यादव कथावाचक से किसी को कोई तकलीफ़ नही है
लेकिन इन्होंने अपना जाति क्यों छुपाया?
जब इनसे नाम पूछा गया तो इन्होंने अपना सरनेम तिवारी बताया, बाद में पता चला कि यह यादव थे
आप यादव समाज से हैं तो गर्व से कहिए कि आप यादव है, अपनी जाति छुपाने की जरूरत नही थी
फिर भी जो हुआ, वह गलत हुआ
गलती दोनों पक्षों की हैं।
आपस में बात करते मामले को खत्म कर लेना चाहिए
ऐसा दुबारा नहीं होना चाहिए