Dear @tvsmotorcompany
Kindly look into your service station seriously. I am here at your Sai TVS Service Station at Ranchi, after booking & before the time your customer care executive said. Still waiting outside with my bike since half and hour. Should I continue with TVS Bike?
@the_fauxy वालों के सूचनार्थ
घरों की छतों पर रखे पानी पीने के कारण सैकड़ों चिडियों की जली जीभ। घर मालिक के खिलाफ हाफ मर्डर का केस दर्ज़ कराने थाने पहुंची चिडियों की टीम। #BreakingNews
@khanzubare@subodhsingh_ सुबोध सिंह अच्छे और ईमानदार ट्रेडर्स में से है। संभावना कम है कि आपकी बातों में दम है। इसलिए अगर आप गलत साबित हुए तो माफी मांग लेना, इस मंच पर, इसी अंदाज में।
Dear @airtelindia
Waiting at your service point at Pradhan Tower Ranchi since long. A company like you have only one or two executive at your store to deal with a lot of waiting customer is really shameful. Do something pls.
@Airtel_Presence
It's 3:52 AM
@MohiniWealth Have you heard about Piti Engineering? Check the charts. My first purchase stock of 100 shares of the company @ 29 as I was in a mood to invest 5% of my salary just for training. As this was my first stock purchase, I promised myself to never sell this. Still is in my portfolio.
@GooglePayIndia If I am sending money to others for medical emergency and the payment stuck, but the banks of both parties are saying that "our server is fine sir", then who is responsible?
Do something to avoid the stuck issue. 2/10 transfer are stucking nowadays. @GooglePay
@GooglePayIndia If I am sending money to others for medical emergency and the payment stuck, but the banks of both parties are saying that "our server is fine sir", then who is responsible?
Do something to avoid the stuck issue. 2/10 transfer are stucking nowadays. @GooglePay
@AnilSinghvi_ Sir, simple sa answer hai. Nifty 5 Min ka chart hi overbought tha. Thoda sa correction to aana hi tha.. Ye alag baat hai ki thoda sa zyada aa gaya.
@AnilSinghvi_
Please raise your voice sir..
किसी दूसरी गुड़ियां के साथ ऐसा न हो, आप जैसा महत्वपूर्ण व्यक्ति ही सरकार को आईना दिखा सकता है।
@ZeeBusiness@deepdbhandari
अगर शाश्वत तीर्थक्षेत्र पर कोई बीमार हों जाए तो क्या चिकित्सा की मूलभूत सुविधा हैं!!
कृपया एक मिनट पढ़िए इस हफ्ते क्या हुआ।
शास्वत तीर्थराज श्री सम्मेद शिखर जी की पावन धरा पर दिशा की अंतिम सांसों का सफर।
वह अपने मम्मी पापा और नाना नानी के परिवार के साथ सम्मेद शिखर जी की धार्मिक यात्रा पर दिनांक ४ अक्टूबर २०२३ को पहुंचे और चार दिनों तक सभी मंदिरों के दर्शन कर धर्म लाभ प्राप्त किया। प्रमाण सागर जी महा मुनिराज के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और दिनांक ८ अक्टूबर २०२३ को सिद्ध क्षेत्र पावन शिखर की वन्दना सकुशल संपन्न की।
वन्दना के पश्चात थोड़ा बुखार था जो ९ की सुबह तक ठीक हो गया। वह सकुशल सबके साथ खेली , सबके पास गई और पैकिंग में नाना नानी की मदद भी की । शाम को वापसी के टिकट थे लेकिन दोपहर ११:३० बजे उसे दोबारा तेज बुखार आया अतः तुरंत चिकित्सालय दिखाने के लिए निकल गए। लेकिन एक डिस्पेंसरी बंद थी फिर दूसरे चेरिटेबल चिकित्सालय में दिखाया तो वहा उपस्थित चिकित्सक ने ड्रिप और इंजेक्शन की सलाह दी लेकिन यह कहकर मना कर दिया की बच्चों को यहां नहीं लगा सकते, आप गिरडीह ले जाए। तुरंत गुड़िया को मम्मी पापा और उसके नानाजी गिरडीह उपचार के लिए ले गए । वहा भी काफी प्रार्थना और मिन्नत करने के पश्चात चिकित्सक ने देखा और इंजेक्शन लगाया। वहा के जो कंपाउंडर थे उनको चिकित्सा की मूलभूत जानकारी भी नही थी। थोड़े समय पश्चात गुड़िया के होठ और शरीर नीला होने लगा तो वहां के चिकित्सक ने धनबाद के लिए रेफर कर दिया । बिना विलंब किए धनबाद के लिए निकल गए। वहा पहुंचकर चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने बताया की गुड़िया के वहा पहुंचने से पहले ही प्राणांत हो चुका था।
ये पूरा वृतांत इस बात का द्योतक इतने बड़े जैन तीर्थ क्षेत्र (सम्मेद शिखर जी) में बच्चो को मात्र ड्रिप और इंजेक्शन लगाने की भी व्यवस्था नही है अथवा वहा पदस्थापित चिकित्सक ने गंभीर लापरवाही बरतते हुए, कैसे की गंभीरता को जानते हुए भी गुड़िया को प्रारंभिक उपचार भी नही दिया जो चिकित्सक के कर्तव्य का निर्वहन नहीं करने का द्योतक है। वहा चिकित्सा की पूर्ण व्यवस्था नहीं है, ऑक्सीजन और मूलभूत जांच सुविधा की उपलब्धता ही नहीं है। प्रतिदिन हजारों जैन श्रावक दर्शनार्थी धार्मिक यात्रा के लिए वहा आते है और आए दिन ऐसी ही दुर्घटना सुनने को मिलती है।
अगर शिखर जी में ही समुचित चिकित्सा व्यस्था होती तो आज वह गुड़िया हम सबके साथ परिवारजन में साथ चहक रही होती और परिवार को यह वेदना नहीं सहन करनी पड़ती ।
इस हृदय विदारक घटना से सारे परिवारजन, समाज क्षुब्ध है। प्रकृति का नियम है की जो आता है उसे एक दिन जाना है, ये शास्वत सत्य है लेकिन ऐसे चिकित्सा व्यवस्था नहीं होने की वजह से जाना समाज और सभी के लिया सोचने का विषय है।
क्यों नहीं इस दिशा में एक पहल की जाए और सम्पूर्ण सुविधाओ से परिपूर्ण उच्च तकनीक युक्त एक चिकित्सालय का निर्माण कराया जाए ताकि चिकित्सा के अभाव में कभी किसी भी परिवार को इस प्रकार की वेदना नहीं सहन करनी पड़े।
इस परिवार की और से समूचे जैन समाज से ये अपील है की इसे एक मिशन बनाया जाए और एक उच्च तकनीक एवम् सुविधाओ से परिपूर्ण चिकित्सालय के निर्माण की नींव रखी जाए।
भवदीय
बांझल परिवार राजपुर वाले, अशोक नगर (मध्यप्रदेश)
@vishwajains@AnilSinghvi_@rohitjain2021@anamikamber