@UIDAILucknow@UIDAI@UIDAIDelhi@UIDAIMumbai
Sir 3 month ho gya hain but abhi tk DOB change nhi hue hain.jbki mene sare documents aapko send kiye hue hain.. please sir request hain aapse ... DOB aadhar card mai update kr dijiye..
सब मेरा आधार कार्ड है मेरी बेटी की डेट ऑफ बर्थ गलत है मैंने डेट ऑफ बर्थ दे दी है पास के सेंटर में जाकर भी चेंज कराई ,बोला कि हमने अपनी और से कर दी हैं @UIDAI@UIDAILucknow@UIDAIDelhi@UIDAIMumbai
@UIDAI
आपको कितनी बार डीएम दिया है। लेकिन आपने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है..अगर आप कर सकते हैं जो तो कर दो..नहीं तो मुझे कोई या रास्ता बता दो...फिर...? Kuki 6 month ho gye hain aapko sara deta diye hue ...??
@UIDAI आपके मामले को आगे के समाधान के लिए संबंधित प्रभाग को सौंप दिया गया है। कृपया अपने केस नंबर - S2023672024000 को नोट कर लें, ताकि आगे के संचार और ट्रैकिंग में सुविधा हो (आप इस लिंक से मामले की प्रगति देख सकते हैं: https://t.co/MPRSvWOtZS)।
हमसे संपर्क करने के लिए धन्यवाद।
@UIDAI मैंने अपनी सारी समस्याओं से 3 महीने पहले ही आपको डीएम कर रखा है, आपने मुझे एक मैसेज भी डीएम किया था, मैं आपको भेज रहा हूं, कृपा करके जल्दी से जल्दी बदलाव करो।
जिला बदायूं के दातागंज थाना क्षेत्र में दलित युवक राजेश कोरी की पुलिस कस्टडी में मौत बेहद दुखद,गंभीर और चिन्ताजनक है।
परिजनों के अनुसार, पुलिस की पिटाई के बाद राजेश की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। अब हवालात के अंदर का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें राजेश पानी पीने की हालत में तक नजर नहीं आ रहा है और पुलिसकर्मी के हाथ छोड़ते ही वह जमीन पर गिर जाता है। यह वीडियो पुलिस की भूमिका और पूरे घटनाक्रम पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पुलिस कह रही है कि पहले राजेश की तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। लेकिन सवाल यह है कि अगर राजेश की हालत इतनी खराब थी तो उसे समय रहते इलाज क्यों नहीं दिया गया?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस के बचाव में परिजनों से तहरीर लेकर दूसरे पक्ष के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर दिया गया। अगर हत्या हुई थी, तो राजेश पुलिस की हवालात में क्यों था? और अगर वह पुलिस हिरासत में सुरक्षित था, तो हवालात के अंदर उसकी हालत इतनी गंभीर कैसे हुई?
दातागंज थाने के CCTV फुटेज को तत्काल सुरक्षित कर सार्वजनिक किया जाए। पुलिस हिरासत में हुई इस मौत की जांच उसी पुलिस तंत्र से नहीं, बल्कि स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय एजेंसी से कराई जाए।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी जवाब दें कि दलित युवक राजेश कोरी की मौत के लिए जिम्मेदार कौन है?
@UPGovt से हमारी मांग है कि पुलिस हिरासत में हुई दलित युवक राजेश कोरी की मौत की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। दोषियों को बचाने के बजाय उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा मृतक के परिवार को न्याय, सुरक्षा और उचित मुआवजा दिया जाए।
हमारी संवेदनाएँ भाई राजेश कोरी के शोकाकुल परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस असीम दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे।
पूरा जाट समाज दलित भाइयों के साथ है। किसी ने SC/ST एक्ट और आरक्षण को हाथ लगाया तो दिल्ली जंतर मंतर क्या पूरे देश में आंदोलन होगा। आरक्षण हमारा स्वाभिमान है और इसे छीनने की औकात किसी में नहीं है।
— राष्ट्रीय जाट महासभा भारत.
आरक्षण कोई हलवा या खैरात नही है, यह अधिकार पाने के लिए जाट समाज और SC/ST भाईयों ने सड़कों पर खून बहाया है और आज भी हमारे कई भाई जेलों में हैं। सर छोटू राम जी, चौधरी चरण सिंह जी और चौधरी देवीलाल जी के संघर्षों को हम यूं ही मिटने नही देंगे।
आरक्षण कोई गरीबी हटाओ योजना नहीं, बल्कि सत्ता और नौकरियों में हिस्सेदारी का संवैधानिक अधिकार है। जब तक किसान-मजदूर का बेटा बराबरी पर नहीं बैठता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। जय जाट ! जय किसान ! जय संविधान !