बीजेपी के पास खुद की सोचने समझने की शक्ति बची नहीं है, युवा के नाम पर पचहत्तर कुकर्म किए लोग युवा नेतृत्व बने घूम रहे है, जिनका ध्येय बस खुद को चमकाना है देश और समाज सेवा उनके लिए ऐसा ही है जेसे भेड़िए को भेड़ों की रखवाली मिली हो । और इन युवा तुर्कों के 500 लफ़न्दर पिछलग्गू अपने मालिकों को खुश करने के लिए ज्ञान की परिभाषा बने X पर घूम रहें है ।
बढ़िया से रेलते रहिए इनको 😌