“पेपर लीक पूरे देश की समस्या है। हमने इसे रोकने की कोशिश की, गहलोत जी ने भी कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए।”
— प्रियंका गांधी, राजस्थान में पेपर लीक पर
छात्रों को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा मांगने पर वाटर कैनन से भगाया जा रहा है।
ये अत्याचारी सरकार की निशानी है या नहीं?
जवाब देने के पहले बस ये जान लीजिए कि ये दिल्ली नहीं केरल का तिरुअनंतपुरम है और वहाँ कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार है।
केजरीवाल के दोनों बच्चे अमेरिका में है
मनीष सिसोदिया का बेटा लंदन में है
डिंपल यादव और अखिलेश यादव के दोनों बच्चे लंदन में है
खुद योगेंद्र यादव का बेटा लंदन में है
संजय सिंह का बेटा विदेश में है
प्रियंका वाड्रा के दोनों बच्चे विदेश में हैं
कम्युनिस्ट पार्टी के तमाम बड़े नेताओं के बच्चे विदेश में है
और यह मूर्ख उनके बहकावे पर आकर पुलिस की लाठी खा रहे हैं
अबे मूर्खो तुम्हें जो बहला फुसलाकर यहां लाया है तुम्हें सबसे पहले उनसे सवाल करनी चाहिए कि तुम अपने बच्चों को यहां भेजो
विपक्ष का जो नेता तुम्हारे पास आकर घड़ियाली आंसू बहा रहा है तुम उनसे सवाल करो कि अपने बच्चों को यहां भेजो
चंदा चोरों का तो हिसाब हो रहा है अतुल लौंढे जी,
सब जेल भी जायेंगे. रामभक्तों ने तो राम के लिये अपने प्राणों की आहुति दे दी, वो बलिदान व्यर्थ नहीं जायेगा.
राम के भक्त जो चाहेंगे वही होगा…
लेकिन इस देश के लिये ये अच्छी खबर है कि जो लोग राम के नाम से ही दूरी बना लेते थे, जय श्री राम बोलने वालों पर हमले करवाये जाते थे, अयोध्या को जिन लोगों ने खून से लथपथ और असहाय छोड़ दिया था. और तो और राम मंदिर बनने के बाद से अब तक जिन्होंने मंदिर जाकर रामलला के दर्शन भी नहीं किये, जिन्होंने राम मंदिर के लिये कभी कोई लड़ाई ही नहीं लड़ी . जिन्होंने रामलला के दरबार में एक रुपये का चंदा भी नहीं दिया.
वो भी आज खुद को रामभक्त साबित करने में लगे हुए हैं.
सही है पाटिल साहब.
पत्रकार ट्रम्प से पूछता है- आप दुनिया के leaders से मिलते हैं.. Great leader की definition क्या है?
ट्रम्प का जवाब- प्रधानमंत्री मोदी… 12 साल से पीएम है…very solid और वो ये काम बहुत शांति से करते हैं.. लेकिन वो बहुत सख़्त हैं मैं बहुत अच्छे से जानता हूँ।…
नया ज़ख़्म to रुदाली गैंग
Congratulazioni a @narendramodi che oggi diventa il Primo Ministro eletto più longevo nella storia dell’India.
È stato un piacere ritrovarci a Roma nelle scorse settimane e lanciare assieme un Partenariato Strategico Speciale che guarda al futuro per creare nuove opportunità per le nostre Nazioni e i nostri popoli.
Concluding a very productive visit to Italy. My discussions with Prime Minister Giorgia Meloni covered a wide range of sectors. A key outcome of the visit was our decision to elevate India-Italy ties to a Special Strategic Partnership, which will add new momentum to our cooperation in the years to come.
I thank Prime Minister Meloni, the Government of Italy and the wonderful people of Italy for their friendship.
@GiorgiaMeloni
“अरे होने दो नुकसान… हम कहीं और से थोड़े ही लाए थे.. इसी देश से कमाया और यहीं दे जाएंगे”
पीएम की सोना न ख़रीदने की अपील पर सोना कारोबारी Manohar Jewellers के मालिक सुधीर सिंघल की भावुक प्रतिक्रिया
देहरादून की दुल्हन गौरी सिंह की विदाई का वो भावुक वीडियो 😭
जैसे ही गौरी सिंह अपने दूल्हे के साथ विदा हो रही थीं उनके तीन प्यारे पालतू कुत्ते — Snowy Labrador), Mishku Golden Retriever और Laila German Shepherd बालकनी से ज़ोर-ज़ोर से भौंकने और रोने लगे
अपने बच्चों को इस हाल में देखकर दुल्हन खुद को रोक नहीं पाईं। वापस लौटीं उन्हें गले लगाया और प्यार से बोलीं मम्मा यहीं है
ये दिल छू लेने वाला पल सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है पेट्स भी तो परिवार होते हैं ना
आपको इस वीडियो ने सबसे ज्यादा किस बात पर छू लिया
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मुकेश अंबानी के परिवार से मिलिए, जिनकी कुल संपत्ति 10,20,000,00,00,000 (10 लाख करोड़) है, फिर भी:
• कभी भी मंदिर जाना नहीं छोड़ा
• हर कार्यक्रम में शामिल होने से पहले मंदिर जाते हैं
• गर्व से माथे पर तिलक लगाए हुए
• मंदिर के बाहर लोगों के सामने हाथ जोड़कर, भक्तों की तरह विनम्रता दिखाई
सनातन की शक्ति। श्रद्धा और परंपरा का एक बेहतरीन उदाहरण
कँगना बनी काली 🔥
आज संसद में सांसद कँगना राणावत जब बोल
रहीं थीं तो मानो उनपर माँ काली सवार हो गयीं..
एक एक शब्द ऐसा जैसे धारदार तलवार हो
जो विपक्षियों के मंसूबों को निश्तोंनाबूत कर रही हो
नक्सलवाद उग्रवाद पर कँगना की ये स्पीच
वाकई आपको सुननी चाहिए ✍️
1979 नहीं, बल्कि 2009 का वीडियो
यह वीडियो इसलिए पोस्ट कर रहा हूँ ताकि मोदी के राज में जवान हुई पीढ़ी को पता चले कि मोदी से पहले का दौर असल में कैसा था।