इस वीडियो को जरूर सुना जाना चाहिए- दिल्ली हाई कोर्ट में कल वरिष्ठ वकील Gopal Sankaranarayanan ने दिल्ली पुलिस के धागे खोल दिए.
उन्होंने कहा-
पुलिस ने लाठियां चलाईं, लाठियों में कीलें लगी हुई थीं, इसकी वजह से बच्चे घायल हुए।
पुलिस वाले सिविल कपड़ों में थे. वर्दी वालों ने नेमप्लेट हटा दी.
उनके पास करंट मारने वाली इलेक्ट्रिक लाठियां थीं. प्रदर्शन में RAF और पुलिस को इसका इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं है.
एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा ने शांत खड़ी एक छात्रा को थप्पड़ मारते हैं. उनका इस कोर्ट में नाम लिया जाना चाहिए और संदीप लांबा को इस कोर्ट में बुलाया जाना चाहिए औऱ उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. ऐसे लोगों को पुलिस का चार्ज दिया हुआ है लोगों की रक्षा करने के लिए।
Credit-The Bar Bulletin
अगर 5 साल तक भारतीय क्रिकेट टीम में जगह नहीं मिलती और सिर्फ़ धैर्य और BCCI पर भरोसा रखते तो खेलने की उम्र निकल जाती।पूरा जीवन रील बनाकर ही काटना पड़ता धवन साहब…
Wow! Our Honourable Courts have time to hear whether CJP is foreign funded (with ZERO evidence of this) but no time to watch videos of Monday’s violence against students? Said this before: STOP THE CONSPIRACY THEORIES, YUVA KI AAWAZ SUNO! 🙏
अब सोनम वांगचुक को धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा नहीं चाहिए।
और युवा प्रधानमंत्री का इस्तीफ़ा माँग रहे हैं।
आंदोलन सोनम-गीतांजलि-अभिषेक से आगे निकल गया है, अब वे उसके प्रतीक भले हों, नेता नहीं रहे।
बचकानी बात है यह।
गीतांजलि कॉल देकर ख़ुद संसद मार्च से ग़ायब रहीं, बच्चे पिटे।
कल तक सोनम माँग कर रहे थे कि विपक्ष मिलने आए और सदन में मुद्दा उठाने का वादा करे, आ
सदन में मुद्दा न उठाने देने पर राहुल संघर्ष में उतरे तो गीतांजलि उसका विरोध कर रही हैं।
आंदोलन पर किसी का ठेका नहीं होता, वह विपक्ष के नेता हैं उन्हें अपने तरीके से मुद्दा उठाने का हक़ है।
पति-पत्नी बार-बार सरकार से अपना गठजोड़ साबित कर रहे हैं।
This is Sahil Lochan, who sustained pellet gun injuries to his face and upper body. His right eye was also struck by pellets and it is feared he may permanently lose vision in that eye. For more details, please do read report of @ImAvdheshkumar@newslaundry#pellet#CJP
Delhi police can say it didn't use Shock-batons. But Shock batons were used by RAF gear, which was working alongside Delhi Police and deployed in and around Jantar Mantar.