पेपर लीक के खिलाफ चल रहे Sonam Wangchuk जी के शांतिपूर्ण अनशन को खत्म करने के लिए सरकार ने बातचीत का रास्ता नहीं चुना, बल्कि जबरदस्ती और गुंडागर्दी का सहारा लिया।
यह साफ दिखाता है कि सरकार छात्रों की आवाज़ से डर गई है।
कौन कह रहा है की आतंकियों का कोई धर्म नहीं होता …
भारत में रह रहे आतंकी का बस एक ही धर्म है जो मुसलमानों का नाम पूछ कर उसके साथ मारपीट कर रही है…
समझदार के लिए इशारा कॉफ़ी
पहलगाम हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी की पत्नी का कहना है कि हमारी सरकार ने वहां अनाथ छोड़ दिया था.
क्या इनको भी नेहा सिंह राठौर की तरह देशद्रोही कह देंगे अब???