कवि! तुमने कहा था
"आह से उपजता गान"
किन्तु,
आज जब आहों, कराहों से
रिक्त नहीं धरती का कोई कोना
तब कहीं से एक भी गीत नहीं उपजता है
दुःख मे कविता नहीं होती कवि!
दुःख मे कविता रोती है
- निकी पुष्कर 🌻
@Nikipushkar15
ज्ञान की बात
फास्ट फूड खाने से इंसान फास्ट नही हो जाता,
स्मार्ट फोन उसे करने से इंसान स्मार्ट नही हो जाता ,
लेकिन
लूज मोशन होने से इंसान लूज जरूर हो जाता हैं।
🤣🤣
तुम मुझसे इतनी दूर हो जितना धरती से चांद.. हम तुम्हें ना देख सकते हैं और ना हीं स्पर्श कर सकते हैं परंतु सुनो कुछ क्षण के लिए जब तुम्हारी तस्वीर निहारते हैं तो तुम्हारे प्रेम में हृदय इतना आनंदित हो जाता है जैसे किसी बच्चे को उसका मनचाहा खिलौना मिल गया हो जैसे❤️
#वंदना🍁
@456_payal भरोसा किन पे करना है , जिन्हें तैरना आता है या जिन के पास नाव है...? क्युकी देखा जाए तो खेनेवाले(खेवाया) के परिवार को नाव चलाना आय ऐसा उचित है क्या..? नाव तो है उन के पास मगर क्या जरूरी है उन्हे नाव चलाना आता हो...?
ज़िद है
ज़िंदगी को गले लगाने की
ज़िद है
आँसुओ के संग मुस्कुराने की
ज़िद है
हौसलो को जवाँ रखने की
ज़िद है
आगे बढ़ते जाने की
ज़िद है
आँधियों मे चिराग़ जलाने की
ज़िद है
आसमाँ को झुकाने की
ज़िद है
हर मुश्किल को हराने की
ज़िद है
मंज़िल तक पहुँचने की
ज़िद है
मर के भी ज़िंदा रहने की