आजकल मुझे कहीं भी,थोडा सा शकून नही मिलता।
क्यूंकि दम तोड़ती हुई,जिंदगियों को खून नही मिलता।
बचालो कोई तो मुझको,तड़पती जिंदगी शोर कर रही है।
आदमी की सोच ही आज,आदमी को कमजोर कर रही है।
वक्त से पहले मौत ना आए,मौत को इतना परेशान करदो।
थोडा सा वक्त दान करदो,थोडा सा रक्त दान कर दो