@RishiDarshan पीपल का वृक्ष लगाना केवल पर्यावरण सेवा नहीं,बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए शुद्ध वायु और हरित भविष्य का उपहार है। पीपल, तुलसी,आम ,वट और आँवला जैसे वृक्ष प्रकृति के सच्चे रक्षक हैं।
Go Green
#WorldEnvironmentDay
#shorts
दुनिया के सब वैज्ञानिक और उनके आविष्कृत साधन एक आदमी के सुख में लगा दें,फिर भी वो आदमी पूरा सुखी नहीं हो सकता है।
और परब्रह्म परमात्मा के चिंतन और ध्यान से अपने आत्मा का जिन्होंने साक्षात्कार किया,वो एक आदमी हज़ारों पर निगाह डाले तो हज़ारों आदमी सुखी हो सकते हैं।
#Bapuji
On #WorldEnvironmentDay let us follow the teachings of Sant Shri Asharamji Bapu & help restore environmental balance through initiatives like Har Ghar Vrinda Abhiyan, Nilgiri-Babool Hatao Abhiyan, Paryavaran Bachao & more. Let's Go Green & protect our environment for future.
Sant Shri Asharamji Bapu ने व्यापक स्तर पर 'पर्यावरण सुरक्षा अभियान' चलाया। संत श्री ने सत्साहित्यों व सत्संगों के द्वारा वृक्षारोपण पर जोर देते हुए कहा है कि पर्यावरण-सुरक्षा की दृष्टि से बहुत उत्तम वृक्ष हैं - तुलसी, आँवला, पीपल, नीम व बड़❗
Go Green on #WorldEnvironmentDay !
@Asharamjibapu__@UmakantSonar सत्संग केवल सुनना नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला दिव्य संगम है। एक-एक कदम चलने से कर्मयोग, श्रद्धा-भक्ति से बैठने से भक्तियोग और सत्संग श्रवण से ज्ञानयोग का लाभ मिलता है। यही सत्संग की अद्भुत महिमा है। 🙏✨
Sant Shri Asharamji Bapu
#AsharamjiBapuQuotes
@Asharamjibapu__ अत्यंत प्रेरणादायक वचन! 🙏
सत्संग केवल सुनने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को दिव्यता की ओर ले जाने वाली साधना है। सत्संग में आने का प्रत्येक कदम पुण्यदायी है, श्रद्धा से बैठना भक्ति को पुष्ट करता है और ज्ञान सुनना आत्मबोध का मार्ग प्रशस्त करता है।
#AsharamjiBapuQuotes
भाग्य से अधिक प्रभावशाली पुरुषार्थ, सत्संग और सद्कर्म हैं। मनुष्य अपने विचारों, कर्मों और संगति से ही ऊँचाइयों को प्राप्त करता है या पतन की ओर जाता है। इसलिए जीवन में आलस्य और भाग्यवाद को छोड़कर विवेक, सत्कर्म और आत्मोन्नति के मार्ग पर चलना चाहिए। यही ऋषियों का अमूल्य उपदेश है।
#AsharamjiBapu
@Asharamjibapu__ * Sant Shri Asharamji Bapu - _परम् ऐश्वर्य परम् धन हो लेकिन अंदर ईच्छाये, वासनाये है बाहर से सुख लेनी की तो कंगला है।_*
#AsharamjiBapu
भगवान राम के गुरुदेव वशिष्ठ महाराज कहते हैं कि ये जो केंचुए पेट के बल से रेंग रहे हैं, साँप, केंचुए और दूसरे तुच्छ जीव कभी मनुष्य थे, लेकिन मनमानी करते-करते, करते-करते इस नीच गति को प्राप्त हुए और सहशस्त्र-नेत्रधारी जो इंद्र हैं, वे शास्त्र, सत्संग, सत्कर्म करते-करते, करते-करते देवताओं से सम्मानित हो गए।
इसीलिए हे राम जी! भाग्यवाद को दूर से ही त्याग दो। जो भाग्य में लिखा होगा, वो होगा। इस जीव को जैसे-जैसे कर्म, जैसा-जैसा संग, जैसा-जैसा पुरुष ऐसे-ऐसे फल को प्राप्त होगा।
#AsharamjiBapu
@Asharamjibapu__ जो व्यक्ति मन की चंचलता पर नियंत्रण करना सीख लेता है, वही अपने चरित्र, लक्ष्य और जीवन-मूल्यों की रक्षा कर पाता है। आत्मसंयम ही वास्तविक शक्ति है।
Sant Shri Asharamji Bapu
#AsharamjiBapuQuotes
@Asharamjibapu__@HeenaKhushrang1 मन चंचल है, यदि उसकी हर बात मान ली जाए तो पतन निश्चित है। जो व्यक्ति विवेकपूर्वक मन को नियंत्रित करता है, वही चरित्रवान, सफल और सम्मानित बनता है। आत्मसंयम ही उन्नति और कल्याण का आधार है।
Sant Shri Asharamji Bapu
#AsharamjiBapuQuotes
@Asharamjibapu__ सत्य वचन! 🙏
मन के हर विचार के पीछे चलना बुद्धिमानी नहीं, बल्कि विवेकपूर्वक निर्णय लेना ही जीवन को ऊँचाइयों तक पहुँचाता है। जो व्यक्ति मन पर संयम रखता है, वही अपने चरित्र, लक्ष्य और आध्यात्मिक उन्नति को सुरक्षित रख पाता है।
#AsharamjiBapuQuotes
@Asharamjibapu__ मन की हर इच्छा का अनुसरण करना स्वतंत्रता नहीं, बल्कि बंधन का कारण बन सकता है। विवेक, संयम और सद्बुद्धि ही व्यक्ति को ऊँचा उठाते हैं। जो मन पर विजय पा लेता है, वही जीवन में वास्तविक सफलता और सम्मान प्राप्त करता है।
Sant Shri Asharamji Bapu
#AsharamjiBapuQuotes
@Asharamjibapu__ बहुत सुंदर सत्संग वचन अमृत।
मन को हर इच्छा का मालिक बना देने से व्यक्ति अपने विवेक का दास नहीं, बल्कि इच्छाओं का दास बन जाता है।
जो मन को साध लेता है, वही जीवन की ऊँचाइयों पर स्थिर रह पाता है।
Sant Shri Asharamji Bapu
#AsharamjiBapuQuotes
@Asharamjibapu__ सत्संग केवल सुनना नहीं, बल्कि जीवन को साधना है।
एक-एक कदम कर्मयोग, श्रद्धा-भक्ति भक्तियोग और सत्संग का अमृत ज्ञानयोग प्रदान करता है।
यही तीनों योग मिलकर जीवन को सफल और सार्थक बनाते हैं। 🙏✨
#Satsang#KarmaYoga#BhaktiYoga
Sant Shri Asharamji Bapu
#AsharamjiBapuQuotes
सत्संग में एक-एक क़दम चलकर आते हैं, यज्ञ करने का फल होता है, श्रद्धा भक्ति से बैठते हैं, तो भक्तियोग का फल होता है और सत्संग सुनते तो ज्ञानयोग तो स्वाभाविक मिलता है।
कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोग तीन-तीन योग होता है सत्संग से।
#AsharamjiBapuQuotes
@AshramUDP यदि बचपन में अच्छे संस्कारों के बीज बोए जाएँ,तो भविष्य में चरित्रवान नागरिकों का निर्माण होता है। Naitik Moolya से जुड़ा बालमन ही Samagra Vikas की पहचान है। #BalSanskarKendra