क्या आप सभी निम्नलिखित के लिए आवाज उठाने को तैयार हैं ----
1- रेडियो आपरेटर रिजल्ट की जांच
2- पुलिस की नयी भर्तियों का कैलेंडर UPSI,PAC,JAIL WARDEN
3- UPSSSC calendar - लेखपाल,लोअर PCS ओपन भर्ती
4- उत्तर प्रदेश में ग्रुप D संविदा भर्ती की समाप्ति
5- नयी शिक्षक भर्ती
विपक्ष :
किरेन रिजिजू मुसलमान नहीं है, किरेन रिजिजू को वक़्फ़ बिल पर नहीं बोलना चाहिए।
किरेन रिजिजू :
इस देश में मंत्री होने के लिए क्या मुसलमान होना जरूरी है, अब क्या मजहब और जाति के आधार पर इस देश में मंत्री बनाए जाएंगे।
विपक्ष :
मुसलमानों के बिल पर मुसलमान को ही बोलना चाहिए।
किरेन रिजिजू :
ये कहां लिखा है कि मुसलमानों के मुद्दे पर बोलने के लिए मुसलमान मंत्री ही होना चाहिए।
बार बार उम्मीदे टूट रही है #Olympics में
पहले लक्ष्य सेन जो इतना बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे थे उनका बाहर होना , Vinesh फोगाट का Disqualify होना फिर
मीरा bai चानू का 4th Position पर आना ।
अब उम्मीद neerajchopra से है और सब के दुखों को अब #NeerajChopra Gold लेकर ही खत्म कर सकते है ।
All the best Neeraj
#NeerajChopraWinsGold
#vinesh #OlympicGames #lakshya #Mirabai_Chanu #games
सदन में सबको पर्याप्त मौक़ा दिया गया।
विपक्ष के हर सांसद ने अपने मन की हर बात कही ।
कोई नारेबाज़ी नहीं, कोई हंगामा नहीं।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी 90 मिनिट बोले.. पीएम हो या बाक़ी मंत्री और सांसद, सबने उन्हें सुना.. टोका-टाकी हुई लेकिन बेरोकटोक उन्होंने अपनी कही।
आज पीएम की बारी थी लेकिन विपक्ष ने संसद की गरिमा का कोई ख़्याल नहीं रखा..पीएम के पहले शब्द से नारेबाज़ी शुरू कर दी।
कोई समझदार व्यक्ति विपक्ष के इस बर्ताव को जायज़ नहीं ठहरा सकता।दुर्भाग्यपूर्ण
हिमाचल में गाय काट कर, व्हाट्सएप्प पर स्टेटस लगाने वाले जावेद के साथ जो हुआ वह, हर ऐसे जावेद के लिए उदाहरण बनना चाहिए जो गाय काटता है, हिन्दुओं को उकसाने के लिए पोस्ट करता है।
उत्तरकाशी में भी जो कार्य हुआ, वह भी सराहनीय था। किसी भी राज्य में जनसांख्यिकी को बदलने की चेष्टा करने वाले व्यक्तियों और समूहों के साथ यही होना चाहिए।
यदि उकसाओगे तो सूद समेत पाओगे। हिन्दू का हृदय निर्मल है, इसलिए वो बसने की जगह देते हैं और जावेद जैसे पापी अपनी कृतघ्नता गाय काट कर चिढ़ाने के रूप में साबित करते हैं।
थोड़ा धन्यवाद तो उन लोगों का भी बनता है जिन्होंने शताब्दी एक्सप्रेस चलवायी…है न सर!
अरे…कहीं ये ट्रेन कॉंग्रेस के शासनकाल में तो नहीं चलवायी गई थी!
अरे हाँ! पहली शताब्दी एक्सप्रेस तो नयी दिल्ली से ग्वालियर के लिये चलायी गई थी!
इसे ही बाद में भोपाल तक बढ़ाया गया था!
सब नेहरूजी की गलती है सर..!
ख़ैर… शताब्दी एक्सप्रेस की तारीफ़ करने पर वन्दे-भारत को झंडी दिखाने वाले नाराज़ तो नहीं हो जाएँगे?
@ChouhanShivraj
मोदीजी जब संघ के प्रचारक थे तब नानाजी देशमुख विभाग प्रमुख थे।
एक बार नानाजी देशमुख जी ने देखा कि मोदीजी के पैरों में चप्पल नहीं है तब नानाजी देशमुख ने उन्हें 2 रुपये चप्पल खरीदने के लिए दिया ।
2 महीने बाद एक कार्यक्रम में नानाजी देशमुख ने फिर से मोदीजी को जब देखा कि उनके पैरों में चप्पल नहीं है तब उन्होंने मोदीजी से पूछा कि मोदीजी आपके पैरों में चप्पल क्यों नहीं ?
तब मोदीजी ने हंसते हुए कहा वह तो पेट में चले गए क्योंकि पैरों की देखभाल से ज्यादा महत्वपूर्ण पेट की देखभाल है मैंने उन पैसों से खाना खा लिया क्योंकि मैंने 2 दिनों से कुछ खाया नहीं था..
सोचिए वह कैसा कठिन दौर रहा होगा और संघ के जनसंघ के पुराने लोगों ने कितना त्याग और बलिदान देकर आज संघ और बीजेपी को इस मुकाम तक पहुंचाया है !!
कोटि कोटि नमन🙏
संघ शक्ति युगे युगे🚩
नींव के पत्थर थे वे लोग जिसपर आज मोदी सरकार खड़ी है। शत शत नमन
आज कुछ लोग मोदी जी को राजनीति सीखा रहे है
मुहम्मद हमीद ने किया
अपनी मौसी जाहिदा खातून का #हलाला...
जहिदा खातून को चूड़ी पहनने का शौक था
जिससे नाराज़ होकर शौहर आबिद पठान ने दिया था 3 तलाक
मौलवी जफ्फार लंडबुलुल्ला ने जहिदा की बहन के लड़के को चुना हलाला के लिए जो लंदन में कबाड़ का स्टोर चलाता है,
जाहिदा का कहना है कि हलाला का आदेश मिलते ही उसकी बहन के लड़के ने रसोईखाने में उसे दबोच लिया और वहीँ पे 3 बार जिश्मफरोसी की.. और 3 दिन 3 रातें लगातार उसके जिश्म को नोचता रहा..
उसके बाद जाहिदा बेगम को मौलवी के. पास ले जाया गया, जहाँ मौलवी ने जहिदा के मुँह पे पाद कर उसे पवित्रता का एहसास कराया..
जहिदा अब अपने शौहर आबिद पठान के साथ घर चली गयीं है ✍️
अधीर रंजन चौधरी 65 प्रतिशत मुस्लिम जनसंख्या वाले बहरामपुर से लगातार पाँच बार सांसद हुए (1999-2019) क्योंकि उनके विरुद्ध कभी कोई मुस्लिम प्रत्याशी नहीं लड़ा । अधीर ने भी तुष्टिकरण में कोई कसर नहीं छोड़ी ।
इस बार ममता ने वहाँ से एक गुजराती मुसलमान युसुफ़ पठान को टिकट दिया, जिसको बंगाली भाषा तक नहीं आती और कोई राजनीतिक बैकग्राउंड न होने के बावजूद यूसुफ़ ने अधीर को एक लाख वोटों से हरा दिया । मुस्लिम प्रत्याशी मिलते ही वोटरों को न अधीर का राजनीतिक अनुभव नज़र आया न 25 साल का तुष्टिकरण।
काँग्रेस को उसी के इंजेक्शन का डोज़ लग गया ।
मुस्लिम वोटर को सिर्फ़ मुस्लिम प्रत्यक्षी से मतलब होता है उसका हगा भी खा लेते है
ये कोई मामूली आदमी नही है। आज केंद्र में मोदी इसी आदमी की वजह से सरकार बना पाने में सक्षम हुए हैं क्योंकि इस आदमी ने दो बहुत ही महत्वपूर्ण काम किये ।
पहला आंध्र प्रदेश में टीडीपी और भाजपा को करीब लाना और दोनों में गठबंधन करवाना और दूसरा तेलंगाना और आंध्र प्रदेश दोनों राज्यों में भाजपा के साथ मिलकर "कोंग्रेस हटाओ देश बचाओ" का नारा देकर जनता के बीच जाना।
इस आदमी का कितना प्रभाव पड़ा इस चुनाव में इसका आप इसी से अंदाजा लगा लो कि तेलंगाना की 17 में से 8 सीट भाजपा जीत गई और आंध्र प्रदेश की 25 में से 3 सीट भाजपा जीती। वहीं इस आदमी ने 16 सीटें टीडीपी को दिलवाने में मदद की।
जबकि ये आदमी ना तो भाजपा से है ना टीडीपी से है बल्कि इसका अलग राजनीतिक दल है जनसेना नाम से।
सोचिए, एक आदमी जिस का खुद का एक अलग राजनीतिक दल है जनसेना नाम से लेकिन वो आदमी कांग्रेस को दक्षिण में रोकने के लिए भाजपा और टीडीपी को करीब लाकर ना सिर्फ गठबंधन करवाता है बल्कि भाजपा की तेलंगाना में मदद भी करता है, जहां भाजपा का जनाधार बहुत ही कम था।
इस की वजह से आंध्र प्रदेश के विधानसभा चुनावों में भी भाजपा को इस बार अच्छी खासी सफलता प्राप्त हुई है। जहां विधानसभा की 175 में से टीडीपी को 135 तो भाजपा को 8 सीटें मिलीं और जनसेना को 21 सीटें मिलीं ।
अगर ये न होता तो आज भाजपा को लोकसभा में 240 सीट भी ना मिलतीं।
नाम पवन कल्याण
सब मिल गए बावजूद इसके 50-60 सीट से ज्यादा नहीं घटा पाए मोदी की लेकिन नैरेटिव ये है कि देश ने मोदी को नकार दिया है। ओडिशा में ऐतिहासिक जीत है, आंध्र में सरकार बन रही है, एमपी-दिल्ली-गुजरात में क्लीन स्वीप है, दक्षिण और ओडिशा में सीटें जबर बढ़ी हैं, सिंगल लार्जेस्ट पार्टी बीजेपी है लेकिन नैरेटिव ये सेट किया जा रहा है कि मोदी को हरा दिया। मोदी को कमजोर कर दिया। खुद की सरकार बने या ना बने, मोदी को कमजोर कर दिया है इसी में खुश हैं। अरे बॉस, कमजोर कोई हुआ है इस मैंडेट से तो वो है देश। भारत इकलौता ऐसा देश होगा जो 8 प्रतिशत की दर से बढ़ने के बावजूद आज टाइम मशीन में बैठकर 90 के दशक में वापस चला गया है जहां इससे पूछो, उससे समझो वाली सरकारें चला करती थीं। जो लोग यूपी की जनता को कोस रहे हैं, मुझे लगता है ये उचित नहीं है.. सोचना बीजेपी को चाहिए कि उनसे क्या गलती हुई या कमी रह गई.. पब्लिक कुछ ना कुछ तो देखकर ही वोट करती या नहीं करती है।
अपना जवाब जरूर दें 🙏
जिस सरकार ने देश को चांद पर पहुंचाया!
जिस सरकार ने पाकिस्तान को घर में घुसकर मारा!
जिस सरकार ने जम्मू कश्मीर से 370 जैसा कलंक मिटाया!
जिस सरकार ने करोड़ों हिंदुओ की आस्था राम मंदिर बनवाया!
जिस सरकार ने देश के हाइवे को वर्ल्ड क्लास बनाया!
जिस सरकार ने देश के करोड़ों गरीब को मुफ्त राशन दिया!
जिस सरकार ने करोड़ों महिलाओं को गैस कनेक्शन दिया!
जिस सरकार ने करोड़ों परिवार को शौचालय दिया!
जिस सरकार ने विश्व में भारत का नाम चमका दिया!
क्या वो पार्टी पूर्ण बहुमत की हक़दार भी ना थी ????