मध्यप्रदेश में एक आरटीओ चेकिंग में यूपी नंबर की ट्रक का 3500 का चालान कर दिया।😎
भाई ड्राइवर के पास लाइसेंस था फिर भी लिख दिया बिना लाइसेंस की गाड़ी चला रहे थे। और चालान कर दिया ,फिर ड्राइवर ने तो भाई सिस्टम ही हिला डाला।
GEN Z Power 💪
GEN-Z की एक लड़की ने राहुल गांधी जी के सामने बेहद VALID मुद्दा उठाया! 🇮🇳
अगर राशन कार्ड के लिए फिंगरप्रिंट चाहिए,
पेंशन के लिए फिंगरप्रिंट चाहिए,
बैंक में लेन-देन के लिए बायोमेट्रिक इस्तेमाल हो सकता है,
तो फिर वोटिंग के समय आधार-आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन क्यों नहीं?
अगर किसी व्यक्ति की उम्र 18 साल पूरी हो चुकी है, तो वोटर ID के साथ उसका बायोमेट्रिक सत्यापन हो और मशीन पर फिंगरप्रिंट मैच होने के बाद ही वोट डालने की अनुमति मिले।
इससे कम-से-कम मतदाता की पहचान को लेकर एक अतिरिक्त सुरक्षा और पारदर्शिता आ सकती है।
चुनाव आयोग को इस सुझाव पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
और सबसे बड़ा सवाल👇
क्या राहुल गांधी जी इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे?
GEN-Z सवाल पूछ रही है—
अब जवाब भी चाहिए! 🇮🇳
हमीरपुर
➡️कलेक्ट्रेट के गेट पर GEN-ALPHA का हुजूम
➡️बड़ी संख्या में मेन गेट पर जुटे स्कूली बच्चे
➡️हमारे भी सपने, हमें भी DM बनना है- बच्चे
➡️स्कूल जाने-आने के लिए पक्की रोड की मांग
➡️डीएम से मिलने की जिद पर अड़े GEN-ALPHA
➡️कई बच्चों के अभिभावक भी प्रदर्शन में शामिल
➡️मांगे पूरी न होने तक वहीं डटे रहने की चेतावनी
➡️ग्राम पंचायत चंदूपुर के रहने वाले सभी ग्रामीण
➡️डीएम ऑफिस में घुसने का भी किया था प्रयास
#hamirpur | @dmhamirpurup@CMOfficeUP@UPGovt@ADGZonPrayagraj@hamirpurpolice@CJP_for_India
4 मई को बंगाल इलेक्शन का रिजल्ट आता है
12 जून को कोलकाता में सरकारी बिल्डिंग में आग लगने से 4000 ईवीएम, VVPAT और बैलेट बॉक्स जलकर राख़ होते हैँ
13 जून को पुलिस FIR दर्ज़ करके SIT बैठाती है
तीसरी मंज़िल पर लगी आग, बीच वाले फ्लोर्स को छोड़कर सीधे 9 वी मंज़िल पर जाती है
58 दिन बीतने पर आजतक किसी को कारण नहीं पता लगता.
विपक्ष ने एक सवाल नहीं उठाती है जाँच पर.
SIT चुप, विपक्ष चुप, इलेक्शन कमीशन चुप.
लोकतंत्र चुप.
ज्ञानेश कुमार की हमेशा जय हो.
वैज्ञानिक श्री श्री नरेन्द दामोदर दास मोदी जी व उनके सहायक नितिन गडकरी जी :-
"पहले स्पेस टेक्नोलॉजी को सिर्फ बड़े-बड़े अभियानों या रॉकेट छोड़ने तक सीमित माना जाता था। लेकिन हमने स्पेस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल सड़कों और नेशनल हाइवे के सर्वे, इंफ्रास्ट्रक्चर मैपिंग और पारदर्शिता लाने के लिए करना शुरू किया है। टेक्नोलॉजी आम नागरिक के जीवन को आसान बनाने का सबसे बड़ा माध्यम है।"
Godi media is finally being shown the door.
At the Ranchi student protest, AISA’s Neha Bora didn’t waste a single second on the RSS-affiliated Organiser journalist.
She looked her straight in the eye and made it clear:
You’re spreading lies. We are not talking to you.
“You’re spreading lies.”
No platform.
No respect.
No entertainment for Godi media anymore.
No fake politeness.
No “dialogue”.
No platform given to those who exist only to whitewash and manufacture narratives.
This is the shift.
Students, activists and ordinary people are done entertaining lapdog media that serves power instead of truth.
Watch how cleanly she shuts her down.
The era of free PR for the Sangh is ending — one refusal at a time.
#GodiMedia #NehaBora #StudentResistance
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी जिसने देश को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री दिया आज उसी यूनिवर्सिटी में लड़कियों को आने की अनुमति नहीं।
ऐसी क्या वजह है जहाँ की वाईस चांसलर संगीता श्रीवास्तव एक महिला होने के बावजूद वहा की लाइब्रेरी के दरवाजे तक लड़कियों के लिए खुले नहीं?
With each passing day more and more people (yes, Hindus) have started treating Mr. Modi as a joke. It’s so bad that it has started making it to mainstream media. You can imagine the things being said that media is not showing! I believe it’s best that Mr. Narendra Modi resign for the sake of India’s stability. India needs a leader that people trust.
देश का सबसे ईमानदार और देशभक्त परिवार
ये होता है त्याग और सम्मान की भावना
देश निर्माण मे जिस परिवार ने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया वह कैसे देख सकता है देश को आज लुटते हुऐ
करोड़ों की संपत्ति मुफ़्त में स्वाहा? आनंद भवन के त्याग का असली इतिहास!
आज की देश की बुरी हालत देखते हुए @RahulGandhi और @varungandhi80 को अब हर हाल में साथ आना चाहिए
जब नफरत, जाति और धर्म के नाम पर देश को बाँटने की कोशिश हो रही हो, तो व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठना ही देशहित में है।
जब अपने ही खानदान और पूर्वजों के लिए अभद्र और कड़वे शब्द बोले जाते हैं, तो किसी भी रीढ़ वाले और स्वाभिमानी इंसान का खून खोलना स्वाभाविक है। ऐसी स्थिति में खामोश रहना या अलग-थलग पड़े रहना सही नहीं हो सकता।
@priyankagandhi@Manekagandhibjp