भारतीय जनता पार्टी की संस्थापक सदस्य, राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन।
राजसी वैभव का त्याग कर उन्होंने जनसेवा का मार्ग चुना और आजीवन राष्ट्रवादी विचारधारा को सशक्त बनाने में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।
आपातकाल के विरुद्ध संघर्ष में उन्होंने महीनों तक कारावास की यातनाएं सहीं, पर अपने सिद्धांतों से तनिक भी समझौता नहीं किया। उनका जीवन सदैव हर कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
12 वर्ष पहले आज के ही दिन मेरे नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा हुई थी।
उस दिन मैं अपने ऑफिस में कंप्यूटर पर अलग अलग वेबसाइटों पर जर्मनी के लिए सबसे सस्ता टिकट ढूँढ रहा था।
तभी दिल्ली के एक पत्रकार का फ़ोन आया। वह ख़ुशी के मारे लगभग चीखते हुए बोले ,'कैलाश जी, नोबेल प्राइज, नाबेल प्राइज।' अति उत्साह और जल्दबाज़ी में वे यह नहीं बोल पाए कि प्राइस किसे मिला है।
मैंने सोचा कि जिस किसी के पुरस्कार की घोषणा हुई है, उनके बारे में वे मुझसे कोई बाईट चाहते हैं। मैंने उनका फ़ोन होल्ड करके गूगल पर वह नाम ढूँढना शुरू किया, ताकि ठीक से अपना बाईट दे सकूँ। लेकिन तब तक वहाँ कोई जानकारी नहीं आई थी।
कुछ ही क्षणों में ऑफिस के कई साथी ख़ुशी के मारे पागल हुए मुझसे आकर लिपट गए। तब मैंने जाना कि वह हादसा तो मेरे साथ हुआ है। हालांकि मुझे तब भी विश्वास नहीं हो रहा था।
आख़िर नोबेल शांति पुरस्कार के इतिहास में पहली बार दुनिया के सबसे शोषित और पीड़ित बच्चों को सम्मानित किया गया था, भले ही मेरे माध्यम से सही।
मैं आज भी अपने सभी साथियों ,सहयोगियों, अनगिनत बच्चों और उनके माता पिताओं के प्रति बेहद कृतज्ञ महसूस करता हूँ।
"राहुल (सरेंडर) गांधी ऐलान मस्क की सिफारिश में लगे हुए हैं, आखिर क्यों?" - भाजपा उपाध्यक्ष राम माधव
वाजिब सवाल है! जो व्यक्ति भारत के उद्योगपतियों का विरोध करता है, उसका मस्क प्रेम स्वाभाविक तो नहीं है!
भारत रत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन।
स्वतंत्रता संग्राम से लेकर कांग्रेस के विरुद्ध लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए उनके संघर्ष और ‘संपूर्ण क्रांति’ के आह्वान ने देश में लोकतांत्रिक चेतना को नई दिशा दी।
जयप्रकाश नारायण जी का जीवन हमें सदैव जनहित को सर्वोपरि रखते हुए राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता रहेगा।
अपनेपन की सेल्फी... 📸
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin की सहजता, सरलता और आत्मीयता कार्यकर्ताओं के बीच नई ऊर्जा का संचार करती है। कार्यकर्ता संगठन की शक्ति हैं और जब नेतृत्व का साथ मिले तो यही शक्ति संकल्पों को नई गति देती है।