कोई जरूरी तो नहीं कि हर बार शरीर की जाँच में खून, कैल्शियम, विटामिन ही घटते हों,
कभी व्यक्तित्व की भी रिपोर्ट करवाकर देखनी चाहिए।
क्या पता दया, करुणा, मानवता, दोस्ती, व्यावहारिकता या इंसानियत भी घट रही हो।
।। सुप्रभात ।।
बटुए को कहाँ मालूम पैसे उधार के हैं... वो तो बस फूला ही रहता है अपने गुमान में...
ठीक यह ही हाल हम प्राणियों का है साँसे उस प्रभु की उधार दी हुई है पर ना जाने गुमान किस बात पर है।
।। सुप्रभात।।
@shalinisaxena6 इधर में इसे तिलकोचा कहते हैं। इसको ज्यादातर यहाँ जब पीले ( पक) जाने के बाद पक्षी लोग खा जाते हैं। कभी ट्राई करूंगा जो अब रेसिपी बताया है लोगों ने। 🤔