Instagram पर BJP के खिलाफ एक नया डिजिटल कैंपेन तेजी से वायरल हो रहा है।
लोग BJP के ऑफिशियल अकाउंट्स को Unfollow + Block करके उसकी रील्स बना रहे हैं।
अगर यही ट्रेंड स्पीड पकड़ गया, तो सोशल मीडिया पर BJP को लाखों फॉलोअर्स का बड़ा झटका लग सकता है।
डिजिटल राजनीति का नया दौर शुरू हो चुका है।
89% हिंदू बहुल राज्य Tamil Nadu ने एक ईसाई नेता Joseph Vijay Chandrasekhar को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाकर लोकतंत्र का असली मतलब समझा दिया है।
राजनीति करवट ले रही है, बदलाव तय है। ✊️ 🔥
राजनीति संभावनाओं का गेम हैं। यहाँ कभी भी कुछ भी हो सकता है।
कभी किसी को कम नहीं आंकना चाहिए। @actorvijay को ही देख लीजिए।
सिर्फ एक एग्जिट पोल को छोड़कर सारे पोल इनको 10 से भी कम सीटों में समेट रहे थे लेकिन भाई सुपरस्टार बनकर उभर गया।
इस जीत से नए दलों को और ज्यादा बल मिलेगा।
सामाजिक क्रांति के योद्धा, आरक्षण के जनक, छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज, कोल्हापुर के शासक बहुजन कुल के गौरव छत्रपति शाहूजी महाराज जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन!
#BMP
जाहिर समर्थन
आयु.गंगा मालवीय (मेम)
बहुजन मुक्ति पार्टी
भारत मुक्ति महिला मोर्चा,उज्जैन,म.प्र.
1जुलाई 2025 *भारत बंद*
#Bhart Band against EVM
#Ban EVM save Democracy
#✅ Ballot paper
❎EVM
#WamanMeshram
छत्रपति शाहू महाराज के कार्यों से उनके विरोधी भयभीत थे और उन्हें जान से मारने की धमकियाँ दे रहे थे। इस पर उन्होंने कहा था कि- "वे गद्दी छोड़ सकते हैं, मगर सामाजिक प्रतिबद्धता के कार्यों से वे पीछे नहीं हट सकते।"
शाहू महाराज जी ने 15 जनवरी, 1919 के अपने आदेश में कहा था कि- "उनके राज्य के किसी भी कार्यालय और गाँव पंचायतों में भी अछूत एवं पिछड़ी जातियों के साथ समानता का बर्ताव हो, यह सुनिश्चित किया जाये। उनका स्पष्ट कहना था कि- "छुआछूत को बर्दास्त नहीं किया जायेगा। उच्च जातियों को अनुसूचित जाति के लोगों के साथ मानवीय व्यवहार करना होगा। जब तक आदमी को आदमी नहीं समझा जायेगा, समाज का चौतरफा विकास असम्भव है।"
15 अप्रैल, 1920 को नासिक में 'उदोजी विद्यार्थी' छात्रावास की नीव का पत्थर रखते हुए शाहू महाराज ने कहा था कि- "जातिवाद का अंत ज़रूरी है. जाति को समर्थन देना अपराध है। हमारे समाज की उन्नति में सबसे बड़ी बाधा जाति है। जाति आधारित संगठनों के निहित स्वार्थ होते हैं। निश्चित रूप से ऐसे संगठनों को अपनी शक्ति का उपयोग जातियों को मजबूत करने के बजाय इनके खात्मे में करना चाहिए|"
लोकराजा राजर्षि छत्रपती शाहू महाराज जी के 151 वें जन्म जयंती के अवसर पर सभी मूलनिवासी बहुजनों को हार्दिक बधाईयां।
कल उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ में आयोजित "अस्तित्व बचाओ–भाईचारा बनाओ" प्रबुद्ध जनसम्मेलन में अपनों के बीच अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा किए।
1. ओबीसी की जातिवार जनगणना का मुद्दा:
केन्द्र सरकार द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की जाति आधारित जनगणना को जानबूझकर न कराना, सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ एक सोचा-समझा षड्यंत्र है। यह बहुजन समाज की वास्तविक संख्या और उनके अधिकारों को दबाने का एक प्रयास है।
2. आरक्षण और संविधान पर विश्लेषण:
वर्तमान शासन व्यवस्था आरक्षण को निष्प्रभावी करने तथा संविधान की मूल भावना को कमज़ोर करने में लगी हुई है। हमें परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सतत जागरूक और संगठित रहना होगा।
3. EVM प्रणाली का लोकतंत्र पर प्रभाव:
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के माध्यम से चुनाव कराना लोकतंत्र की पारदर्शिता और जनविश्वास के विरुद्ध है। यह व्यवस्था शासक वर्ग के षड्यंत्र का हिस्सा प्रतीत होती है, जिसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को नियंत्रित करना है।
4. दलित, पिछड़े, आदिवासी वर्ग एवं अल्पसंख्यकों व मुस्लिमों पर बढ़ते अत्याचार:
वर्तमान समय में अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग और मुस्लिम समाज पर होने वाले अत्याचारों में चिंताजनक वृद्धि हो रही है। यह न केवल संवैधानिक मूल्यों पर आघात है, बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी छिन्न-भिन्न करने वाला संकट है।
5. प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण की मांग:
सरकारी क्षेत्र के निजीकरण के कारण आरक्षण प्राप्त अवसर सीमित होते जा रहे हैं। अतः यह आवश्यक है कि प्राइवेट सेक्टर में भी अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग को आरक्षण मिले, ताकि समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा सके।
6. मंडल कमीशन की सिफारिशों का पूर्ण क्रियान्वयन:
मंडल कमीशन ने सामाजिक न्याय को स्थापित करने हेतु जिन सिफारिशों को प्रस्तुत किया था, उनका पूर्ण रूप से लागू किया जाना समय की आवश्यकता है।
#WamanMeshram
बामसेफ एवं भारत मुक्ति मोर्चा गुजरात राज्य स्तरीय मीटिंग
दि.10 - 05 - 2025 शनिवार
समय :- सुबह 11बजे से 5 बजे तक
स्थल :- संत शिरोमणी श्री रोहिदास समाज सेवा संघ सुभाषनगर, गु.हा.बोर्ड पुराने पुलिस स्टेशन के पिछे, वीरमाया ( IOC ) रोड, चांनदखेडा, अहमदाबाद.
गोतम बुद्ध ने "ध्यान" को विश्वव्यापी बनाया.
पाली में "झान" है. आचार्यों ने "झान" को परिष्कार कर "ध्यान" बनाया.
बुध का यह "झान" जब चीन पहुंचा, तब वहां चियान-चान हुआ.
चीन का प्राचीन नाम भले जो रहा हो, लेकिन ईसा से कोई दो सदी पूर्व इस देश का नाम चीन प्रचलित हुआ.
जब बुद्ध का यह झान कोरिया पहुंचा तब वहां सिओन-सानजान हुआ.
बुद्ध का यह "झान" जब वियतनाम पहुंचा तब वहां थियेन हुआ.
बुद्ध का यह "झान" जब जापान पहुंचा तब वहां जेन हुआ.
बुद्ध रूस में बुदित, बुद्ध स्लोवानी में बुद्विती और ईरानी अवेस्ता में बोदयती है.
Source : खोए हुए बुद्ध की खोज