◾देश के किसी भी स्कूल में, किसी भी क्लास में पढ़ रहे बच्चे का UDISE पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किया जाता है. UDISE पोर्टल पर बच्चे की समस्त जानकारियों को बच्चे की TC यानी Transfer Certificate के अनुसार ही भरा जाता है. उदाहरणार्थ बच्चे की TC के अनुसार उसका नाम ANAMIKA है, उसके पिता का नाम ABDHESH KUMAR और माता का नाम RAM SHREE है. इसी जानकारी के अनुसार बच्चे का PEN नंबर जेनरेट किया जाता है. जिसके आधार पर बच्चे को आसानी से ट्रेस किया जा सकता है. आधार कार्ड और TC में जानकारी का एकरूपता में होना अनिवार्य है जो 90% असंभव है.
◾सरकार को शिक्षकों से बच्चे की एक नहीं सैंकड़ों ID बनवानी होती हैं. अब आते हैं APAAR ID पर, APAAR ID जेनरेट करने के लिए जैसे ही आप क्लिक करते हैं तो वह TC के अनुसार भरी गई समस्त जानकारियों को खारिज कर देता है. APAAR ID के लिए सभी जानकारियां आधार कार्ड ले अनुसार होनी चाहिए. 100 में से 20 बच्चे होंगे जिनकी किस्मत अच्छी होती है जिनकी आधार कार्ड और TC में एक जैसी जानकारी होती है. उनका ही APAAR ID बन जाता है. जिनका डेटा आधार कार्ड से मैच नहीं करेगा उनकी APAAR ID नहीं बन पाती है.
◾एक तरफ सरकार कहती है आधार कार्ड कोई वैल्यू नहीं है ये जन्म तिथि प्रमाणित नहीं करता है दूसरी तरफ कहते हैं बिना इसके APAAR ID नहीं बन सकती है. आए दिन शिक्षकों को परेशान किया जाता है उन्हें वेतन रोकने की धमकी दी जाती है. आधार कार्ड और TC दोनों में से किसी एक को शैक्षणिक संस्थानों से बिल्कुल हटा दिया जाना चाहिए. TC में बदलाव लगभग असंभव होता है. आधार कार्ड में आए दिन कुछ ना कुछ बदलाव होते रहते हैं.
◾प्रदेश के 1% स्कूलों में भी कंप्यूटर शिक्षक नहीं हैं जबकि प्रदेश के 100% स्कूल से रोज़ाना 100 तरह की सूचनाएं मांगी जाती हैं. पहले कंप्यूटर शिक्षक तो उपलब्ध करा दीजिए उसके बाद एक दिन में 10000 सूचनाएँ मांगिये. डिजिटल इंडिया का मखौल उड़ रहा है. स्कूलों का बंटाधार हो रहा है और सरकार अपने ही मुगालते में चल रही है.
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#APAAR_ID
आज हर कोई दो सिम रखता है — एक इंटरनेट के लिए , दूसरा सिर्फ जरूरत पड़ने पर कॉल के लिए।
लेकिन उस दूसरे सिम को चालू रखने के लिए भी हर महीने ₹200-₹300 का रिचार्ज ठोकना पड़ता है।
ना इंटरनेट चाहिए , ना रोज बात करनी फिर भी लूट जारी है।
Jio , Airtel , Vi सबने मिलकर जनता को निचोड़ने का धंधा बना लिया है।
हर जगह “अनलिमिटेड” का झांसा लेकिन कोई सस्ता प्लान नहीं।
TRAI बस सो रहा है या शायद कंपनियों की जेब में बैठा है।
गरीब और मिडिल क्लास लोग जो अपने घरवालों, बुजुर्गों या काम के लिए दूसरा नंबर रखते हैं , उनसे जबरदस्ती पैसा वसूला जा रहा है।
सवाल सीधा है — जब इंटरनेट नहीं चाहिए, तो क्यों महंगा रिचार्ज कराओगे?
क्यों नहीं ₹50-₹100 का सस्ता प्लान लाते, जिसमें बस 100-200 मिनट कॉल और थोड़ा SMS हो?
हर चीज महंगी, अब बात करना भी लग्जरी हो गया है। TRAI और कंपनियां मिलकर गरीब का खून चूस रही हैं।
अब जनता बोलेगी सस्ता प्लान दो , वरना बंद करो ये लूट।
Jio के खराब नेटवर्क के बारे मे जब से ट्विट किया है
कम्पनी वाले कॉल पर कॉल कर रहे है, और अंत मे आज पल्ला झाड लिया की नेटवर्क उपलब्ध नहीं करा सकते।
रिट्वीट करो और कमेंट्स मे अनुभव शेयर करो
#देश_का_लुटेरा_अम्बानी@reliancejio@JioCare
शिक्षकों के ई शिक्षा कोष ID पर उपस्थिति पर अब देश मे बबाल एक महिला शिक्षक ने दिया उपस्थिति ना दर्ज करने पर दिया जवाब क्यों नहीं लगा रही हैं उपस्थिति इस पर शिक्षिका ने नोटिस का जवाब वाट्सएप के जरिए देते हुए साफ कह दिया कि विभाग ने उन्हें मोबाइल नहीं दिया है और जो मोबाइल वे रखती हैं वह उनके द्वारा खरीदा गया है जिसमें उनकी फोटो सहित तमाम डाटा उनका है और वे किसी भी तरह से अपनी फोटो, लोकेशन या अन्य जानकारी किसी थर्ड पार्टी एप को शेयर नहीं कर सकती हैं क्योंकि इससे उनकी निजता का हनन होता है।
बिहार में शिक्षकों को राज्यकर्मी तो बनाया गया लेकिन उनको 7th पे का लाभ नहीं दिया गया है । चाहें विशिष्ट शिक्षक हो या विद्यालय अध्यापक उन सभी को सातवें वेतनमान के लाभ से वंचित रखा गया है जबकि बिहार के सभी सरकारी कर्मचारी को सातवें वेतनमान का लाभ दिया जा रहा है तो फिर शिक्षकों के साथ ये भेदभाव क्यों ?
@NitishKumar@sunilkbv@VijayKrSinhaBih@VijayKChy@samrat4bjp
1.सभी विभागों के BPSC चयनित राज्यकर्मियों को 7th CPC का पूरा वेतनमान दिया गया, लेकिन शिक्षक आज भी घटे हुए बेसिक पर हैं। क्या शिक्षक राज्यकर्मी नहीं? यह शिक्षा और शिक्षक विरोधी नीति है। #7thPayForBiharTeachers
@btetctet Aaplog kabhi shikshak ek hone nahi dijiyega bus aise hi har chhote mote mudde par matbhed paida karte rahiye....hamare vidyalay me to kabhi ye sab bakwas mudde par vivad nahi hua...
#CMNitishGive7thPayToTeachers
जब शिक्षक सरकार के हर कार्य को सफलता पूर्वक करवाने में पीछे नहीं हटी है एवं चुनाव जैसे महत्वपूर्ण कार्य निष्पक्षता पूर्वक संपन्न करवाती है उस शिक्षक को 7वा वेतन आयोग के बदले चाइनीज वेतन देना कहां तक उचित है।