अखिलेश यादव को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों से पूछा, "मुझे कहाँ ले जा रहे हैं?" पुलिस के जवाब का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
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@yadavakhilesh@samajwadiparty
पत्रकार:- सर जंतर मंतर पर छात्रो पर लाठी चार्ज हुआ
अखिलेश यादव🔥:- दुख है कि आज लाठी चली है
मै अपने युवा सासंदो से कहुंगा कि जिन बच्चो पर लाठी पडी है अगर वे उनसे मिलने जाना चाहते है...
..तो जाए मिलकर आए और पार्टी का संदेश दें कि हम सब उनके साथ है !!
ये सरकार नही अहंकार है !!
“नए भारत” में छात्रों की मांगों का जवाब संवाद से नहीं, आंसू गैस से दिया जा रहा है।
संसद की ओर बढ़ते प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस, बैरिकेड और भारी सुरक्षा…
सवाल यह है कि लोकतंत्र में सरकार सवालों से डरती है या उनका जवाब देने!
#CJPProtest#DharmendraPradhanResign #संसद_मार्च
@flipkartsupport This is your reply, if the problem has been solved then why am I so worried, your call is not the solution and whether the problem has been solved or not will be decided by me, not you. @flipkartsupport
@flipkartsupport My local Ekart hub at Gulzarganj (222135) is fully active and waiting for the parcels. Stop the fake excuses and DELIVER my order immediately, or I will see you in Consumer Court. DO NOT CANCEL IT! 🚨⚖️
@flipkartsupport I will NOT delete my tweet and I refuse to hide your pathetic service in DMs. The public must see how @Flipkart harasses customers with fake "unserviceable pincode" calls just to cover up their own logistics failures.
Now I'm getting fake "unserviceable pincode" calls asking me to cancel! I WILL NOT CANCEL. If it's unserviceable, why did you accept the order? The local Ekart manager at Gulzarganj (222135) is literally waiting for the parcels to deliver them.
नेताओं को गाली देने पर रोते हैं , आंदोलन करते हैं। उनकी अपनी दशा का क्या, लद्दाख के लोगों का आंदोलन किसी को याद है ? वैज्ञानिकों को तो राजनेताओं ने हमेशा से झूठे आरोपों में जेल भेजा है। उनके लिए कोई नहीं रोता ना आंदोलन करता है, देश में गांधी को गाली दी जा सकती है मोदी को नहीं,
चिंता राष्ट्र की, मानवता की, विकास की, समाज की, भविष्य की ,अपनों की और अंत में चिंता अस्तित्व की....
ये चिंताएं आज से नहीं अपितु इतिहास की हैं
इनके हल के लिए राजाओं, सामंतों और फिर सरकारों का गठन किया गया फिर भी ये विद्यमान हैं शायद और जटिल रूप में ।
क्या फिर से कोई गांधी आएगा ?
क्या फ़ायदा? फिर भी इस देश में जबतक राजनीतिक सहभागिता नहीं होती फिर से 100 वर्षों बाद गांधी का हत्यारा पूजा जाएगा।
अपनी और अपने परिवार , समाज की दशा की चिंता किसी को नहीं है, चिंता है तो सिर्फ अपने उस नेता की है जिसे उनकी पडी ही नहीं है।
बरसों रेकी कर घूम घूम
आसिम मुनीर की चूम चूम
सह धूप घाम पानी पत्थर
आतंकी आए कुछ और निखर
सौभाग्य न सब दिन जगता है
देखे आगे क्या करता है..
गला काट ले जाने को
फिर मोदी को बतलाने को
आतंकी पहलगाम आए
आसिम का संदेशा लाए
जनता आक्रोश जताती थी
विधवाएं अश्रु बहाती थी
फिर आ जाते है समर शूर
ले करके ऑपरेशन सिंदूर
लेकिन छक्के आ जाते है
करतल चटका समझाते है
कुछ न्यूक न्यूक के पिटे राग
कुछ ट्रेड ट्रेड घिस बना झाग
पर जहां ताल ठुक जाना था
बस वहीं नहीं रुक जाना था
जन ने अचरज में कहा हाय
ये ठीक नहीं किंचित उपाय
दो न्याय अगर तो पूरा दो
ये क्या की सीजफायर कर दो
थू थू की बेला आन पड़ी
जैसे ही जनता जान पड़ी
मोदी ने हुंकार भरी
क्रोधित हो करके बात कही
ले सीजफायर कर जाता हूँ
अंतिम संकल्प सुनाता हूँ
यह अघटनीय घटना कराल
ताउम्र का ऐसा मलाल
अब नहीं शेष कोई उपाय
न नीति अधिक कोई सुझाए
पानी संग खून न बहता है
टेरर संग ट्रेड न रहता है
एटम से डरा न जाएगा
आतंक सहा न जाएगा
जो खड़े रहे दुश्मन के संग
कुछ मूक रहे बनकर अपंग
उनका हिसाब भी अब होगा
जो नहीं हुआ वो सब होगा
छिड़ जाए समर जब छिड़ना हो
भिड़ जाए नीच जब भिड़ना हो
अगला जवाब भीषण होगा
दुश्मन चुन ले कि कब होगा
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साहेब की चेतावनी
वर्षों तक फॉरेन घूम-घूम,
नेता नटनी को चूम-चूम,
सह जेटलैग, मशरूम चखकर
साहेब आये कुछ और निखर।
सौभाग्य न सब दिन सोता है,
देखें, आगे क्या होता है।
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मैत्री की राह बताने को,
शहबाज को सुमार्ग पे लाने को,
पाकिस्तान को समझाने को,
भीषण विध्वंस बचाने को,
जयशंकर टीवी, पर आये,
मोदी का संदेशा लाये।
अब बम मिसाइल मारेंगे
दो चार हेडलाइन काढ़ेंगे
अपने भक्तों को लुभाएंगे
तुम पर असि न उठायेंगे!
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पाकिस्तान फिर भी समझ न सका
आशीष हमारी ले न सका,
उलटे रफेल को बाँधने चला,
जो था असाध्य, साधने चला।
जब नाश पाक पर छाता है,
वह हिन्द से लड़ने आता है।
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प्रभु ने अपना विस्तार किया
टीवी पे गजब हुंकार किया,
भौंडे-तोतले एंकर बोले,
व्हाट्सप में एडमिन मुख खोले
भगवान, टेलीप्रोम्पटर पढ़ बोले
यह देख, US मुझमे लय है,
यह देख, UK मुझमें लय है,
मुझमें विलीन है क्वाड सकल,
मुझमें है लय, नाटो हर पल
मेडीसन झूमता है मुझ में,
वेम्बले कूदता है मुझमें।
मुड़ जाता मेरा प्लेन जिधर
NRI ठुमकते, जी भर कर
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डोलैण्ड है मेरा दीप्त भाल,
पुतिन मेरा वक्षस्थल विशाल,
ईरान, UAE मेरे फ्रेंड
कर देंगे, तुझको एंड बैण्ड
रेडार से दृश्य अकाण्ड देख,
मुझसे डरता ब्रह्माण्ड देख,
ये देख ड्रोन का कटु प्रहार
ये देख मिसाइल की भरमार
ये देख खबर का फेक सृजन
ये देश ट्विटर पर गाली बकन
सब ऊर्जा मुझी से पाते हैं,
शब्दो से ही निपटाते हैं
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पड़ जाती मेरी दृष्टि जिधर,
हँसने लगते है सेठ उधर!
ट्रिलियन की मेरी इकॉनमी
नेहरू से मेरी ठनाठनी
लड़ने मुझसे तो आया है,
अरे, मीम बड़े क्या लाया है?
ट्रोल्स को साध न सकता है,
वह मुझे बाँध कब सकता है?
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हित-वचन नहीं तूने माना,
बिरयानी का मूल्य न पहचाना,
तो ले, मैं भी अब जाता हूँ,
अन्तिम संकल्प सुनाता हूँ।
स्ट्राइक नही,अब रण होगा,
विपक्ष का विदेश भ्रमण होगा।
थरूर अंग्रेजी बोलेगा
तू फिर डिक्सन'री खोलेगा
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चैनल से एंकर टूटेंगे
ब्रेकिंग खबरों से लूटेंगे
सौभाग्य अक्ल के फूटेंगे
जब नारी हिन्द की उट्ठेगी
कंगना प्रज्ञा भी पूछेगी-
"दो चुटकी सिन्दूर की कीमत
तुम क्या जानो शरीफ बाबू"
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था विश्व सन्न, सब देश डरे,
थे चुप, या थे तटस्थ खड़े
केवल दो देश ना अघाते थे,
इजराइल तालिबान सुख पाते थे।
कर जोड़ खड़े प्रमुदित निर्भय,
दोनों पुकारते थे ‘जय-जय’!
- मनीष सिंह 'च्यूंटीकाटकर'