SIT रिपोर्ट के बाद 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
स्वामी श्री गोविंदानंद सरस्वती ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन के बाद बड़े पैमाने पर अवैध चंदा वसूली करने का आरोप लगाया है। उन्होंने ट्रस्ट बनने के बाद उन्हें "पहला चोर" कहा।
स्वामी गोविंदानंद सरस्वती ने ये आरोप लगाए:
अविमुक्तेश्वरानंद ने राम मंदिर निर्माण के नाम पर एक हजार से ज्यादा गांवों से सोना, हीरे और धन इकट्ठा करना जारी रखा।
इकट्ठा की गई सामग्री को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में बेचा, और भक्तों को खास व्यापारियों से सोना खरीदने का निर्देश दिया।
उन्होंने यूपी के मुख्यमंत्री और गठित विशेष जांच दल (SIT) से इस घोटाले की जांच करने और उनकी संपत्तियां जब्त करने की अपील की।
25 जून 2026 को मद्रास हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच (जस्टिस GR स्वामीनाथन और PB बालाजी) ने तमिलनाडु सरकार का 9 मार्च 2024 का सरकारी आदेश रद्द कर दिया।
उस सरकारी आदेश में कहा गया था कि BC, MBC, DNC या SC से धर्म बदलकर इस्लाम अपनाने वाले व्यक्ति को “Backward Class Muslim” (BCM) माना जाएगा और 3.5% आरक्षण मिलेगा ।
कोर्ट ने साफ कहा:
"एक व्यक्ति जो इस्लाम में धर्मांतरित होता है, वह Backward Class Muslim का दर्जा नहीं मांग सकता। वह सिर्फ मुसलमान है, बस इतना ही।"
2. कोर्ट की दलीलें।
• BCM जातियाँ जन्म से तय होती हैं: तमिलनाडु में BCM कैटेगरी में 7 समुदाय हैं - Ansar, Dekkani Muslims, Dudekula, Labbais (Rowther, Marakkayar समेत), Mapilla, Sheik और Syed । ये समुदाय जन्म से मिलते हैं। धर्म बदलने से कोई इन 7 में शामिल नहीं हो सकता । •
इस्लाम में जाति नहीं: कोर्ट ने कहा इस्लाम समानता सिखाता है और सामाजिक पदानुक्रम नहीं मानता। भले ही व्यवहार में कुछ बिरादरियाँ बन गई हों, पर वे जन्म आधारित हैं, धर्मांतरण से नहीं मिलतीं ।
• 1951 का फैसला आधार: 1951 के मद्रास HC के फैसले का हवाला दिया - जब कोई हिंदू इस्लाम अपनाता है तो वह सिर्फ मुसलमान बनता है, Labbai, Rowther, Marakkayar या Syed नहीं । • कार्यकारी आदेश न्यायिक फैसलों को नहीं पलट सकता: सरकार का 2024 का आदेश सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पहले के फैसलों के खिलाफ था, इसलिए असंवैधानिक है ।
3. केस की पृष्ठभूमि
यह फैसला Sameer Ahamed (पहले Paramasivam) की याचिका पर आया। वे हिंदू परिवार में जन्मे, 2015 में इस्लाम कबूला और 'Muslim Lebbai' का सर्टिफिकेट मांगा। तहसीलदार ने मना किया तो हाईकोर्ट गए । 2024 के GO के बाद उन्होंने फिर दावा किया, पर कोर्ट ने GO ही रद्द कर दिया ।
2015 में मोदी सरकार ने शेख हसीना सरकार के साथ मोंगला पोर्ट को विकसित करने का समझौता किया। तख्ता पलट के बाद मोहम्मद yुनुस ने इस समझौते को रद्द कर दिया था।
तारिक रहमान की सरकार में मोंगला पोर्ट को विकसित करने की जिम्मेदारी चीन को सौंप दी है।
मोंगला पोर्ट भारत की सीमा से सिर्फ 80 किलोमीटर दूर है।
अभी कल ही मोदी सरकार ने बांग्लादेश के लिए वीजा बहाल कर दिया था।
बिजली, डीजल गैस सप्लाई समेत कई सहूलियतें भारत ने बांग्लादेश को दे रखी है।
अब भारत को क्या करना चाहिए,?
#WATCH Bidhannagar, West Bengal: An FIR was registered against former Kolkata Deputy Mayor Atin Ghosh, his daughter, and others regarding assault and property-related issues.
Complainant Kamalini Paul says, "I had a house that my father had transferred to my name before he passed away... Atin Ghosh really liked the house, but I didn't want to sell it. He wanted to forcibly take the house from me. He forcibly came to the house, made me sign, and took possession of the house. He kept the house with him for 7 years..." (25.06)
मोहर्रम के मौके पर "ले फिर" लिखा हुआ बोर्ड कार पर चिपकाया और क्रेन से लटका कर हवा में बम से उड़ा दिया।
उज्जैन पुलिस की ATS टीम ने 3 लोगों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। "ले फिर" किसके लिए लिखा था? बम कहां से आया?
युगांडा और नाइजीरिया जैसे असंख्य देशों में सर्वाधिक ईसाईयत मानने वाले क्रिश्चियन लोग हैं जो सैकड़ों वर्षों से आज भी भूखे मर रहे हैं...
इनके सिस्टर मदर और फादर वहां चावल कि बोरियां देने नहीं जाते...
वहां न स्कूल हैं..
ना अस्पताल है...
इनके सिस्टर मदर और फादर वहां स्कूल और अस्पताल नहीं खोलते...
इन धूर्त मिशनरियों को केवल भारत में ही सेवा देनी है...
क्यूं... समझ जाईये और इनसे दूर रहिये
उज्जैन के पास से मुहर्रम का जुलूस निकल रहा था..उसमें एक वैन को क्रेन से टांगकर उसमें ब्लास्ट कर दिया गया..
पुलिस ने शोएब खान, तालीम खान, जाहिद खान और क्रेन के मालिक गोपाल माली के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
🚨 निशांत कुमार एक्शन मोड में
अचानक निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल के अनुपस्थित पाए जाने पर उन्हें पद से हटा दिया गया।
निशांत कुमार ने इस लापरवाही पर कड़ी नाराज़गी जताते हुए जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 🔥
विकास के दुश्मन थे नक्सली!
78 साल बाद नक्सल मुक्त हुआ खैरागढ़ गांव, तब जाकर गांव में पहुंची बिजली!
जरा सोचिए, इन 78 सालों में गांव के लोगों का जीवन कितने अंधकार में बीता होगा!
जरा सोचिए, इन 78 सालों में कितने बच्चों का भविष्य शिक्षा के बिना अंधकार से भर गया होगा!
आपको समझ में आ जाना चाहिए की इन गंदे कॉकरोचो को पाल पोसकर भारत में भेजने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर के डीप स्टेट एलिमेंट्स है।
वरना अभिजीत दीपके का इंटरव्यू लेने अंतरराष्ट्रीय स्तर का लेफ्टिस्ट मीडिया भारत में क्या करने आया है?
इन्होंने आज तक तो किसी अन्य धरना प्रदर्शन के लिए किसी नेता का इंटरव्यू नहीं लिया। यहां तक की वोट चोरी कर का आरोप लगाने वाले राहुल गांधी को भी इन्होंने कभी नहीं पूछा।
1 महीने पहले तक अभिजीत दीपके को कोई जानता भी नहीं था। अब सुर्खियों में आ गया है।
एयर इंडिया बम धमाके के पीछे थे खालिस्तानी!
41 साल बाद कनाडा का सबसे बड़ा कबूलनामा।
एयर इंडिया फ्लाइट 182 बम विस्फोट में 329 निर्दोष लोगों की हत्या के 41 वर्ष बाद कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा ने पहली बार स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि यह आतंकवादी हमला कनाडा स्थित खालिस्तानी चरमपंथियों द्वारा अंजाम दिया गया था।
23 जून 1985 को हुए घातक बम विस्फोट में 329 निर्दोष लोगों की जान लेने वाले आतंकवादी हमले के 41 वर्ष बाद कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा (CSIS) ने आखिरकार स्पष्ट शब्दों में कनाडा स्थित खालिस्तानी चरमपंथियों को इस हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया है।