ऑस्ट्रेलिया में 10 लोगों को गोलियों से भुनने वाले हमलावर का नाम नावेद अकरम बताया जा रहा है.
अब राइट विंग वाले इस हमले को आतंकी हमला बताकर विशेष धर्म को टारगेट कर रहे.
1996 से पहले जब ऑस्ट्रेलिया में हथियार चॉकलेट की तरह दुकानों में मिलता था, तब मार्टिन ब्रायंट नाम का युवा ऑटोमेटिक बंदूक दुकान से खरीदकर
ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया में अंधाधुंध फायरिंग कर 35 लोगों की जान ले लेता है. तब किसी ने मार्टिन ब्रायंट का धर्म क्यों नही खोजा.
इस हमले के बाद ऑस्ट्रेलिया में हथियार रखने पर पाबंदी लगा दी गई. देश के नागरिकों से सभी तरह के हथियार ज़ब्त कर नष्ट कर दिया गया.
क्रांति कुमार फिलहाल बिजी जरूर है, लेकिन सोया नही है. राइट विंग वालों के मंसूबों को कामयाब होने नही दूंगा.
*नए भारत की नई सोच,*
*समृद्धि भी, सुरक्षा भी!*
NH-45 पर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से गुजरते 2 किमी हिस्से में लाल उभरी सड़क बनाई गई है। यह स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर न सिर्फ ड्राइवर को अलर्ट करता है, बल्कि जानवरों की जान भी बचाता है।
#Dharmantaran#dharmantaran#santana
अंधभक्तों ये है मुस्लिम देश #UAE का शहर दुबई।
इस देश में 75% मुस्लिम, 13% क्रिश्चियन और 7% हिंदू रहते है पर मजाल है किसी ने धर्म पूछ कर लिंचिंग की हो, किसी से जबरन धार्मिक नारा लगवाया हो।
कहते हैं वो वाले मुस्लिम पसंद हैं, वो कन्वर्टेड नहीं है, अरे गोबर छाप मुस्लिम सभी रिवर्टेड ही हैं, यहूदी फिर क्रिश्चियन फिर मुस्लिम, चाहे यहाँ के हो या वहाँ के।