2013 के हीं आंकड़े के अनुसार शिक्षकों के दो लाख पद रिक्त हैं। जबकि 2013 से 2025 के बीच अवकाश ग्रहण करने, फर्जी बहाली में पकड़े जाने एवं सेवाकाल के दौरान मृत्यु हो जाने या अन्य कारणो से त्यागपत्र देने वाले शिक्षकों की गणना करने पर बिहार में अभी भी 3.5 लाख से ज्यादा शिक्षकों के पद रिक्त हैं। यह सरकार हर विभागों में रिक्तियां चोरी किए हुए है।
“#JNU के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष धनंजय ने शिक्षा मंत्री के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोला। चुनाव में मात्र 15 हज़ार वोटों के अंतर से हार के बावजूद उन्होंने #TRE4 अभ्यर्थियों के हक़ में आवाज़ बुलंद की और #TRE4 में 1 लाख से अधिक रिक्तियों की माँग की।”