वह मोदी एक्ट हो, यूजीसी हो या आरक्षण। ये बोलेंगे और फँसेंगे। रिकॉर्ड करो और सोशल मीडिया पर डालो।
इन गद्दारों और ब्लैकमैलरों को खींच-खींच कर निकालना है।