"भारत बंद" को अहिंसा और शांतिपूर्ण तरीके से सफल बनाने के लिए मैं देश के सभी वर्गों, संगठनों और समाज का हार्दिक आभारी हूँ। ��ह हमारी पहली जीत है। हम सभी का यही दायित्व है की हम आगे भी देश में राष्ट्रीय एकता, अखण्डता, अहिंसा और शांति बनाए रखें।
।। राधे राधे ।।
भारत के कानून का उसूल है कि भले ही कितने गुनहगार बच जाएं, लेकिन एक भी निर्दोष को सजा नहीं होनी चाहिए। फिर यह अवधारणा SC-ST एक्ट पर लागू क्यों नहीं होती?
एक गीत लिखा है मैंने ,
एक गान लिखा है मैंने।
शहीदों को श्रद्धांजलि और,
भारत माँ को प्रणाम लिखा है मैंने।।
एक बात सुनी है मैंने,
दुश्मन लगा है कहने ।
मैं हू�� घर के अंदर ,
बाहर लगा लो कितने पहरे ।।
न मन में कोई वहम, चेहरे पर भी कोई शिकन नहीं है,
न जाने क्यूँ , मानो तुम, बस मेरा अब मन नहीं है !
हठी हूँ मैं, मुझे पता है,
डटी हूँ मैं, तुम्हें पता है,
जज़्बातों में पर अब वजन नहीं है,
बस इतना कि मेरा मन नहीं है !