CJI हो, प्रधानमंत्री, मंत्री, विधायक या कोई अन्य छुटभैया। शक्ति के पद पर बैठे लोगों को आलोचक बहुत अखरते हैं। CJI उन्हें दीमक कहते हैं, PM उन्हें आंदोलनजीवी, मंत्री कीड़ा मकौड़ा समझते हैं।
जहां देश का प्रधान एकतरफा संवाद करता है, वहां सवाल पूछना अपराध की श्रेणी में आना स्वाभाविक है।
यार तुम सवाल बहुत करते हो, बहुत बोलते हो यार, ये हम आपको क्यों बताएं, अराजकता मत फैलाओ, हमें अपना काम करने दो....इस तरह के जवाब दिए जाते हैं जब किसी सत्ताधारी नेता और सीनियर अधिकारी से सवाल पूछे जाते हैं।
RTI वालों को, लोकल पत्रकारों को, सोशल मीडिया के आलोचकों को इसी नजर से देखते हैं ये लोग। लेकिन दबाने वाले हर दौर में रहे हैं, अपनी बात कहने वाले तो कह कर ही रहते हैं।
बंगाल में टीएमसी से आए
शिवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बन रहे हैं
बिहार के सम्राट चौधरी आरजेडी से आए
मुख्यमंत्री बन गए
असम में कांग्रेस से गए
हेमंत शरमा मुख्यमंत्री बन गए
त्रिपुरा में कांग्रेस से गए
मानिक साहा मुख्यमंत्री बन गए
भाजपा नेता दरी बिछाएंगे 🤣🤣
> This is Jitendra Shelke, a businessman from Shirdi
> Yesterday, he and his wife died in a road accident on the Mumbai-Nagpur Samruddhi Expressway
> Shelke was VP of Ashok Kharat's Shivnika Trust
> He was a close business aide of the self-styled godman who is currently in jail for sexually exploiting women
> After Ashok Kharat's arrest, Shelke had resigned from Shivnika Trust and become a key witness in the case
> SIT has questioned him multiple times on Ashok Kharat's finances and links with politicians/bureaucrats
And now he is no more.
Strange coincidence.
जिस कुशलता के साथ ज्ञानेश जी चुनाव आयोग संभाल रहे हैं, उतनी ही कुशलता से उनकी DM बेटी मेधा नोएडा संभाल रही हैं।
दोनों को कृतज्ञ राष्ट्र का नमन, ज्ञानेश परिवार ना होता तो देश का पता नहीं क्या होता। 🙏🏼